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नेशनल हेराल्ड मामले में ‘सोनिया गांधी एंड फैमिली’ ने की धोखाधड़ी!

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नेशनल हेराल्ड मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब ये खबर भी सामने आ गई है कि हेराल्ड हाउस पर कब्जे के लिए सोनिया गांधी एंड फैमिली ने जबरदस्त धोखाधड़ी की है। वेब पोर्टल  Pgurus.com में छपी खबर के अनुसार नेशनल हेराल्ड अखबार प्रकाशित करने वाली कंपनी Associated Journals Limited (AJL) को भेजे गए कारण बताओ नोटिस में इसका खुलासा हुआ है। इसके अनुसार अखबार के स्टाफ ने भी जनवरी 2013 में सोनिया गांधी द्वारा नियंत्रित यूपीए सरकार द्वारा पट्टा आवंटन details को बदलने के बारे में मंत्रालय की जांच टीम से झूठ बोला था।

आपको बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा मार्च, 2018 में की गई शिकायत के बाद शहरी विकास मंत्रालय ने जांच शुरू की थी। शिकायत में सरकार से पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करने के लिए Associated Journals Limited (AJL) से हेराल्ड हाउस वापस लेने का आग्रह किया गया था।

कारण बताओ नोटिस  के ब्योरे से पता चलता है कि नई दिल्ली के आईटीओ में प्रेस एन्क्लेव एरिया में आधे एकड़ भूमि को नेशनल हेराल्ड अखबार प्रखासन के लिए 1962 में लगभग 50,000 रुपये में आवंटित किया गया था।

स्पष्ट है कि सितंबर 2017 में नेशनल हेराल्ड, जो अप्रैल 2008 तक पहले डेली न्यूज पेपर था, द्वारा नए साप्ताहिक को लॉन्च किया गया था। जाहिर है कि यह सोनिया और राहुल गांधी की फर्म ‘दि यंग इंडियनट द्वारा कब्जाए गई हजारों करोड़ मूल्य की संपत्ति को बचाने के लिए सिर्फ एक धोखाधड़ी थी।

सोनिया-राहुल पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार 
नेशनल हेराल्ड घोखाधड़ी मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर शिकंजा कसता जा रहा है। इस केस में आयकर विभाग द्वारा ढाई सौ करोड़ रुपये जुर्माना किए जाने के बाद अब दिल्ली में स्थित नेशनल हेराल्ड के मुख्यालय यानि नेशनल हेराल्ड हाउस पर जब्ती की तलवार लटक गई है। पॉयनियर अखबार की खबर के अनुसार शहरी विकास मंत्रालय ने नेशनल हेराल्ड हाउस जब्त करने को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नोटिस भेजा है। मंत्रालय के इस नोटिस के बाद राहुल और सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

सोनिया-राहुुल ने गैरकानूनी तरीके से किया एजेएल का अधिग्रहण
जाहिर है कि सोनिया और राहुल गांधी के मालिकाना हक वाली कंपनी यंग इंडिया कंपनी ने गैर-कानूनी रूप से नेशनल हेराल्ड की प्रकाशन कंपनी एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (एजेएल) का अधिग्रहण किया था। उसी समय भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने यंग इंडिया के मालिक सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दायर कर दिया था। उसकी सुनवाई अभी जारी है। आयकर विभाग ने कुछ महीने पहले कर चोरी के मामले में सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ 250 करोड़ रुपये जुर्माने का नोटिस जारी किया था। अभी यह मामल सुलझा भी नहीं था कि शहरी विकास मंत्रालय ने नेशनल हेराल्ड हाउस जब्त करने का नोटिस जारी कर दिया है। 

हेराल्ड हाउस में 10 वर्षों से बंद है अखबार छपाई का काम
मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक नेशनल हेराल्ड मामले में साफ धोखाधड़ी मिलने और उसकी पुष्टि होने के बाद ही शहरी विकास मंत्रालय ने हेराल्ड हाउस को जब्त करने का फैसला किया है। मंत्रालय ने यंग इडिया को इसे खाली करने को कह दिया है। मंत्रालय ने यह नोटिस एजेएल को दिया है। क्योंकि इसी कंपनी को अखबार छापने के उद्देश्य से 50 के दशक में सस्ते दरों पर जमीन दी गई थी। मंत्रालय ने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि दिल्ली स्थित आईटीओ के जिस प्रेस इंक्लेव इलाके में हेराल्ड हाउस है, वहां पिछले दस सालों से अखबार प्रकाशन का काम बंद है, जो जमीन आवंटित करने के नियम के खिलाफ है।

