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राज्यसभा ने रचा शून्यकाल का नया इतिहास

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अकसर कहा कहते हैं कि सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए मुझे बहुत छोटे-छोटे काम करना है। छोटे-छोटे काम करते रहने का ही असर है कि वैश्विक स्तर पर भारत की छवि हर स्तर पर बेहतर हुई है। इसका असर 2 जनवरी, 2018 को राज्यसभा में भी शीतकालीन सत्र में देखने को मिला। राज्यसभा ने एक छोटा-सा इतिहास रचा है जो अपने आप में अनोखा और अजूबा है।

राज्यसभा के शून्यकाल पूरा होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने अनोखे रिकार्ड की चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि शून्यकाल और विशेष उल्लेख के जरिए उठाए गए सभी स्वीकृत विषय पूरे हुए हैं। यह सदस्यों के सहयोग के कारण ही संभव हो सका है। सभापति नायडू की इस घोषणा का स्वागत सभी सदस्यों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया। 

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