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प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को दिया IPPP यानी Innovate, Patent, Produce और Prosper का मंत्र

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“मैं कहता हूं कि IPPP यानी Innovate, Patent, Produce और Prosper ये चार सीढ़ियां हैं, जिन पर चलते हुए हमारे देश का विकास और तेजी से हो सकता है। जितना हम इनोवेट करेंगे, जितना जल्दी उन इनोवेशन को पेटेंट कराएंगे, उनके प्रोडक्शन की राह आसान बनाएंगे और जितना जल्दी उसे लोगों तक पहुंचाएंगे उतना ही Prosper भी होंगे।“

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन-2018 के ग्रैंड फिनाले में देशभर के 28 केंद्रों में उपस्थित हजारों विद्यार्थियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार इनोवेशन को प्रोत्साहित कर रही है। अटल इनोवेशन मिशन यानी AIM के माध्यम से देश में इनोवेशन एवं एंटरप्रोन्योरशिप का कल्चर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने का है, जो छात्रों को कम आयु में ही भविष्य की तकनीकों से परिचित कराए। सरकार का प्रयास है कि छात्रों को आर्टिफिशिलय इंटेलीजेंस, ब्लॉक चेंज टेक्नोलॉजी, थ्रीडी और रोबोटिक्स का अनुभव लेने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़े। कम उम्र में ही इनोवेशन का माइंडसेट तैयार करने के लिए सरकार ने देशभर के करीब 2,400 स्कूलों को चुना है और भविष्य में इन स्कूलों की संख्या को बढ़ाकर 30 हजार तक ले जाना चाहती है।

प्रतिभावान छात्रों के लिए प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फैलोशिप
प्रधानमंत्री ने बताया कि अटल टिंकरिंग लैब्स योजना के तहत कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों पर फोकस किया जा रहा है। इन लैब्स में एजुकेशनल एंड लर्निंग पर काम करते हुए बच्चों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि कम उम्र में ही यदि एक बार इनोवेटिव माइंडसेट बन गया तो फिर आगे कोई दिक्कत नहीं आती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हायर टेक्निकल एजुकेशन के दौरान रिसर्च को प्रोत्साहित करने के लिए एक अहम फैसले का ऐलान इस बार के बजट में किया गया है। बजट में सरकार ने PMRF यानी प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फैलोशिप की घोषणा की है। इसके तहत आईआईटी, आईआईएससी, एनआईटी जैसे संस्थानों के बीटेक, एमटेक, और एमएससी के प्रतिभाशाली छात्रों को प्राइम मिनिस्टर फेलोशिप दी जाएगी। हर साल 1,000 छात्रों को इसके लिए चुना जाएगा, इन छात्रों को 5 साल तक हर महीने 70 से 80 हजार की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेस और सेमिनार में वो अपने रिसर्च पेपर रख सकें, इसके लिए दो लाख रुपये की रिसर्च ग्रांट भी सरकार देगी।

उच्च शिक्षा को बढ़ाने से खुलेगा तरक्की का रास्ता
पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जिन देशों ने तेजी से तरक्की की, उन देशों ने उच्च शिक्षा के विकास पर बहुत ध्यान दिया। बड़े संस्थानों में हुए इनोवेशन इकोनॉमिक ग्रोथ का भी आधार बनते हैं। यही वजह है कि सरकार का जोर देश में उच्च शिक्षा संस्थानों को ज्यादा से ज्यादा स्वायत्तता देने का है। सरकार देश में वर्ल्ड क्लास 20 इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनाने पर भी काम कर रही है। इनमें से चुने गए पब्लिक सेक्टर के 10 संस्थानों को कुल 10 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता भी सरकार द्वारा दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ सरकार भविष्य के लिए इकोसिस्टम तैयार कर रही है, वहीं स्टार्ट अप इंडिया जैसी स्कीम के तहत नए स्टार्ट अप और इंटरप्रेन्योर तैयार करने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्टार्ट अप इंडिया स्कीम लॉच होने के बाद से अब तक 6000 स्टार्ट अप को मंजूरी दी जा चुकी है।

पिछली सरकार की तुलना में तीन गुना ज्यादा पेटेंट
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इनोवेशन के कल्चर के साथ ही वर्ल्ड चैलेंज को देखते हुए खुद को ढालना बहुत जरूरी है। जब हल्दी, बासमती जैसे पेटेंट दूसरे देशों ने करा लिए थे, वह बहुत ही कष्टकारी था। श्री मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने पेटेंट की व्यवस्था सुधारने के लिए कई फैसले लिए हैं और इसी का परिणाम है कि 2013-14 में जहां 4,000 पेटेंट रजिस्टर होते थे, वहीं इस वर्ष फरवरी तक 11,300 से ज्यादा पेटेंट रजिस्टर हुए हैं। यानी पहले की सरकार के मुकाबले अब करीब तीन गुना ज्यादा पेटेंट रजिस्ट्रेशन हो रहा है। इसी प्रकार ट्रेड मार्क रजिस्ट्रेशन भी तीन साल में तीन गुना बढ़ गया है। 2013-14 में जहां 68,000 ट्रेड मार्क रजिस्ट्रेशन होते थे, वहीं अब यह आंकड़ा डाई लाख से ऊपर जा चुका है।

