Home चुनावी हलचल प्रधानमंत्री के सवालों से विपक्ष के हौसले पस्त

प्रधानमंत्री के सवालों से विपक्ष के हौसले पस्त

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर की परिवर्तन रैली में कुछ ऐसे सवाल उठाए जो विपक्षी नेताओं पर भारी पड़ रहे हैं। भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का विरोध करने के लिए उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि हम विकास के लिए सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं लेकिन वे सहयोग देने के बजाय अड़ंगा डाल रहे हैं। रैली को संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने जो सवाल उठाए विपक्ष शायद ही उसका जवाब दे पाए।

  • चर्चा से क्यों भाग रहा है विपक्ष
    प्रधानमंत्री ने सोमवार को कानपुर में कहा कि हम देश को भ्रष्टाचार-कालेधन से मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारा एजेंडा है देश से भ्रष्टाचार-कालाधन बंद हो, उनका एजेंडा है संसद बंद हो। आखिर भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई में दूसरी पार्टियां सरकार का साथ क्यों नहीं दे पा रही हैं? मोदी ने कहा कि राष्‍ट्रपति के आह्वान के बावजूद संसद में चर्चा नहीं हुई। आखिर क्यों?
  • लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ
    पीएम मोदी ने रैली में कहा कि क्यों न देश में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ-साथ कराने के लिए माहौल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आए दिन चुनाव के दौरान तनाव बढ़ जाता है। मैं चुनाव आयोग से अपील करता हूं कि वे इस बात को फिर से आगे बढ़ाए। सभी दलों से चर्चा शुरू करे। उसके बाद इस संबंध में प्रस्‍ताव लाया जाए। क्या विपक्ष इस पर साथ देने के लिए तैयार है?
  • कालेधन पर बेईमानों की मदद क्यों
    प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बेईमानों को ठिकाने लगाने में लगी है जबकि वे उनकी मदद करने में लगे हैं। उन्‍होंने कहा कि देश इस समय दो हिस्‍सों में बंटा है। एक तरफ वो लोग हैं जो काला धन पर संसद बंद कर रहे हैं और दूसरी तरफ देश के ईमानदार लोग हैं जो कष्ट सहकर भी इस यज्ञ में योगदान दे रहे हैं। नोटबंदी अभियान का विरोध कर क्या आप बेईमानों की मदद नहीं कर रहे?
  • देश लूटने वाले मांग रहे हिसाब
    परिवर्तन रैली में कांग्रेस पर वार करते हुए मोदी ने कहा कि जब सीताराम केसरी कांग्रेस के कोषाध्‍यक्ष थे तो कहा जा था कि न खाता न बही जो केसरी कहे, वही सही। इसलिए ऐसे लोगों को नोटबंदी का फैसला रास नहीं आ रहा है। जिस कांग्रेस ने जनता को कभी हिसाब नहीं दिया आज वे हिसाब मांग रहे हैं। इन्होंने देश के मध्‍य वर्ग और गरीब को लूटा है, इन्हें हिसाब देना ही होगा।
  • गुंडागर्दी कब तक करेंगे बर्दाश्‍त
    प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग गुंडागर्दी से तंग आ चुके हैं, इसीलिए लोग बदलाव चाहते हैं। जब तक लखनऊ में सरकार नहीं बदलेगी ये गुंडागर्दी करने वाले ठिकाने नहीं लगने वाले हैं। अब लोग इनको बर्दाश्‍त नहीं करेंगे। अगले चुनाव में ऐसे लोगों को ईमानदार लोग धूल चटा देंगे। उन्होंने साफ कहा कि आखिर गुंडागर्दी के बल पर कब तक सरकार चलाओगे?
  • क्या अपनी छवि सुधारेगी विपक्षी पार्टियां
    प्रधानमंत्री ने कहा कि आमतौर पर लोगों में राजनेताओं और पार्टियों की छवि अच्छी नहीं है। राजनीतिक दलों पर अब लोगों का भरोसा नहीं रहा। क्या भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ खिलाफ अभियान में साथ देकर विपक्षी पार्टियां अपनी छवि सुधारेगी?
  • बेनामी चंदे पर चुनाव आयोग के साथ
    राजनीतिक दलों के चंदे को लेकर उठ रहे सवालों पर पीएम ने कहा कि मैं चुनाव आयोग का अभिनंदन करता हूं कि उसने राजनीतिक दलों को भी कालेधन से मुक्ति का आह्वान किया है। राजनीतिक दलों और राजनेताओं के प्रति लोगों के दिल में अविश्वास भरा पड़ा है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम जनता को ईमानदारी का भरोसा दिलाएं। चुनाव आयोग ने हाल ही में राजनीतिक दलों को 2 हजार से ज्यादा के गुप्त चंदे पर रोक लगाए जाने की बात कही थी। कालाधन के खिलाफ चुनाव आयोग की इस मुहिम पर क्या विपक्षी दल सहयोग देंगे?
  • मोबाइल का रोना कब तक
    डिजिटल भुगतान और कैशलेस अभियान का विरोध करने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग यह कहते नहीं थकते थे कि भारत में कंप्यूटर और मोबाइल राजीव गांधी लेकर आएं, अब वही लोग गरीबों के पास मोबाइल नहीं होने की शिकायत कर रहे हैं। मैं कहता हूं कि मोबाइल को बैंक बना लीजिए तो ये लोग कहते हैं कि मोबाइल हैं कहां?

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