Home नरेंद्र मोदी विशेष ईज ऑफ लिविंग का महत्वपूर्ण माध्यम है टेक्नोलॉजी : प्रधानमंत्री मोदी

ईज ऑफ लिविंग का महत्वपूर्ण माध्यम है टेक्नोलॉजी : प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारत-इटली प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन से पहले इटली के प्रधानमंत्री गिउसेप कोंटे के साथ बैठक में व्यापार, निवेश समेत विविध विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह वर्ष इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्यों कि यह भारत और इटली के बीच राजनयिक संबंधों का 70वां वर्ष है और इसी साल Science और Technology के क्षेत्र में हमारे सहयोग को 40 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने टेक्नोलॉजी पर पर बोलते हुए कहा कि आज तकनीकी के बिना जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है। पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलाजी क्षेत्र में कई परिवर्तन हुए हैं, लेकिन एक टेक्नोलॉजी का प्रभाव समाज के आखिरी छोर तक पहुंचने से पहले ही बाजार में उससे अच्छी टेक्नोलॉजी उपलब्ध हो जाती है। ऐसे में सभी देशों के सामने बदलती हुई टेक्नोलॉजी के साथ चलने की चुनौती है, तो अनेक नए अवसर भी हैं।

श्री मोदी ने टेक्नोलॉजी को Ease of Living का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि सरकार ने टेक्नोलॉजी को सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण, समावेश, सक्षम सरकारी तंत्र और पारदर्शिता का जरिया बनाया है। सरकारी सेवाओं की आखिरी छोर तक डिलीवरी को टेक्नोलॉजी के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है। विशेषतौर पर डिजिटल टेक्नोलॉजी का एक व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, ताकि सामान्य जन को और आसानी से सुविधाओं का लाभ मिल सके। 

श्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया की सबसे बड़ी डीबीटी योजना भारत में चल रही है। आज सरकार की कई योजनाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। बर्थ सर्टिफिकेट से लेकर बुढ़ापे की पेंशन तक की अनेक सुविधाएं आज ऑनलाइन हैं। डिजिटल पेमेंट आजकल करीब ढाई सौ करोड़ ट्रांजेक्शन प्रति माह की रफ्तार से बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की 300 से अधिक सेवाओं को उमंग के माध्यम से एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। देशभर में 3 लाख से अधिक कॉमन सर्विंस सेंटर के माध्यम से गांव-गांव में ऑनलाइन सुविधाएं दी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने इनोवेशन को बढ़ावा दिया है। देशभर में अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से स्कूलों में Innovation के लिए, भविष्य की तकनीक के लिए Temperament विकसित किया जा रहा है। अटल Innovation Mission के माध्यम से देश भर में ऐसे युवाओं का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जो चौथी औद्योगिक क्रांति का मज़बूत स्तंभ बनेंगे। सरकार के इन तमाम प्रयासों का ही नतीजा है कि World Intellectual Property Orgnisation (WIPO) की ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 21 स्थान आगे आ गया है। आज दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत में है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में जो इनोवशन हो रहे हैं उनमें क्वालिटी को प्रमुखता दी जा रही है। आज भारत इटली समेत दुनिया के अनेक देशों के सैटेलाइट बहुत कम खर्च पर अंतरिक्ष में भेज रहा है। श्री मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था में से एक है। भारत का विशाल मार्केट, युवा जनसंख्या और टेक्नोलॉजी मिलकर दुनिया की ताकत का एक इंजन साबित होने वाला है। श्री मोदी ने कहा कि मैन्युफेक्चरिंग में इटली का नाम उत्तम क्वालिटी के लिए जाना जाता है। इसलिए भारत और इटली साथ मिलकर हाई क्वालिटी रिसर्च के क्षेत्र में मजबूती से कार्य कर सकते हैं और इसके माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए साझा प्रयास कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज भारत-इटली द्विपक्षीय Industrial Research and Development Cooperation कार्यक्रम के अगले चरण की शुरूआत की घोषणा करते हुए मुझे बहुत ही खुशी हो रही है। इससे हमारे उद्योग और रिसर्च संस्थान बिना किसी बाधा के नए उत्पाद और Prototypes विकसित कर सकेंगे। ‘Know how’, को समय की मांग है ‘Show how’ में परिवर्तित हो सके।”

प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि भारत और इटली, LAD यानि Life Style Accessories Design के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इसमें भी लेदर सेक्टर, Transportation & Automobile Designयानि TAD पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण, Renewable Energy, Life Sciences and Geo-hazards जैसे चुनिन्दा क्षेत्रों मेंकौशल पर आधारित Indo-Italian Centres of Excellence की स्थापना करेंगे। इनसे न सिर्फ उच्च श्रेणी के विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान और उद्योगआपस में जुड़ेंगे, बल्कि हमारे सामने आ रही चुनौतियों का तकनीकी समाधान भी निकाला जा सकेगा।

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