Home नरेंद्र मोदी विशेष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पीएम मोदी में हैं काफी समानताएं

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पीएम मोदी में हैं काफी समानताएं

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विचारों में रचनाशीलता, विकासशील विजन, दमदार नेतृत्व के साथ सम्पूर्ण देश के लिए समग्र दृष्टि, ये ऐसी बातें हैं जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच समानताओं को दर्शाती हैं। लगातार नकारात्मक वातावरण के बावजूद सकारात्मक राजनीति करने के साथ आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सामरिक मामलों में भी दोनों शख्सियतों की एक समान सोच रही है। आइये हम उन पहलुओं पर दृष्टि डालते हैं जो ये बताते हैं कि कई मामलों में दोनों का व्यक्तित्व एक जैसा है।

घर-परिवार का त्याग

अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देश सेवा के लिए अपने घर-परिवार का त्याग कर दिया था। वहीं पीएम मोदी को भी देश सेवा की ऐसी लगन लगी कि उन्होंने अपना घर-बार दिया।  

कर्मठता एवं परिश्रम

वाजपेयी जी ने 1999 में पहली बार देश को ऐसी गैर कांग्रेसी सरकार दी जिसने 5 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया। पीएम मोदी ने पहली बार देश को सम्पूर्ण बहुमत वाली गैर कांग्रेसी सरकार दी।

ईमानदारी एवं शुचिता

50 वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में रहने के बाद भी वाजपेयी जी पर भ्रष्टाचार के दाग नहीं लगे। वहीं 15 वर्ष सीएम और 50 महीने तक पीएम रहने के बावजूद नरेन्द्र मोदी पर कोई आरोप नहीं है। 

निर्णय क्षमता और साहस

अटल जी ने पोखरण विस्फोट किया और कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाई। पीएम मोदी ने नोटबंदी और जीएसटी जैसे साहसिक निर्णय लिए और सर्जिकल स्ट्राइक किया।

सहयोग और सामंजस्य

अटल बिहारी वाजपेयी ने विभिन्न विचारों वाले 22 दलों के साथ 5 साल सरकार चलाई थी। इसी तरह पीएम मोदी वर्तमान में 33 दलों के साथ सफलतापूर्वक 5 साल पूरा करने जा रहे हैं।

दूरदर्शी विजन- कल्याणकारी मिशन

वाजपेयी जी ने PMGSY से गांव-गांव को जोड़ा। स्वर्णिम चतुर्भुज और ईस्ट वेस्ट कोरिडोर बनवाए। वहीं पीएम मोदी ने भारत माला, सागर माला, उड़ान जैसी योजनाओं से इन्फ्रास्टक्चर को बड़ा फलक दिया।

अंत्योदय की अवधारणा

अटल जी ने समाज के सबसे गरीब व्यक्ति के कल्याण के लिए अंत्योदय योजना चलाई। वहीं पीएम मोदी ने सबसे गरीब व्यक्ति के घरों में शौचालय बनवाए, गैस और बिजली कनेक्शन पहुंचवाए।

हाजिर जवाब

अटल बिहारी वाजपेयी बेहद हाजिर जवाब थे, उसी तरह किसी भी सवाल का जवाब प्रधानमंत्री मोदी की जुबान पर रहता है।

मातृ प्रेम

वाजपेयी जी अपनी माता के बेहद करीब थे, ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी माता जी से बेहद जुड़े हुए हैं।

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