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पीएम मोदी ने बताया जीएसटी का नया मतलब, किसानों को किया नमन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसून सत्र आरंभ होने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी के साथ मॉनसून सत्र नई सुगंध और नई उमंग से भरा रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीएसटी का मतलब है ‘ग्रोइंग स्ट्रॉन्गर टुगेदर’ यह एक साथ काम करने का दूसरा नाम है। पीएम मोदी ने कहा कि क्विट इंडिया मूवमेंट के 75 साल हो रहे हैं। इस समय लोगों के प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनने का मौका मिला है।

उन्होंने उम्मीद जताई की सभी राजनीतिक दल और सांसद राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए चर्चा करेंगे और अहम फैसले लेंगे। श्री मोदी ने कहा कि देशवासियों की नजर मॉनसून सत्र पर है। देश के किसानों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि सत्र के शुरुआत में उन किसानों को नमन करते हैं, तो इस मौसम में कठोर मेहनत कर देश की खाद्य सुरक्षा का इंतजाम करते हैं। मॉनसून सत्र 11 अगस्त तक चलना है।पढ़िए संसद के मानसून सत्र से पूर्व प्रधानमंत्री के वक्तव्य का मूल पाठ-

नमस्कार दोस्तों,

आज मानसून सत्र का प्रारंभ हो रहा है। गर्मी के बाद, पहली वर्षा एक नई सुगंध मिट्टी में भर देती है, वैसे यह मानसून सत्र जीएसटी की सफल वर्षा के कारण, पूरा सत्र नई सुगंध और नई उमंग से भरा हुआ होगा। जब देश के सभी राजनीतिक दल, सभी सरकारें सिर्फ और सिर्फ राष्‍ट्रहित के तराजू पर तोल करके निर्णय करती हैं, तो कितना महत्‍वपूर्ण राष्‍ट्रहित का काम होता है, वो जीएसटी में सफल और सिद्ध हो चुका है। ‘ग्रोइंग स्ट्रॉन्गर टुगेदर’ यह जीएसटी स्पिरिट का दूसरा नाम है। यह सत्र भी उस जीएसटी स्पिरिट के साथ आगे बढ़े।

यह सत्र अनेक रूप से महत्‍वपूर्ण है। 15 अगस्‍त को आजादी के सात दशक यात्रा पूर्ण कर रहे हैं। 09 अगस्‍त को सत्र के दरम्‍यान ही अगस्‍त क्रांति के 75 साल हो रहे हैं। ‘क्विट इंडिया मूवमेंट के 75 साल का यह अवसर है। यही सत्र है जब देश को नये राष्‍ट्रपति और नये उपराष्‍ट्रपति चुनने का अवसर मिला है। एक प्रकार से राष्‍ट्र जीवन के अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण घटनाओं से भरा हुआ यह कालखंड है। और इसलिए स्‍वाभाविक है कि देशवासियों का ध्‍यान हमेशा की तरह इस मानसून सत्र पर विशेष रहेगा।

जब हम मानसून सत्र का प्रारंभ कर रहे हैं तो उस प्रांरभ में, हम देश के उन किसानों को नमन करते हैं जो इस ऋतु में कठोर परिश्रम करके देशवासियों के खाद्य सुरक्षा का इंतजाम करते हैं और उन्‍हीं को नमन करते हुए यह सत्र का प्रारंभ होता है।

इस मानसून सत्र में मुझे विश्‍वास है कि सभी राजनीतिक दल, सभी मान्‍य सांसद गण राष्‍ट्रहित के महत्‍वपूर्ण फैसले ले करके, उत्‍तम स्‍तर की चर्चा करके, हर विचार में वैल्यू एडिशन करने का प्रयास, हर व्‍यवस्‍था में वैल्यू एडिशन का प्रयास हम सब मिल करके करेंगे, ऐसा मेरा पूरा विश्‍वास है।

आप सबका बहुत-बहुत धन्‍यवाद!

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