Home नरेंद्र मोदी विशेष चेतना और चिंतन से सशक्त होगी युवाशक्ति- प्रधानमंत्री मोदी

चेतना और चिंतन से सशक्त होगी युवाशक्ति- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि समाज के विकास के लिए भक्ति, शक्ति और जनशक्ति को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है, जिसपर भारत सेवाश्रम के संस्थापक आचार्य स्वामी प्रणवानंद जी महाराज अमल किया करते थे। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से शिलॉन्ग में भारत सेवाश्रम संघ के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आचार्य स्वामी प्रणवानंद जी महाराज के द्वारा मानव सेवा के लिए किए कार्यों और महान योगदान की चर्चा की। ये कार्यक्रम भारत सेवाश्रम संघ की सेवायात्रा के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किया गया था। इस दौरान प्रधानमंत्री संस्था द्वारा उत्तर-पूर्व में किए गए कार्यों की सराहना की और क्षेत्र के चौतरफा विकास और न्यू इंडिया के लिए स्वच्छता की आवश्यकताओं पर बहुत अधिक जोर दिया।

स्वामी प्रणवानंद जी को नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आचार्य स्वामी प्रणवानंद जी महाराज ने अपने दौर में देश में सोशल जस्टिस की आवाज उठाई थी। जाति-पाति, छुआछूत ने समाज को तोड़कर रखा है, उन्हें इसका अहसास था। पीएम ने कहा कि, प्रणवानंद जी महाराज ने आध्यात्म और सेवा को जिस तरह से राष्ट्र निर्माण के विजन के साथ जोड़ा था वो अतुलनीय है। पीएम के अनुसार प्रणवानंद कहते थे, “बिना आदर्श के जीवन मृत्यु के समान है। अपने जीवन में उच्च आदर्श स्थापित करके ही मानव ईश्वर की सही सेवा कर सकता है”। संसार में अपने लिए कौन नहीं जीता है, लेकिन जिसका जीवन परोपकार के लिए हो वही सच्चे अर्थ में जीवन है।

आध्यात्म के साथ सेवा की संस्कृति
पीएम ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में देश में ये मिथक बनाया गया है कि आध्यात्म और सेवा अलग-अलग हैं, कहा गया कि जो आध्यात्म के रास्ते हैं, वो सेवा से अलग हैं। लेकिन भारत सेवाश्रम संघ ने इसे गलत साबित कर दिया और दोनों को एक साथ आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुख और दर्द में सेवा करना पुण्य का कार्य है। शास्त्रों में बताया गया है कि पीड़ितों की सेवा बहुत पवित्र कार्य है और ये यज्ञ के बराबर है। प्रणवानंद कहते थे एक हाथ में भक्ति और एक हाथ में शक्ति होना चाहिए। बिना शक्ति के कोई मनुष्य किसी की रक्षा नहीं कर सकता और बिना भक्ति के वो भक्षक बन जाता है। शक्ति, भक्ति के साथ जनशक्ति को जन चेतना बनाना उन्होंने बाल अवस्था से ही शुरू कर दिया था।

भारत सेवाश्रम संघ के कार्यों की सराहना
श्री मोदी ने कहा कि 1923 में बंगाल में सूखा, फिर नोआखाली में दंगे, जलपाईगुड़ी में बाढ़, अंजार में भूकंप, आंध्रप्रदेश में चक्रवात हो या भोपाल गैस त्रासदी भारत सेवाश्रम संघ ने हर आपदा की घड़ी में पीड़ितों के बीच रहकर सेवा की है। पीएम ने कहा कि 2001 में जब गुजरात में भूकंप आया, 2004 में सुनामी आई और 2013 में उत्तराखंड की त्रासदी या तमिलनाडु में चक्रवात आया, संस्था ने हर जगह भक्तिपूर्वक सेवा की है। श्री मोदी ने कहा कि बाढ़ हो या सूखा भारत सेवाश्रम संघ के सदस्य पूरी तन्मयता से, सेवा भाव से मानव सेवा करते हैं। संकट के समय जब इंसान को सबसे अधिक आवश्यकता होती है तो ये पीड़ितों की सेवा में जुट जाते हैं। श्री मोदी ने आचार्य श्री प्रणवानंद जी के विचारों को उल्लेख करते हुए कहा कि, उनका कहना था कि मानव सेवा, महामिलन, महाजागरण, महामुक्ति और महासामान्य न्याय की तरह है। हमारे शास्त्रों में इसे तीर्थाटन की तरह बताया गया है।

डिजास्टर मैनेजमेंट में अहम योगदान
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब डिजास्टर मैनेजमेंट का काम नहीं होता था, तब ही इस संस्था ने इसका प्रबंधन सीख लिया था। इस संस्था ने प्राकृतिक आपदा हो या इंसान के आपसी संघर्ष का संकट हर मुश्किल घड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हर साल प्राकृतिक आपदा से हजारों जिंदगियां संकट में आती हैं। पिछले ही साल सरकार ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम बनाया है, उसके लिए नॉर्थ-ईस्ट में संस्था की सक्रियता का लाभ मिल सकता है।

