Home नरेंद्र मोदी विशेष 125 करोड़ लोगों के स्वाभिमान का उदय है राइजिंग इंडिया- प्रधानमंत्री मोदी

125 करोड़ लोगों के स्वाभिमान का उदय है राइजिंग इंडिया- प्रधानमंत्री मोदी

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“यह राइजिंग इंडिया क्या है, सिर्फ अर्थव्यवस्था की मजबूती राइजिंग इंडिया है, सेंसेक्स का रिकॉर्ड स्तर पर होना ये राइजिंग इंडिया है, विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर होना क्या ये राइजिंग इंडिया है, या फिर रिकॉर्ड विदेशी निवेश आना ये राइजिंग इंडिया है। साथियों राइजिंग इंडिया का मेरे लिए मतलब है देश के 125 करोड़ लोगों के स्वाभिमान का राइज होना, देश के आत्मगौरव का राइज होना, जब इन्हीं सवा सौ करोड़ लोगों की इच्छाशक्ति एकजुट हो जाती है, उनके संकल्प एक हो जाते हैं, तो असाध्य भी साध्य हो जाता है, असंभव भी संभव बन जाता है। एकजुट हुई यही इच्छाशक्ति आज न्यू इंडिया के संकल्प को पूरा कर रही है।“

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह बात एक निजी न्यूज चैनल द्वारा आयोजित राइजिंग इंडिया समिट कार्यक्रम के दौरान कही। इस अवसर पर श्री मोदी ने पिछले चार वर्षों के दौरान देश की बदली स्थित पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कई देशों में भावना रही है कि सरकार विकास और परिवर्तन को लीड करे और नागरिक उसे फॉलो करें, लेकिन पिछले चार वर्षों में हमने भारत में स्थिति बदल दी है, अब देश का सामान्य नागरिक लीड करता है और सरकार उसे फॉलो करती है।

स्वच्छ भारत आंदोलन की दी मिसाल
प्रधानमंत्री ने इसके लिए स्वच्छ भारत आंदोलन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कितने कम समय में यह एक जन आंदोलन बन गया। श्री मोदी ने कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में डिजिटल पेमेंट को एक मजबूत हथियार बनाने के लिए भी भारतीय नागरिकों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार जैसी आंतरिक बुराइयों से मुक्ति दिलाने में देश की जनता ने सरकार का भरपूर साथ दिया है, यही वजह है कि सरकार बड़े फैसले से सकी और उन्हें लागू कर के भी दिखाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में जो ट्रांस्फोर्मेशन शिफ्ट आ रहा है वो देश के नागरिकों की इसी इच्छाशक्ति की वजह से आ रहा है। यही इच्छाशक्ति देश के लोगों और क्षेत्रों में असंतुलन का भाव कम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समाज के उदय में बराबरी का भाव नहीं होगा तो न तो संकल्प सिद्ध होंगे और न ही समाज। केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर इस असंतुलन के भाव को खत्म करने का प्रयास कर रही है।

उज्ज्वला योजना ने बदली करोड़ों परिवारों की तस्वीर-पीएम 
प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना सिर्फ रसोई ही नहीं बदल रही बल्कि करोडों परिवारों की तस्वीर बदल रही है और हमारी सामाजिक व्यवस्था में बदलाव ला कर बड़ा असंतुलन खत्म कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास मंत्र के साथ पूरे देश में विकास कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने बताया कि जब उनकी सरकार बनी थी तब देश में 18 हजार गांव ऐसे थे जहां बिजली नहीं पहुंची थी। इनमें 13 हजार गांव पूर्वी भारत के थे और उनमें से भी 5 हजार गांव नॉर्थ ईस्ट के थे।

आज इन गांवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा हो गया है। श्री मोदी ने सौभाग्य योजना के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार हर घर में बिजली पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है और इसके लिए 16 हजार करोड़ से अधिक की रकम खर्च की जा रही है।

श्री मोदी ने कहा कि देश के लोगों के बीच असंतुलन को खत्म करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार स्टैंडअप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया जैसी योजनाएं चला रही है। मुद्रा योजना के तहत 11 करोड़ से ज्यादा लोन स्वीकृत किए गए हैं और बिना गारंटी के 5 लाख करोड का कर्ज दिया गया है। इस वर्ष के बजट में भी 3 लाख करोड़ मुद्रा लोन देना तय किया गया है। ये सभी प्रयास देश के मिडिल क्लास को आर्थिक रूप से सशक्त करने वाले साबित हो रहे हैं।

नॉर्थ ईस्ट के विकास को लेकर सरकार गंभीर- प्रधानमंत्री
देश से असंतुलन के खात्मे की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ईस्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत के विकास पर जोर दे रही है और एक्ट ईस्ट-फॉर ईस्ट के मंत्र पर चल रही है। इसमें सिर्फ नॉर्थ ईस्ट ही नहीं बल्कि पूर्वी यूपी, ओडिशा और बिहार भी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वर्षों से सैकड़ों प्रोजेक्ट या तो शुरू नहीं हुए थे या फिर बीच में अटके पड़े थे। केंद्र सरकार इन परियोजनाओं को पूरा कर रही है, ताकि इस क्षेत्र का विकास हो सके। श्री मोदी ने बताया कि उड़ान योजना के तहत पूर्वी भारत में 12 नए एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें 6 एयरपोर्ट नॉर्थ ईस्ट में बन रहे हैं।

