Home नरेंद्र मोदी विशेष कांग्रेस का ‘ढकोसला पत्र’ पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है- प्रधानमंत्री मोदी

कांग्रेस का ‘ढकोसला पत्र’ पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर रहे। उन्होंने महाराष्ट्र के लातूर, कर्नाटक के चित्रदुर्ग और मैसूर के साथ ही तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। महाराष्ट्र के लातूर में पीएम मोदी ने कहा कि जनता का विश्वास ही उन्हें बड़े काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने जिस तरह के राष्ट्र की कल्पना की थी, उस तरह के राष्ट्र के निर्माण की ओर देश बढ़ रहा है। कांग्रेस और महागठबंधन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र वास्तव में ढकोसला पत्र है। कांग्रेस का ढकोसला पत्र पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है।     

पीएम मोदी ने कहा, राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा है, अंत्योदय हमारा दर्शन है और सुशासन हमारा मंत्र है। इसी भावना के आधार पर देश के विकास में हम देश के हर नागरिक की भागीदारी चाहते हैं। आतंकियों को घर में घुसकर मारेंगे, ये नए भारत की नीति है। आतंक को हराकर ही दम लेंगे, ये हमारा संकल्प है। घुसपैठ, नक्सलवाद और माओवाद से मुक्त भारत हमारा संकल्प है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब देशहित में फैसले लिए जा रहे हैं। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो, ये हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार दोबारा बनने पर पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ देश के हर किसान को दिया जाएगा। साथ ही, किसान क्रेडिट कार्ड से 1 लाख रुपए तक का कर्ज बिना किसी ब्याज के दिया जाएगा। चुनाव के बाद एनडीए सरकार देश के किसानों को पेंशन देने का काम करेगी। 2022 तक देश के हर बेघर को घर देना हमारा लक्ष्य है। हम एक अलग जल शक्ति मंत्रालय बनाने जा रहे हैं, जिससे पानी से जुड़ी सारी समस्याएं हल हो सकें। देश में मेट्रो ट्रेनों का और विस्तार होगा। मेट्रो ट्रेन के डिब्बे लातूर में बनेंगे, जिससे यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

पीएम मोदी ने भाजपा के संकल्प पत्र की चर्चा करते हुए कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर संकल्प पत्र तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, जिस तरह 2014 के संकल्प पत्र में हमने बहुत सी बातों का जिक्र नहीं किया था। लेकिन, आवश्यकता पड़ने पर हमने देशहित में कई फैसले लिए। फ्री एलपीजी गैस हो, पीएम किसान सम्मान योजना हो या देशवासियों के बैंक खाते खुलवाने का काम हो- विकास के ऐसे कई काम हमने किए।

पीएम मोदी ने फर्स्ट टाइम वोटर्स से महायुति को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि जिस तरह युवा अपनी पहली कमाई परिवार के लिए समर्पित करते हैं, वैसे ही उन्हें पहला वोट वीर शहीदों, गरीबों और देश के विकास के नाम पर समर्पित करना चाहिए।

कर्नाटक के चित्रदुर्ग में पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत का हर व्यक्ति आत्मविश्वास से भरा है, क्योंकि देश एक महाशक्ति बनने के रास्ते पर निकल पड़ा है। पांच वर्ष पहले का एक वो दौर था, जब पाकिस्तान के आतंकी हम पर हमला करते थे और फिर पाकिस्तान से ही धमकियां भी मिलती थीं। हमारे जांबाज एक्शन के लिए इजाजत मांगते थे, लेकिन तब की सरकार डरकर बैठ जाती थी। लेकिन, इस चौकीदार ने उस स्थिति को बदल दिया है। अब अगर डर है, तो सीमा के उस पार है। वहां सत्ता में बैठे लोगों को तरह-तरह के डरावने सपने आते हैं। आज धमकी देने वाले दुबक गए हैं और बालाकोट के प्रहार से आतंकी खौफ में हैं।”     

कर्नाटक के मैसूर में पीएम मोदी ने कहा, “स्वच्छ भारत के अभियान से लेकर कनेक्टिविटी तक हमारे प्रयासों का बहुत बड़ा लाभ मैसूर को, इस पूरे क्षेत्र को मिला है। मैसूर-बेंगलुरु हाइवे का काम पूरा होने के बाद इस पूरे क्षेत्र का विकास और तेज गति से होगा। ‘उड़ान योजना’ के तहत फ्लाइट्स की बढ़ती संख्या का लाभ भी आप सभी को मिल रहा है। देश का पहला पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट केंद्र भी इसी मैसूर में खुला है।“  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारा संकल्प है कि भारत की सुरक्षा को, देश की सेना को और मजबूत करेंगे। हमारा संकल्प है कि वर्ष 2030 तक भारत दुनिया की टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल हो जाए। हमारा संकल्प है कि नए भारत के नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करेंगे और देश के 50 शहरों में मेट्रो लाइन बिछाएंगे। हमारा संकल्प है कि अगले पांच वर्ष में फंक्शनल  एयरपोर्ट की संख्या को दोगुनी कर देंगे। जो सत्तर साल में हुआ, वो पांच साल में कर देंगे।“

 पीएम मोदी ने कहा, “मैसूर भारत की समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है। मैसूर हमारी आस्था, हमारे दर्शन का मजबूत हिस्सा है। सबरीमाला हमारा तीर्थस्थल है। सबरीमाला को लेकर देश के अंदर जो भावनाएं हैं, वही भावना भाजपा की भी है। हमारा पूरा प्रयास होगा कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सबरीमाला की आस्था, परंपरा और पूजा-पद्धति का विषय विस्तार से रखा जाए। हमारी कोशिश होगी कि आस्था और विश्वास के विषयों को संवैधानिक संरक्षण मिले।”

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