जांच में यह भी पाया गया है कि पिछले आठ साल से सोनिया गांधी और राहुल गांधी के स्वामित्व वाली कंपनी यंग इंडियन (YI) ही हेराल्ड हाउस को नियंत्रित कर रही थी। इतना ही नहीं पासपोर्ट सेवा केंद्र को उसके दो तल किराए पर देकर उससे प्रति महीने 80 लाख रुपये कमा रही थी। इसी मामले में आयकर विभाग ने 2017 के दिसंबर में सोनिया और राहुल गांधी के स्वामित्व वाली कंपनी यंग इंडियन के खिलाफ 250 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जब सोनिया गांधी आयकर विभाग के जुर्माने को हाईकोर्ट में चुनौती दी तो दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करने के लिए 10 करोड़ रुपये अग्रिम जमा करने को कहा था। अब सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका के आधार पर शहरी विकास मंत्रालय ने एजेएल को हेराल्ड हाउस खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है।

प्रियंका गांधी पर कसा आयकर विभाग का शिकंजा
प्रियंका गांधी वाड्रा भी आयकर विभाग के शिकंजे में आ गई हैं। नेशनल हेराल्ड मामले हुए करोड़ों के घपले में  प्रियंका गांधी का भी नाम सामने आया है। आयकर विभाग ने गांधी परिवार द्वारा संचालित यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड को नेटिस भेजा है, जिसके मुताबिक सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी ने नेशनल हेराल्ड प्रकाशित करने वाली कंपनी Associated Journals Limited (AJL)) की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आयकर विभाग ने AJL को 90 करोड़ रुपये का ऋण देने के कांग्रेस के दावे को पूरी तरह से फर्जी बताया है, साथ ही यंग इंडियन द्वारा किए गए अधिग्रहण को “पूर्व नियोजित कर चोरी”, धोखाधड़ी और हवाला की प्रकृति का माना है।

आयकर विभाग के मुताबिक प्रियंका गांधी ने रत्तन दीप ट्रस्ट और जनहित निधि ट्रस्ट के जरिये AJL के 47,513 और 2,62,411 अतिरिक्त शेयर खरीदे और इस तरह से यंग इंडियन का AJL पर पूरा स्वामित्व हो गया। यंग इंडियन के अधिकतर शेयर पहले से ही सोनिया और राहुल गांधी के पास थे। अपने 105 पन्नों के Assessment Order में, आईटी विभाग ने यंग इंडिया की वास्तविक कर योग्य आय 414 करोड़ रुपये से अधिक की घोषित कर दी है और उसके बाद कंपनी के कर छूट प्रमाणपत्र को भी रद्द कर दिया है।

दरअसल, बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने 20 जनवरी को नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार पर ‘आयकर बम’ फोड़ा था और इसमें सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा को भी लपेटे में लिया था। स्वामी ने शनिवार को इस मामले से जुड़े आयकर के दस्तावेजों को कोर्ट में सौंपा था। स्वामी ने दावा किया कि नेशनल हेराल्ड की 2 हजार करोड़ की संपत्ति के अधिग्रहण में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी ने भी अहम भूमिका निभाई। इसी के बाद आयकर विभाग ने गांधी परिवार को नया नोटिस जारी किया है।

क्या है नेशनल हेराल्ड स्कैंडल ?
गांधी परिवार पर अवैध रूप से नेशनल हेराल्ड की मूल कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्ति हड़पने का आरोप है। वर्ष 1938 में कांग्रेस ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी। यह कंपनी नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज नाम से तीन अखबार प्रकाशित करती थी। एक अप्रैल, 2008 को ये अखबार बंद हो गए।

मार्च 2011 में सोनिया और राहुल गांधी ने ‘यंग इंडिया लिमिटेड’ नाम की कंपनी खोली और एजेएल को 90 करोड़ का ब्याज-मुक्त लोन दिया। एजेएल यंग इंडिया कंपनी को लोन नहीं चुका पाई। इस सौदे की वजह से सोनिया और राहुल गांधी की कंपनी यंग इंडिया को एजेएल की संपत्ति का मालिकाना हक मिल गया।

इस कंपनी में मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के 12-12 प्रतिशत शेयर हैं, जबकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के 76 प्रतिशत शेयर हैं।
गांधी परिवार पर अवैध रूप से इस संपत्ति का अधिग्रहण करने के लिए पार्टी फंड का इस्तेमाल करने का आरोप लगा। इस मामले में सोनिया और राहुल के विरुद्ध संपत्ति के बेजा इस्तेमाल का केस दर्ज कराया गया। अब इसी मामले में आयकर विभाग ने प्रियंका गांधी की संलिप्तता भी पाई है।

 

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