हेल्थ सेक्टर के लिए उठाए बड़े कदम
हेल्थ सेक्टर में बदलाव के लिए केंद्र सरकार की तरफ किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों को बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी कहा कि कार्पोरेट इंडिया में कहा जाता है कि You can’t Manage what You can’t Measure यानी जब तक आप चीजों को ठीक से समझेंगे नहीं, उसको ठीक से Manage नहीं कर पाएंगे। इसलिए सरकार ने भी न सिर्फ इस मंत्र को अपनी कार्यपद्धति में अपनाया है, बल्कि इसे और भी आगे लेकर गए हैं – Measure to Manage and Manage to Create Mass Movement। यानी Manage करने के लिए पहले उन चीजों की गहराई में जाइए, उसे भली-भांति समझिए और फिर उसे जन-अभियान में बदलने का प्रबंध करिए।

श्री मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने हेल्थ सेक्टर को चार हिस्सों Preventive, Affordable, सप्लाई और मिशन मोड इंटवेंशन में बांटा और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ दूसरे मंत्रालयों को भी जोड़ा।

सरकार के कार्यों को स्लाइड के माध्यम से समझाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बीमारी से रोकथाम के लिए स्वच्छता पर जोर दिया गया। इसी का परिणाम है कि 2014 तक पूरे भारत में जहां सिर्फ 6.5 करोड़ शौचालय थे, अब 13 करोड़ घरों में शौचालय हैं यानी दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। देश में सेनिटेशन कवरेज 2014 के 38 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है।

जनसामान्य को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा
Affordable हेल्थ केयर का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने बताया कि सरकार ने जनसामान्य को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिले इसके लिए कई कदम उठाए हैं। देशभर में 3,000 से अधिक जन औषधि केंद्र खोले गए, जहां 800 से अधिक दवाएं कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। हार्ट स्टेंट की कीमत 85 प्रतिशत तक कम की गई हैं। घुटना प्रत्यारोपरण की कीमत में 50 से 70 प्रतिशत की कमी की गई है। बजट में आयुष्मान भारत योजना का ऐलान किया गया है, जिसके तहत 10 करोड़ परिवारों यानी 50 करोड़ लोगों को साल में 5 लाख तक का चिकित्सा बीमा मिलेगा।

हेल्थ सेक्टर में सप्लाई साइड इंटरवेंशन के लिए मेडिकल की सीटें बढ़ाई गई हैं। नए एम्स स्थापित किए जा रहे हैं। हर तीन संसदीय सीटों के बीच एक मेडिकल कॉलेज के निर्माण की योजना आगे बढ़ रही है। इससे देश में डॉक्टरों की कमी पूरी होगी।

इसी प्रकार चौथे पिलर के तौर पर हेल्थ का मिशन मोड में इंटरवेंशन किया जा रहा है। देश में माताओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, मातृत्व वंदना योजना चलाई जा रही हैं, हाल ही में राष्ट्रीय पोषण मिशन की भी शुरुआत की गई है।

बिजली उत्पादन में देश बना आत्मनिर्भर
प्रधानंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इसी प्रकार हर सेक्टर में समन्वय स्थापित कर समग्र विकास के कार्य में जुटी है। उन्होंने 6 साल पहले ग्रिड फेल होने की वजह से पूरे देश के अंधकार में डूबने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वो एक सिस्टम ब्रेकडाउन था। पहले ऊर्जा और कोयला मंत्रालय के बीच कोई समन्वय नहीं था, लेकिन आज ऊर्जा, कोयला और रिन्युवेबल इनर्जी मंत्रालय मिलकर काम करते हैं।

यही वजह है कि आज देश बिजली की कमी से बिजली की अधिकता की ओर बढ रहा है, आज हम बिजली निर्यात करने की स्थिति में है और वन नेशन वन ग्रिड का सपना साकार हुआ है।

पहले की तुलना में हर वर्ष आते हैं दोगुने राष्ट्राध्यक्ष
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चार वर्षों में देश में बहुत कुछ बदला है। हताशा और निराशा के वातावरण की जगह लोगों में हौसला आया है, आज भारत कमजोरियों को छोड़कर आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि पूरा विश्व राइजिंग इंडिया को मान-सम्मान दे रहा है। श्री मोदी ने कहा विश्व में भारत का सम्मान बढ़ने की वजह से ही पहले की तुलना में हर वर्ष दोगुने राष्ट्राध्यक्ष और राष्ट्रप्रमुख भारत के दौरे पर आ रहे हैं। पहले जो अंतरराष्ट्रीय संगठन भारत को सदस्य बनाने को तैयार नहीं थे वो आज भारत को सदस्यता दे रहे हैं।

भारत ने दुनिया को शांति विकास का संदेश दिया है। संयुक्त राष्ट्र, जी-20 जैसे मंचों पर ऐसे विषय उठाए हैं जो पूरे विश्व को प्रभावित करते हैं। आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए चुनौती है, इसे भारत ने सभी मंचों पर स्थापित किया है।

श्री मोदी ने कहा कि दुनिया के लिए आज इंडिया राइजिंग दो शब्द नहीं हैं, ये 125 करोड लोगों की ताकत के शब्द हैं। भारत की डिप्लोमेसी मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने वाली है। उन्होंने यमन संकट का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त भारत ने अपने ही नहीं बल्कि 48 अन्य देशों के नागरिकों को भी वहां से सुरक्षित निकाला था। सबका साथ सबका विकास मंत्र भारत की सीमा में बंधा नहीं है, केंद्र सरकार आयुष्मान भारत ही नहीं आयुष्मान विश्व के लिए भी काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था के बारे में भी विस्तार से चर्चा की और कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसिया लगातार भारत की रेटिंग बढ़ा रही है, विदेशी निवेश भी बढ़ रहा है और भारतीय अर्थव्यवस्था आज विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

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