Home तीन साल बेमिसाल मोदी सरकार: तीन साल में गरीबों-किसानों का बढ़ा विश्वास

मोदी सरकार: तीन साल में गरीबों-किसानों का बढ़ा विश्वास

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26 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बीजेपी सरकार बनने से पहले देश की जनता तमाम तरह की समस्याओं से परेशान थी। भ्रष्टाचार और अनिर्णय से लोगों में निराशा का भाव था। किसान आत्महत्या कर रहे थे। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी देश को परेशानी से निकाल गरीबों-किसानों के चेहरे पर एक नई मुस्कान लाने में कामयाब रहे हैं। सरकारी योजनाओं में पहले जिस तरह भ्रष्टाचार होता था वह आज बिलकुल बंद है। बिचौलिए की भूमिका एकदम से खत्म हो गई है। यह मोदी सरकार का गरीबों और किसानों के लिए उठाया गया सबसे बड़ा कदम है। इसी के साथ मोदी सरकार ने किसानों और गरीबों की उन छोटी-छोटी समस्याओं को दूर करने के लिए सिस्टम खड़ी की, जिन समस्याओं पर पहले की सरकारें सोच भी नहीं पाती थी कि ऐसा भी किया जा सकता है। साथ ही पहले से जो योजनाएं चल रही थी उनकी छोटी-छोटी कमियों को दूर करके उसे और उपयोगी बनाया। आइए एक नजर डालते हैं गरीबों और किसानों का जीवन बदल देने वाली योजनाओं पर-

  • जन धन योजना-देश के सभी नागरिकों, जिसमें शहर या गांव के गरीब का भी बैंक में खाता हो इसे सुनिश्चिच करना। सभी बैंक खातों पर 5000 रुपये तक की क्रेडिट सुविधा के साथ रुपे क्रेडिट कार्ड
  • जीवन ज्योति योजना- शहर या गांव के गरीब के बैंक खाता धारको के लिए जीवन बीमा
  • जीवन सुरक्षा योजना-गरीबों के लिए दुर्घटना बीमा
  • उज्जवला योजना-शहर या गांव के गरीब परिवारों के मुफ्त एलपीजी सिलेंडर
  • डीबीटी-मनरेगा में काम करने वालों का पैसा सीधे उनके खाते में साथ ही साथ अन्य योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता बैंक खाते में
  • अटल पेंशन योजना-असंगठित क्षेत्र में काम करने वालो के लिए पेंशन की व्यवस्था
  • प्रधानमंत्री आवास योजना-गांव या शहर में रहने वाले गरीबों के लिए मकान की व्यवस्था
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना-गांव के गरीबों के लिए आर्थिक सहायता
  • ग्रामीण व शहरी कौशल विकास योजना-गांव और शहरों में रोजगारपरक कौशल विकास
  • फसल बीमा योजना-गांव के किसानों के लिए फसल बीमा
  • सॉयल हेल्थ कार्ड-किसानों की जमीन की उपज शक्ति की स्थिति पता करने के लिए सॉयल हेल्थ कार्ड
  • यूरिया की नीम कोटिंग- सिर्फ किसानों को ही खेती के लिए यूरिया मिले इसके लिए नीम कोंटिंग, इसकी वजह से यूरिया ना मिलने और काला बाजारी की समस्या पूरी तरह खत्म हो चुकी है। देश में यूरिया प्रचुर मात्रा मे उपलब्ध है।
  • कृषि कौशल विकास-खेती के कामों करने के लिए कुशल कामगारों के लिए कौशल विकास
  • गोगुल मिशन-खेती के अतिरिक्त किसानों को दूध के व्यापार से आमदनी हो इसके लिए काम
  • ई-नाम-किसान अपनी खेती की ऊपज को बाजार में सही कीमत पर बेच सकें इसके लिए ई-कृषि मंडी
  • कृषि एप-किसानों को मौसम में बदलाव से जुड़ी चुनौतियों और कृषि से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए कृषि एप
  • डीडी किसान-किसानों को सही और सटीक जानकारी देने के लिए डीडी किसान चैनल
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य-आनाजों के लिए समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी
  • मुद्रा योजना-मुद्रा योजना के तहत 50 हजार से 10 लाख तक का बैंकों से उधार देने की व्यवस्था से छोटे और मझौले व्यापारियों को व्यापार बढ़ाने में सहयोग
  • प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना-देश में अस्पतालों के नेटवर्क का विस्तार और डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए चिकित्सा क्षेत्र में पढ़ाई के लिए कालेजों और सीटों का विस्तार।
  • स्वच्छता मिशन-स्वच्छता मिशन के तहत गांव और शहर के गरीब परिवारों के घरों के लिए शौचालय की व्यवस्था।
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-देश के गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ना
  • दीनदयाल उपाध्धाय ग्रामीण विद्युत योजना-इस योजना के तहत सभी गांवो के घरों में बिजली पहुंचना।

तीन साल में देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व से भलिभांति परिचित हो चुकी है, जनता समझ चुकी है कि वह जो इरादा करते हैं उसे प्राप्त करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा देते हैं। तभी तो तीन साल से सत्ता में रहने के बाबजूद भी उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आयी है और इसका सबूत उत्तर प्रदेश- उत्तराखंड का विधान सभा चुनाव जीतकर दिया ही है। ऐसा होना लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में दुर्लभ है। वर्ष 1971 की प्रसिद्ध जीत के बाद ना इंदिरा गांधी और ना ही 1984 की प्रचंड जीत के बाद राजीव गांधी सत्ता में तीन साल बाद जनता के बीच अपनी लोकप्रियता बरकरार रख पाए थे।

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