Home नरेंद्र मोदी विशेष प्रवासी भारतीयों और भारत के बीच प्रधानमंत्री मोदी बने सेतु

प्रवासी भारतीयों और भारत के बीच प्रधानमंत्री मोदी बने सेतु

348
SHARE

भारत की विविधता को एकता के सूत्र में बांधने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले पांच सालों में किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों और राज्यों में रहने वालों को विकास की मुख्यधारा से ही नहीं जोड़ा है बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में बसे भारतवासियों को भी भारत के विकास और संस्कृति से जोड़ने का काम किया है। भारत के साथ प्रवासी भारतीयों के भावनात्मक सबंध को प्रधानमंत्री मोदी ने दिल से समझा और उसे जीवंतता दी है। उन्होंने इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर तो कदम उठाये ही, सरकार के स्तर पर भी कई कदम उठाए।

प्रवासी भारतीय दिवस के भव्य समारोह

प्रधानमंत्री मोदी भारतीय संस्कृति के उपासक ही नहीं बल्कि संवाहक भी है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के उस मूल को जिसमें हर रिश्ते का सम्मान करने की परंपरा है, उसे आधुनिक तरीके से सजाया है विदेशों में अपने काम या व्यापार के कारण जा बसे लाखों भारतीयों का भारत के साथ भावनात्मक रिश्ते को प्रवासी भारतीय दिवस के रुप में मनाने के लिए भव्य समारोहों का आयोजन किया। ऐसा ही आयोजन इस वर्ष भारत की सांस्कृतिक राजधानी काशी में भी किया गया। प्रवासी भारतीयों के भावनात्मक सबंध को प्रगाढ़ करने का काशी से बेहतर और कोई स्थान नहीं हो सकता है। यह प्रधानमंत्री मोदी की ही सूझ-बूझ है, जो उन्होंने काशी को इस आयोजन के लिए चुना वह भी ऐसे समय में जब काशी से ही कुछ दूर प्रयाग के संगम तट पर भारतीय संस्कृति का महासम्मेलन कुंभ हो रहा है। काशी से पहले भी देश के अलग-अलग राज्यों में प्रवासी भारतीय दिवस के भव्य समारोह आयोजित किए जा चुके हैं। यह समारोह एक अवसर होता है, जब जहाज से उड़ा हुआ पंक्षी अपने घर आता है और उसे घर की ताजगी व अपनेपन का अहसास होता है।

प्रवासी भारतीयों से सतत संवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा अपने को 130 करोड़ भारतवासियों का सेवक माना है, और जब भी वह ऐसी बात कहते हैं तो वह केवल इस देश में रहने वाले भारतीयों के लिए ही नहीं होती हैं, बल्कि दुनिया के हर देश में बसे भारतीयों के लिए होती हैं। इस विचार से ही प्रेरित होकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी हर विदेश की यात्रा के दौरान उन देशों में रहने वाले भारतीयों से सीधे मुलाकात की है और उनसे संवाद किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों का गौरवगान न्यूयार्क के मेडिसन स्कवायर से लेकर लंदन के वेम्बले स्टेडियम तक किया है। ऐसे संवादों से उन्होंने प्रवासी भारतीयों का सम्मान तो बढ़ाया ही है साथ में भारत के सबल और सशक्त नेतृत्व का परिचय दुनिया वालों को भी कराया है।

प्रवासी भारतीयों को अपनेपन का अहसास कराया

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों की भावनाओं का ही ख्याल नहीं रखा है बल्कि उन्हें सरकार से तमाम तरह की सुविधाएं भी दिलवाई हैं। आज हर प्रवासी भारतीय को वीसा मिलना चंद मिनटों का काम हो गया है। प्रवासी भारतीयों के आने-जाने के लिए हवाई सेवाओं की सुविधा को सरल कर दिया गया है। जिन देशों में हवाई सुविधाएं सीधे भारत से नहीं थी, वहां हवाई सुविधाओं को शुरु किया है। किसी देश में फंसे भारतीयों की तुरंत सुधबुध लेने के लिए भारतीय दूतावासों को सर्तक और चुस्त बनाया है, आज एक ट्विटर पर भारतीयों को विदेश मंत्रालय मदद पहुंचाता है।

प्रवासी भारतीयों को देश के विकास से जोड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विकास के लिए प्रवासी भारतीयों को बढ़ चढ़कर आगे आने के लिए प्रेरित किया, जिसका परिणाम यह हुआ है कि आज प्रवासी भारतीय देश की अर्थव्यवस्था में करोड़ों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। यह निवेश इसलिए भी संभव हो सका है कि प्रधानमंत्री मोदी ने ईज आफ डूईंग बिजनेस को बढ़ाया है। निवेश करने के लिए सरकारी लालफिताशाही को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। आज प्रवासी भारतीयों को देश में उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए आसानी से एक ही विन्डो से सभी सुविधाएं मिल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी प्रवासी भारतीयों को देश का विशेष राजदूत मानते हैं। उनका कहना है कि सरकार से अधिक भारत की संस्कृति और परंपरा का परिचय विश्व को प्रवासी भारतीयों के माध्यम से होता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से भारत के साथ प्रवासी भारतीयों के सबंध को जोड़ा है, वह सेतु जैसा है। प्रधानमंत्री मोदी उस सेतु के समान हैं, जिन्होंने भारत की संस्कृति को भारत के वंशजों से जोड़ा है।

LEAVE A REPLY