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अमेरिका ने पाकिस्तान को साथी नहीं, खतरा बताया; सुधरा नहीं पाक तो लगेगा प्रतिबंध

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अमेरिका ने ये बात मान ली है कि साथी नहीं खतरा है पाकिस्तान। सेंटर फॉर स्ट्रैटजी एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) ने यह रिपोर्ट दी है कि पाकिस्तान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी ग्रुप के लिए मददगार है। इसलिए वह साथी कम, खतरा ज्यादा है। अब अमेरिकी प्रशासन ने इस रिपोर्ट के आधार पर पाकिस्तान पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है और पाकिस्तान को बेनकाब करने का प्रयास जारी रखा है, यही उसी का नतीजा है कि अब पाकिस्तान का लम्बे समय से साथी रहा अमेरिका भी उसे साथी मानने से परहेज करने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की खूब किरकिरी हुई है। अमेरिका यह भी मान चुका है कि भारत आतंकवाद से पीड़ित देश है और भारत में जो आतंकवादी घटनाएं हो रही हैं उसके पीछे भी पाकिस्तान है।

अमेरिकी प्रशासन इस बात पर भी विचार कर रहा है कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं किया, तो उस पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है-

“अमेरिका को चाहिए कि वह साफ कर दे कि अगर पाकिस्तान ने तालिबान को समर्थन देना और हक्कानी नेटवर्क को बर्दाश्त करना जारी रखा तो उसे मिलने वाली मदद पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इतना ही नहीं  उस पर प्रतिबंध भी लगाए जाएंगे।”

रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन को राय दी गयी है कि वह चीन को ये साफ तौर पर बता दे कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान संबंधी समस्या से निपटने में चीन का सहयोग दोनों देशों के हित में होगा।

जब से ट्रम्प ने अमेरिका की कमान सम्भाली है, आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका का रुख बहुत कड़ा रहा है। वीज़ा नियमों के जरिए भी अमेरिका ने यही संकेत दिया था कि आतंकवाद से जिस किसी का भी संबंध होगा, उसके साथ अमेरिका सख्ती से निपटेगा। पिछले दिनों अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद से लड़ने के लिए दी जाने वाली मदद को मुफ्त में मिलने वाली सूची से हटा दिया था। अमेरिका ने कहा था कि पाकिस्तान को अगर और सैन्य उपकरण चाहिए तो उसे खरीदना पड़ेगा, यह सहायता नहीं होगी।

1 COMMENT

  1. बहुत बहुत धन्यवाद, वाकई बहुत ही तथ्यात्मक बातें लिखी है आपने, बिल्कुल सही चित्रण किया है आपने, युँ ही लिखते रहें,

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