स्वामी जी को गुरु मानते थे जनसंघ संस्थापक- पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी तो आचार्य प्रणवानंद जी महाराज को गुरु की तरह मानते थे। वो उनके विचारों से बहुत ही अधिक प्रभावित हुए थे। श्यामा प्रसाद जी के विचारों में प्रणवानंद जी के विचारों की झलक देखने को मिलती थी।

न्यू इंडिया के लिए ‘स्वच्छाग्रह’ पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह की भी 100वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। गांधी जी ने लोगों को सत्याग्रह के लिए जागृत किया था, 100 साल बाद स्वच्छाग्रह के लिए जागृत होने का समय है। पीएम ने कहा कि 2022 में जब हम स्वतंत्रा का 75 वर्ष मनाएं तबतक 5 वर्षों में हम पर्यावरण को बचाने, प्लास्टिक को भगाने और जल संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का काम करें। श्री मोदी ने कहा कि इन 5 वर्षों में हम आपसी बुराइयों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का संकल्प लें। पीएम ने भारत सेवाश्रम संघ से स्वच्छाग्रह को साधना-सेवा का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया है।

युवाशक्ति को जागृत करना जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार्य प्रणवानंद ने युवाशक्ति को संगठित करने के लिए बहुत काम किए थे। पीएम मोदी के अनुसार न्यू इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए ये बहुत ही आवश्यक है। पीएम ने कहा कि प्रणवानंद कहते थे कि देश के हालात बदलने के लिए लाखों निस्वार्थ कर्मयोगियों की आवश्यकता है, इसी से नए राष्ट्र का निर्माण होगा। पीएम ने कहा कि स्वच्छाग्रह के लिए युवाशक्ति को सबसे अधिक जागरूक बनाने की जरूरत है। चेतना और चिंतन से युवाशक्ति और भी सशक्त हो सकती है। क्योंकि स्वामी जी कहते थे कि युवाशक्ति जागरूक नहीं हुई तो सारे प्रयास विफल हो जाएंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति में श्रम दान के महत्व पर भी बल दिया।
तीर्थ स्थलों की स्वच्छता पर भी जोर
पीएम मोदी ने तीर्थ स्थलों की अस्वच्छता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 1924 में ही प्रणवानंद जी ने तीर्थशंकर कार्यक्रमों के सहारे तीर्थ स्थलों के पुनरुद्धार का काम किया था। आज भी इनको स्वच्छ बनाने के लिए हमें वैसे ही प्रयास करने चाहिए। पीएम ने भारत सेवाश्रम संघ के सेवकों का आह्वान किया कि स्वच्छाग्रह के लिए वो जो भी लक्ष्य लेकर के चलें वो गणना करने लायक हों। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्वच्छ सर्वे में उत्तरपूर्व के खराब प्रदर्शन पर चिंता जताई। उन्होंने भारत सेवाश्रम संघ समेत सभी व्यक्तियों का आह्वान किया कि वो ये अहसास करें कि वो भी स्वच्छता मिशन के सिपाही हैं।

‘दक्षिण-पूर्व एशिया का गेटवे’ बनेगा उत्तर-पूर्व
पीएम ने कहा है कि स्वतंत्रता के बाद से उत्तर-पूर्व के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन तीन साल से केंद्र सरकार नॉर्थ-ईस्ट को साउथ-ईस्ट एशिया के विकास का गेटवे बनाने के प्रयास में जुटी हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर-पूर्व के विकास के लिए केंद्र ने रोड इंफ्रास्ट्रक्चर पर 40 हजार करोड़ का निवेश निर्धारित किया है। क्षेत्र में रेलवे के 19 प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। बिजली की स्थिति में सुधार और पर्यटन के लिहाज से भी इसे मजबूत किया जा रहा है। पीएम ने कहा कि यहां के छोटे हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। शिलॉन्ग हवाई अड्डे के रनवे को बढ़ाने की मंजूरी दी गई है, साथ ही नॉर्थ-इस्ट में UDAN सेवाएं भी जल्दी शुरू की जाएंगी। इस अवसर पर पीएम ने भारत सेवाश्रम संघ के हॉस्टलों में रहने वाले आदिवासी बच्चों के बीच से खेल प्रतिभा ढूंढ निकालने का भी आह्वान किया।
पीएम ने कहा कि अगर उत्तर-पूर्व अस्वच्छ, अस्वस्थ और असंतुलित रहेगा तो विकास में पिछड़ जाएगा। संसाधनों से भरे देश में पिछड़े और गरीब रहने की कोई वजह नहीं है। हमें सबका साथ, सबका विकास के लक्ष्य को लेकर के सबको सशक्त करके आगे बढ़ना है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने समन्वय, सहयोग और सौहार्द, जनशक्ति, जनसमर्थन और जनभावना की बातों पर जोर दिया जिसकी मदद से ही देश सशक्त हो सकेगा।

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