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विरोधी भी हुए पीएम मोदी के मुरीद, प्रकाश अंबेडकर ने कहा- 2024 तक हराना मुश्किल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अथक मेहनत से लोगों के दिल में जो खास जगह बनाई है, उससे विरोधी भी उनकी तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाते। दलित नेता प्रकाश अंबेडकर ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि साफ-सुथरी है और कांग्रेस 2024 तक बीजेपी को सत्ता से हटा नहीं सकती। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस श्री मोदी की छवि का मुकाबला नहीं कर सकती। प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि एक नेता के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की साफ-सुथरी छवि अब तक कायम है। प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों में कांग्रेस के दागदार अतीत की बातें करते हैं जिसका मुकाबला नहीं किया जा सकता। कांग्रेस 2024 तक बीजेपी को नहीं हरा सकती।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी नेतृत्व क्षमता और कार्यशैली से विरोधियों को भी अपना मुरीद बना लेते हैं।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने की तारीफ
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। विजयन ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर केरल के ओखी तूफान प्रभावित इलाकों में दौरा करने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 20 दिसंबर को तूफान प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राहत कार्यों का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप के लिए 325 करोड़ रुपये की वित्तिय मदद की घोषणा की। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तूफान से बर्बाद हुए 1400 घरों को फिर से बनाया जाएगा। विजयन ने संकट के समय तत्काल राहत के लिए प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा किया।

केरल के मुख्यमंत्री विजयन इसके पहले भी प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर चुके हैं। विजयन ने कुछ दिन पहले अक्टूबर में कोझीकोड में एक कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि राज्य के विकास के लिए फंड की कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ उनके राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विकास के मुद्दे पर दोनों एकमत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की मदद से जल्द ही राज्य की सड़कें दुरुस्त होंगी।

मुझसे बहुत बड़े नेता हैं पीएम मोदी-देवगौड़ा
”मैं 85 वर्ष का हूं और दोबारा प्रधानमंत्री बनने की मेरी महत्वाकांक्षा नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझसे बहुत बड़े नेता हैं।” The Economic Times में छपे इस इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने खुले मन से ये स्वीकार किया है कि पीएम मोदी से बड़ा नेता आज देश में नहीं है। दरअसल वर्तमान भारतीय राजनीति में पीएम मोदी वो चेहरा हैं जिनके आस-पास कोई अन्य नेता खड़ा हो पाने की हैसियत नहीं रखता है। सवा सौ करोड़ देशवासियों की आशा और आकांक्षा के प्रतीक बने पीएम मोदी महिलाओं, युवाओं के मन-मस्तिष्क पर तो छा ही चुके हैं, साथ ही देश के बाल मन पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ चुके हैं।

पीएम मोदी के मुरीद हैं शशि थरूर
चीन के साथ डोकलाम गतिरोध के शांतिपूर्ण समाधान को भारत की कूटनीतिक जीत करार देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पीएम मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि विदेश मंत्रालय के राजनयिकों और प्रधानमंत्री कार्यालय का कुशल नेतृत्व सभी को इसका श्रेय जाता है।

थरूर पहले भी कर चुके हैं पीएम की तारीफ
शशि थरूर पहले भी पीएम मोदी की कई बार तारीफ की है। थरूर मोदी की ऊर्जा और उत्साह से बेहद प्रभावित हैं। 26 अक्टूबर, 2016 को एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने पीएम मोदी की जमकर प्रशंसा की थी।

उमर अबदुल्ला ने की पीएम मोदी की प्रशंसा
डोकलाम विवाद में भारत की सफल कूटनीति को नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी सराहा। उन्होंने ट्वीट कर पीएम मोदी और उनकी टीम को बधाई देते हुए लिखा कि ये इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने बिना किसी गरज और धमक के चीन पर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी।

मोदी विरोध में विपक्षी एकता Myth है !
इससे पहले भी उमर अब्दुल्ला पीएम मोदी की प्रशंसा कर चुके हैं। यूपी चुनाव के बाद उमर अब्दुल्ला ने साफ कहा था कि विपक्षी एकता के ख्वाब देखने वाले 2019 का सपना देखना छोड़ दें और 2024 की तैयारी करें। इसके बाद उन्होंने सात अगस्त को भी एक ट्वीट किया जिसमें मोदी के विरुद्ध विपक्षी एकता को Myth करार दिया। हालांकि उनकी बात विरोधी दलों को रास नहीं आई थी। लेकिन उमर अब्दुल्ला अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं, सो पीएम मोदी की तारीफ भी उन्होंने खुलकर की।