मेक इन इंडिया बना ब्रांड
प्रधानमंत्री ने कहा कि इनोवेशन और पेटेंटिंग के साथ ही प्रोडक्शन पर भी सरकार का पूरा जोर है। मेक इन इंडिया एक ऐसा ब्रांड बन गया है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हैं। श्री मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि 4 साल पहले देश में मोबाइल फोन बनाने वाली सिर्फ 2 फैक्ट्री थीं, आज 4 साल के भीतर देश ने जो गति पकड़ी है उसी की बदौलत आज देश में मोबाइल बनाने वाली 120 फैक्ट्री काम कर रही हैं।

रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने वाले हों इनोवेशन
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब इनोवेशन, पेटेंट और प्रोडक्शन अपनी पूरी गति पकड़ते हैं तभी prosperity यानी समृद्धि आने की गति भी तेज हो जाती है। श्री मोदी ने छात्रों से कहा कि इनोवेशन में देश और समाज के कल्याण का ध्यान रखना चाहिए। आखिर इनोवेशन किसके लिए यह बड़ा सवाल है, क्या हमारे स्वयं के लिए, क्या देश के लिए, या देश के गरीब दुखी बंधुओं के लिए, अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए या देश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए। श्री मोदी ने कहा कि इंटरनेशनल गैजेट के अंदर पेपर छप जाने से क्या होगा, असली संतोष तो तब मिलेगा जब कोई आविष्कार देश के काम आने वाला बने। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इस बारे में भी विचार किया जाना चाहिए किए ऐसे इनोवेशन क्या हों, जो देश के लिए काम आएं, देश की समस्याओं का समाधान करें। श्री मोदी ने स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन की तरह ही देश में मल्टीपल हैकेथॉन आयोजित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हेल्थ, लॉ, आर्किटेक्टर, रूरल, एग्रीकल्चर हैकेथॉन आयोजित होने से नई प्रतिभाओं को प्लेटफार्म मिलेगा। इनके जरिए पब्लिक ट्रांस्पोर्टेशन, पब्लिक सेनिटेशन, स्वच्छता से जुड़े हुए नए इनोवेशन सामने आएंगे और इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी।

युवाओं के जोश और जज्बे की तारीफ की
प्रधानमंत्री ने स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन में शामिल युवाओं के जोश, उमंग और जज्बे की तारीफ करे हुए कहा कि आज की जेनेरेशन जब नेशन बिल्डिंग के लिए इस तरह के प्रयास में जुटती है, तो न्यू इंडिया का इरादा और मजबूत हो जाता है। श्री मोदी ने कहा कि वह कभी युवा सीईओ, वैज्ञानिकों, ब्यूरोक्रेट, प्रोफेशनल्स से मिलने का मौका जाने नहीं देते हैं, क्योंकि युवाओं का उत्साह और ऊर्जा ही न्यू इंडिया को साकार करने का सबसे बड़ा ड्राइविंग फोर्स है। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया की कोई भी चुनौती इस देश के 125 करोड़ लोगों की इच्छा शक्ति और श्रम शक्ति से कतई बड़ी नहीं है। जिस देश में 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की हो, उस देश के लोग ठान लें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

सपने पूरा करने के लिए पुरजोर प्रयास करें
प्रधानमंत्री ने कहा कि सवाल ये भी है कि न्यू इंडिया का यह ट्रांसफोर्मेशन क्या कुछ सीमित प्रयासों से संभव है। ऐसा नहीं है, इसके लिए समस्याओं की जड़ तक जाकर उसके समाधान के लिए नए तौर तरीके, नए रास्ते खोजना आवश्यक है। श्री मोदी ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन जैसे आयोजनों को युवाओं को कुछ नया करने और देश के विकास में अपने भागीदारी दिखाने का अवसर मिलता है। पिछले वर्ष इसमें जहां 40 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया था, वहीं इस वर्ष एक लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। प्रधानमंत्री ने हैकेथॉन में शामिल विद्यार्थियों से कहा कि ‘जितने सपने आप देखना चाहें देखिए, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए कदम भी अवश्य उठाइए, किसी भी सपने को मरने मत दीजिए। जब हौसला सपने को पूरा करने के लिए कुछ भी कर गुजरने का होगा, तभी आप लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे।‘ पीएम मोदी ने कहा कि ‘हमारी और आपकी पीढ़ी को देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ने का मौका तो नहीं मिला, लेकिन देश के लिए जीने का सौभाग्य मिला है। आप सभी अपनी प्रतिभा, सामर्थ्य देश के लिए लगाइए और टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल कैसे हो, इसके बारे में निरंतर सोचते रहिए और प्रयास करते रहिए।‘ प्रधानमंत्री ने देशभर के 28 शहरों में युवाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद भी किया और उनके इनोवेशन के बारे में जानकारी भी ली।

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