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मानवता की मिसाल पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ-सबका विकास मंत्र पर विश्वास करते हैं। वह अपनी लोक कल्याणकारी योजनाओं के कारण देशवासियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

प्रधानमंत्री जहां भ्रष्टाचार, कालेधन और प्रशासनिक कामकाज को लेकर कठोर फैसले के लिए जाने-जाते हैं। वहीं, वह दिल से काफी भावुक भी हैं। उनसे किसी का दुख-दर्द देखा नहीं जाता। उन्होंने देश के कई जरुरतमंद लोगों की मदद कर मानवता की एक मिसाल कायम की है।

हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय में देशभर से रोज हजारों पत्र आते रहते हैं जिसमें कई तरह की मदद की गुहार होती है। प्रधानमंत्री उन लोगों की मदद भी करते हैं। लेकिन कई बार ऐसा भी देखने को आया है कि वे स्वत: संज्ञान लेकर भी मदद का हाथ बढ़ाते रहे हैं।

डोरिस को दी आर्थिक मदद, डॉक्टरों से भी की बातचीत

दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले की डोरिस फ्रांसिस को प्रधानमंत्री कार्यालय से तीन लाख रुपए की मदद मिली है। डोरिस एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लंबे समय से नेशनल हाइवे 24 पर ट्रैफिक संभालती है। वह जहां ट्रैफिक संभालती हैं, वहीं उनकी 17 साल की बेटी का सड़क हादसे में निधन हो गया था। वह इन दिनों कैंसर से जूझ रहीं हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।

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समाचार पत्र से मिली जानकारी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने उन्हें आर्थिक सहायता मुहैया कराई । मदद के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने डोरिस के परिजनों से भी बात की। कार्यालय की तरफ से एम्स के डॉक्टरों से भी बात की गई। डोरिस की हालत में अब काफी सुधार है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत खतरे से बाहर है और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

सांसद की अनुशंसा पर कैंसर पीड़ित की मदद

पटना के बीएम दास रोड निवासी सुमित रंजन सिन्हा को कैंसर इलाज के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपए दिए हैं। राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा की अनुशंसा पर पीएम नरेंद्र मोदी ने सहायता राशि को स्वीकृति दी है। पीएम ने सुमित को एक शुभकामना संदेश भी भेजा, जिसमें उनके रोगमुक्त होने की कामना की है। इसके अलावा सांसद की अनुशंसा पर कुर्जी के सना अर्फी को कैंसर के इलाज के लिए तीन लाख रुपए जबकि दिल्ली के प्रमोद जैन को भी पीएम राहत कोष से गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 50 हजार रुपए दिए हैं।

नन्हीं परी रिद्धि को दी मदद

बुलंदशहर की कैंसर पीड़ित नन्ही बच्ची रिद्धि को प्रधानमंत्री ने 3 लाख रुपए की मदद दी है। बुलंदशहर के हाजीपुर गांव के रहने वाले रिद्धि के पिता प्रयमेंद्र दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे, लेकिन अपनी इकलौती बेटी को कैंसर से निजात दिलाने के संघर्ष में उनकी नौकरी चली गई। लाखों रुपए की जमापूंजी और गांव का खेतीबाड़ी बेचकर प्रयमेंद्र ने अपनी बेटी का इलाज कराया।

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दिल्ली के धर्मशिला अस्पताल में रिद्धि की 5 बार कीमियोथैरेपी हुई और फिर बोनमैरो ट्रांसप्लांट हुआ। लेकिन महज दो महीने बाद जांच में पता चला कि रिद्धि का कैंसर फिर से लौट आया है। अपने रिश्तेदार, दोस्तों से उधार लेकर रिद्धि के इलाज में लगा चुके प्रयमेंद्र की पीएम नरेंद्र मोदी ने 3 लाख रुपए से मदद की।

हार्ट सर्जरी के लिए की नाबालिग की मदद

हार्ट की गंभीर समस्या से जूझ रहे 16 वर्षीय नाबालिग ने प्रधानमंत्री से आर्थिक मदद मांगी। मदद मांगने के बाद वह चंडीगढ़ में एक एक चोरी के केस में पकड़ा गया। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाबालिग के इलाज के लिए 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी है।

वाराणसी के कैंसर पीड़िता को दी मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महिला अपनी बेटी का इलाज कराने की गुहार लगाई। इस महिला की बेटी की दोनों किडनियां भी खराब है। प्रधानमंत्री ने पीड़िता को वाराणसी के रविंद्रपुरी स्थित दफ्तर में मुलाकात की। यह दफ्तर उनके संसदीय क्षेत्र के लोगों की समस्याएं इकट्ठा करने के लिए ही बनाया गया था। मोदी से मिलकर आईं कल्याणी मिश्रा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से अपनी बेटी का इलाज कराने की गुहार लगाई। प्रधानमंत्री ने तुरंत ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अधिकारियों का नंबर लगाया और उन्हें कहा कि मुझे पहली प्राथमिकता देते हुए मेरी सहायता की जाए। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि प्रधानमंत्री इतना विनम्र और मददगार हो सकता है।

छह साल की बच्ची को मिली नई जिंदगी

vaishaliमोदी सरकार की तत्परता का अनुभव पुणे की सात साल की वैशाली यादव नाम की छोटी बच्ची ने लिया। वह पुणे में हडपसर के पास भेकराई नगर में रहती है। पहली कक्षा में पढ़ने वाली वैशाली के दिल में होल होने की वजह से वो हमेशा बीमार रहती थी। डॉक्टर सर्जरी अनिवार्य बताया। बच्ची के चाचा मजदूरी करते है। बहादुर बेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर अपने मन की बात बताई। खत मिलने पर पीएमओ ऑफिस से पुणे के कलेक्टर को वैशाली की मदद करने कहा गया और पुणे के रुबी हॉल क्लिनिक में वैशाली की ओपन हार्ट सर्जरी भी पूरी हो गई। वो अपने घर पर सुरक्षित है। वैशाली के घरवालों के लिए यही अच्छे दिन है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर मिली मदद

नोटबंदी की वजह से सारनाथ की ज्योति साहू को दुल्हन बनना मुश्किल लगने लगा तो प्रधानमंत्री को खत लिखा। प्रधानमंत्री दफ़्तर के निर्देश पर बीस हज़ार रुपए की मदद मिली।

प्रधानमंत्री की मदद से डीएवी में पढ़ेगा बच्चा

मुजफ्फरपुर बिहार जिले के प्रखंड मुरौल के शांभा के छात्र दिव्यांशु ने रेडियो पर प्रधानमंत्री के मन की बात सुनी। उसके बाद उसने अपने मन की बात कहने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। उसने लिखा किdibyanshu
उसका सपना डॉक्टर बनने का है। पापा जैसे-तैसे घर संभालते हैं। दादा जी के इलाज में बहुत सारे पैसे खत्म हो जाते हैं। इतने पैसे नहीं कि अच्छे स्कूल में पढ़ाई कर सके। उसने लिखा कि वह डॉक्टर बनकर जरूरतमंदों का इलाज करना चाहता है।

पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय (एमएचआरडी) ने उसके नामांकन की सिफारिश सीबीएसई बोर्ड से की। फिर, बच्चे की इच्छानुसार सीबीएसई ने मुजफ्फरपुर के डीएवी पब्लिक स्कूल (मालीघाट) में उसके नामांकन के लिए स्कूल के प्राचार्य को पत्र लिखा। उसके बाद छात्र का सपना पूरा हो गया।

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