नीतीश कुमार को भाता है पीएम मोदी का साथ
सितंबर 2013 में बिहार की सियासत ने नई करवट ली थी। ये वही समय था जब बीजेपी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा की थी। इसके बाद नीतीश कुमार ने उनके नाम पर असहमति जताते हुए एनडीए से अपना नाता ही तोड़ लिया था, लेकिन चार साल बाद नीतीश कुमार की एनडीए में ‘घर वापसी’ हो गई है। इस प्रकरण में सबसे खास यह रहा कि जिन पीएम मोदी के कारण नीतीश कुमार का एनडीए से नाता टूटा था, उन्हीं के कारण फिर से वह नाता वापस स्थापित हो गया है। 31 जुलाई को एक सवाल के जवाब में नीतीश ने खुलकर कहा कि 2019 में भी पीएम मोदी ही प्रधानमंत्री होंगे, उनकी जगह कोई और उस कुर्सी पर काबिज नहीं होगा। नीतीश के अनुसार पीएम मोदी के व्यक्तित्व का कोई मुकाबला करे ऐसी क्षमता आज किसी के पास नहीं है।

पीएम मोदी के दम खम से डरे वामपंथी !
वामपंथियों को बीजेपी और पीएम मोदी का धुर विरोधी माना जाता है। लेकिन बीते 3 अगस्त को वामपंथी नेता प्रकाश करात ने माकपा के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ के संपादकीय में पीएम मोदी की कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस वर्षों के अपने कुशासन और भ्रष्टाचार की वजह से बदनाम हो चुकी है, इसलिए वामपंथी और लोकतांत्रिक ताकतें देश की सबसे पुरानी पार्टी से गठबंधन करके भाजपा को रोकने की उपलब्धि नहीं हासिल कर सकती है।” उन्होंने कांग्रेस के साथ अन्य क्षेत्रीय दलों को भी कमजोर बताते हुए लिखा है कि अलग-अलग चरित्र वाली धर्मनिरपेक्ष पार्टियां गठबंधन बनाकर भी भाजपा के रथ को नहीं रोक सकती।

रामविलास पासवान हैं पीएम मोदी के प्रशंसक
27 फरवरी, 2014 को भी एक ऐसी ही सियासी हलचल हुई थी। रामविलास पासवान ने कांग्रेस और आरजेडी का साथ छोड़ एनडीए में शामिल होने का निर्णय लिया था। रामविलास पासवान एनडीए में आने से पहले नरेंद्र मोदी के विरोध की राजनीति करते रहे थे, लेकिन वर्तमान में पीएम मोदी का अगर सरकार में सबसे बड़े समर्थकों में से नाम चुनने को कहा जाए तो उनमें से रामविलास पासवान भी एक होंगे। दरअसल पीएम मोदी के व्यक्तित्व की विशेषता है कि उनके धुर विरोधियों को भी वे अपना बना लेते हैं।

रामदास अठावले को अच्छे लगते हैं पीएम मोदी
रामदास अठावले की आरपीआई जब 2012 में एनडीए का हिस्सा बनी थी तब प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की चर्चा तक नहीं थी, लेकिन ऐसा माना जाता था कि रामदास अठावले गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी के विरोधी थे। जब नरेंद्र मोदी का नाम पीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर आया तो वे उतने उत्साहित भी नहीं थे। लेकिन तीन साल से पीएम मोदी के साथ वे लगातार कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। आज संसद में कोई बहस होती है तो अपने मसखरे अंदाज से पीएम मोदी के समर्थन में सबसे अधिक खड़े रहते हैं। विरोधियों द्वारा पीएम मोदी के हर वार का प्रतिकार करते हैं। साफ है कि पीएम मोदी अपनी सकारात्मक सोच की बदौलत अपने धुर विरोधियों को भी अपना मुरीद बना लेते हैं।

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