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प्रेशर को प्लेजर बनाकर परीक्षा दीजिए- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बच्चों को परीक्षा से परेशान ना होकर इसके प्रेशर को प्लेजर में बदल देना चाहिए। अपने खास रेडियो कार्यक्रम मन की बात में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो परीक्षा को प्लेजर मानेगा, वो पायेगा और जो प्रेशर मानेगा, वो पछताएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा को एक उत्सव की तरह ऐसे लेना चाहिए, जैसे मानो एक त्योहार हो। और जब त्योहार होता है, तो हमारे भीतर जो सबसे बेस्ट होता है, वही बाहर निकल कर के आता है। परीक्षा में भी पूरे परिवार में, मित्रों के बीच, आस-पड़ोस के बीच एक उत्सव का माहौल बनना चाहिए। आप देखेंगे प्रेशर, प्लेजर में बदल जाएगा। उत्सवपूर्ण वातावरण आपको बोझमुक्त बना देगा।

पीएम मोदी ने कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक और कच्छ से ले करके कामरूप तक, अमरेली से ले करके अरुणाचल प्रदेश तक, ये तीन-चार महीने परीक्षा ही परीक्षाएं होती हैं। ये हम सब का दायित्व है कि हम हर वर्ष इन तीन-चार महीनों को अपने-अपने तरीके से, अपनी-अपनी परंपरा को लेते हुए, अपने-अपने परिवार के वातावरण को लेते हुए, उत्सव में परिवर्तित करें।

उन्होंने कहा कि इस समय को आप जितनी ज्यादा खुशी से बिताएंगे, उतने ही ज्यादा नंबर पाएंगे। आप खुश होंगे, तो अपने-आप को ज्यादा रिलैक्स पाएंगे। और रिलैक्स होने पर मेमोरी को रिकॉल करने का पॉवर सबसे ज्यादा होता है। प्रेशर में होने पर विचार प्रक्रिया में ठहराव आ जाता है। परीक्षा में भी आपने देखा होगा कि प्रेशर में किताब याद आती है, चैप्टर याद आता है, लेकिन वो खास शब्द याद नहीं आता है जो आपको लिखना है। लेकिन जैसे ही एक्जाम दे करके बाहर निकलते हैं, आपको सब याद आ जाता है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अंदर प्रेशर था और बाहर रिलेक्सैशन है।

प्रधानमंत्री ने बच्चों से कहा कि जब टेंशन होता है, तब आपका ज्ञान, आपकी जानकारी नीचे दब जाती हैं और आपका टेंशन उस पर सवार हो जाता है। आप जो एक्जाम देने जा रहे हैं, वो साल भर में आपने जो पढ़ाई की है, उसकी एक्जाम है। ये आपके जीवन की कसौटी नहीं है। परीक्षा का आपके जीवन की सफलता-विफलता से कोई लेना-देना है, ऐसे बोझ से मुक्त हो जाइए। टेंशन मुक्त हो जाइए। प्रेशर मुक्त होकर परीक्षा दीजिए।

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