Home चुनावी हलचल अखिलेश का मेनिफेस्टो गरीबों को और गरीब बनाने की साजिश तो नहीं!

अखिलेश का मेनिफेस्टो गरीबों को और गरीब बनाने की साजिश तो नहीं!

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एक कहावत है अगर आप किसी व्यक्ति का एक दिन पेट भरना चाहते हैं तो उसे एक मछली दे दीजिए, किंतु अगर आप उसका पेट हमेशा के लिए भरना चाहते हैं तो उसे मछली पकड़ना सिखा दीजिए।

चुनावी मौसम है, ऐसे में इस बात पर बहस जरूरी है कि तमाम पार्टियां जो मेनिफेस्टो जारी कर रही हैं, वो मछली दे रही हैं या फिर मछली पकड़ना सिखा रही है। हम इस लेख में मोदी सरकार और अखिलेश के मेनिफेस्टो पर आकलन करेंगे और दिखाएंगे कि किनकी योजनाओं में आपकी जिंदगी का भविष्य छिपा है। 

प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद से ही पीएम नरेंद्र मोदी लोगों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। ऐसी कई योजनाएं चला रहे हैं जिससे लोग दूसरे पर निर्भर ना रहकर खुद कमा सकें। देखिए सिर्फ ढ़ाई साल में ही काम के कुछ उदाहरण-

 

  • देश के डेढ़ करोड़ गरीबों के जीवन से छंटा धुआं, गरीब महिलाओं को मिला मुफ्त LPG सिलेंडर, तीन साल में पांच करोड़ लोगों को सिलेंडर देने लक्ष्य
  • जनधन के जरिए 26 करोड़ गरीबों के खुलवाए खाते, जनवरी 2017 तक जमा हुए 70 हजार करोड़
  • सवा लाख गांवों को मिली खुले शौच से मुक्ति , 2019 तक 3.20 करोड़ घरों में बनेंगे शौचालय
  • एक करोड़ गरीबों को मिलेंगे पक्के मकान, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 2022 तक सबको आवास
  • बिजली पहुंचने से जगमग हुए 99 फीसदी गांव, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में लगभग 6 लाख गावों में पहुंची बिजली
  • मोदी सरकार में 3.98 लाख लोगों को मिला कौशल प्रशिक्षण
  • मोदी राज में 2 लाख से ज्यादा प्रशिक्षित ग्रामीणों को मिले रोजगार
  • चार करोड़ से ज्यादा किसानों को मिले स्‍वायल हेल्‍थ कार्ड

जहां प्रधानमंत्री मोदी देश के सवा सौ करोड़ लोगों को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं, वहीं समाजवादी पार्टी लोगों को नकारा बना देना चाहती हैं। इसकी एक झलक आप समाजवादी पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए जारी मेनिफेस्टो में देख सकते हैं। समाजवादी पार्टी ने एक करोड़ परिवारों को हर महीने एक हजार रुपए की पेंशन, महिलाओं को रोडवेज बसों के लिए किराए में आधी छूट और गरीब महिलाओं को प्रेशर कुकर देने का वादा किया है। घोषणापत्र में कहा गया है कि छात्रों को स्मार्टफोन देने का काम जारी रहेगा, गरीबों को मुफ्त चावल-गेहूं दिया जाएगा, प्राथमिक स्कूल के छात्रों को मुफ्त एक किलो घी, एक लीटर दूध पाउडर मिलेगा।

  • मुफ्त…मुफ्त…मुफ्त क्या इसके जरिए समाजवादी पार्टी राज्य की जनता को मुफ्तखोर बनाना चाहती है?
  • रोजगार देने की जगह बेरोजगारी बढ़ाना चाहती है?
  • सपा चाहती है कि लोग अपने पैरों पर खड़ा ही ना होने पाए?
  • पार्टी लोगों के स्वाभिमान को खत्म कर देना चाहती है?
  • पार्टी मतदाताओं को नकारा बनाकर हमेशा के लिए पिछड़ा बनाए रखना चाहती है?
  • पार्टी लोगों को याचक बनाकर रखना चाहती है?

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी यही कर रही है। गरीबों को और गरीब बनाने की साजिश कर रही है यूपी की अखिलेश सरकार। हमेशा के लिए रोजगार देने के बजाय लॉलीपॉप पकड़ा रही है। खैरात देकर वोट लेना चाहती है। राज्य में ऐसे बेरोजगारों का फौज बनाना चाहती है जो सरकारी रहमो-करम पर निर्भर रहे और वोटबैंक बना रहे।

समाजवादी स्मार्टफोन के जरिए यूपी के युवाओं को लालच देकर सत्ता पाने की जुगत में है लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को शायद मालूम नहीं है कि यूपी का युवा स्वाभिमानी है। वह लालच में आने वाला नहीं है। कुपोषण और तंगहाली से जूझ रहे प्रदेश के लोगों के लिए ठोस काम न कर पाने वाली सरकार ने एक बार फिर सब्जबाग दिखाया है।

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