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मोदी सरकार में खुशहाल हुए फौजी और परिजन

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नरेन्द्र मोदी की सरकार में देश के सैनिकों को जो तोहफे मिले, उसने सैनिकों और उनके परिवारों को न सिर्फ नौकरी में रहते हुए सुरक्षित किया, बल्कि नौकरी के बाद भी उनकी माली हालत को बेहतर बना दिया है। राशन से लेकर इन्श्योरेंस और मेडिकल तक की सुविधा में पिछले ढाई साल में ऐसा गुणात्मक सुधार हुआ है कि सेना से जुड़े हर जवान और उस पर आश्रित हर इंसान को इसका फायदा हुआ है।
हम नज़र डालते हैं मोदी सरकार के उन फैसलों पर, जिनसे सैनिकों और उनके आश्रितों की जिन्दगी में खुशियां आयी हैं…

1. वन रैंक वन पेंशन का तोहफा

जिस वन रैंक वन पेंशन को कांग्रेस सरकार ने 1973 में बंद कर दिया था, उसे नरेन्द्र मोदी की सरकार ने दोबारा जिन्दा कर दिखाया। नरेन्द्र मोदी की सरकार ने आते ही जो चुनिन्दा काम किए उनमें यह प्राथमिकता में था। 2013 को वन रैंक वन पेंशन के लिए आधार वर्ष मानते हुए एक जुलाई 2014 से इसे लागू कर दिया गया। हर पांच साल में पेंशन पर पुनर्विचार होगा। बढ़ी हुई पेंशन की पहली किस्त दिवाली से पहले 6 सितंबर 2015 को सरकार ने जारी कर दी। बाकी तीन किस्त भी प्रक्रिया में है। सैनिकों के आश्रित परिवार और बहादुरी का पुरस्कार से सम्मानित पूर्व सैनिकों को बढ़ी हुई पेंशन एकमुश्त दिया गया। सिर्फ एरियर देने पर ही 10-12 हजार करोड़ खर्च हो रहे हैं।

2. सैनिकों को नौकरी में दो साल का एक्सटेंशन

मकर संक्रांति के बाद मोदी सरकार सैनिकों के लिए एक और तोहफा लेकर आ रही है। सेना के जवानों की नौकरी को दो साल का एक्सटेंशन दिया जा रहा है। इसके अलावा गैर लड़ाकू विभागों को निजी कंपनियां देखेंगी जिनमें पशुपालन इकाइयां भी शामिल हैं। इससे जवान अपने काम पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे। इतना ही नहीं तीनों सेनाध्यक्षों से वरिष्ठ नया पद सृजित किया जा सकता है। सैनिकों की सेवा अवधि में बढ़ोतरी से पेंशन और नये रंगरूटों के प्रशिक्षण पर होने वाले खर्च में कमी आएगी। नयी व्यवस्था लागू होने पर जूनियर कमीशन अधिकारी दो साल और काम करेंगे। थल सेना के 10 लाख जवानों में से हर साल 60 हजार लोग रिटायर होते हैं।

3. अर्धसैनिक बलों के जवान भी कहलाएंगे शहीद

मोदी सरकार ने सैनिकों की तरह ही अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी शहीद घोषित करने का फैसला किया है। अब जो सुविधाएं एक सैनिक के शहीद होने पर उनके आश्रितों को मिलती है, वही सुविधा अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी मिला करेगी। अर्धसैनिक बलों की ये बहुत पुरानी मांग रही है जिस बारे में 7वें वेतन आयोग ने भी सिफारिश की थी। आतंकियों की गोली से मारे जाने वाले की वर्दी चाहे सेना की हो या अर्धसैनिक बल की, उसमें फर्क पर सवाल उठते रहे हैं। मोदी सरकार ने इस मांग पर गम्भीरता से विचार करते हुए उनकी बहुत पुरानी मांग पूरी कर दी है।

4. अर्धसैनिक बलों को भोजन भी सेना की तरह

अर्धसैनिक जवानों के लिए राशन की सीमा बढ़ाकर 3200 से 3800 कैलरी करने का प्रस्ताव भी है। ऐसा होने पर अर्धसैनिक जवानों को मिलने वाला भोजन भी सेना के जवान की तरह हो जाएगा। हालांकि सेना को राशन भत्ता नहीं मिलता है जबकि अर्धसैनिक बलों को राशन भत्ता मिलता है। धुलाई भत्ता समेत दूसरे भत्तों में भी बढ़ोतरी की गयी है। वहीं पेंशन योजना की खामियां भी दूर की जा रही है। इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों के जवानों को मकान मुहैया कराने के प्रस्ताव और उन्हें मिलने वाले राशन मनी को इनकम टैक्स से मुक्त करने पर भी सरकार विचार कर रही है।

5. जवानों को पीम का दीपावली गिफ्ट- संदेश टू सोल्जर्स

सरहद की हिफाजत करने वाले जवानों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फिक्र को समझना हो तो एक उदाहरण काफी है- संदेश टू सोल्जर्स। जी हां ‘सैनिकों को संदेश’- इस अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिवाली के मौके पर की थी। दिवाली जब पूरा देश जगमगा रहा होता है, परिवार के साथ खुशियां मना रहा होता है। लेकिन, सेना के जवान अपने ही देश में अपने ही परिवार से दूर सरहद की रक्षा कर रहे होते हैं। ऐसे जवानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने की इस पहल से पीएम मोदी ने सैनिकों का दिल जीत लिया। पीएम मोदी ने न सिर्फ खुद संदेश भेजा बल्कि एक वीडियो भी अपने ट्विटर हैंडल पर डाला जिसमें एक बच्चा, बाइक खरीदने जा रहा एक नौजवान और एक मां फौजियों को संदेश भेजते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे सुरक्षाबलों के लिए दीपावली की शुभकामनाएं भेजें। पीएम मोदी का साफ मानना है कि सवा सौ करोड़ देशवासियों से शुभकामना लेकर हमारे सैनिकों की ताकत भी सवा सौ करोड़ गुनी हो जाएगी।

6. जंग लगे हथियारों की जगह नये हथियारों की खरीद के आदेश

मोदी सरकार विश्व बाजार से 1 लाख 85 हजार आधुनिक राइफल्स मंगा रही है। करीब 10 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट और बड़ी संख्या में हैलमेट मंगाए जा रहे हैं। भारी भरकम हथियारों की जगह अब अत्याधुनिक नए मॉडल के हथियार दिए जाएंगे। इससे पहले तक आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 13 लाख भारतीय सैनिकों के पास दो दशक पुराने भारतीय राइफल हैं। ऐसे हथियारों से दुश्मनों से लड़ना जोखिम भरा हो सकता था जिसे देखते हुए मोदी सरकार ने सेना को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने की पहल की है।

7. कश्मीर में तैनात जवानों के लिए अहम फैसले

उरी हमले के बाद कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों के लिए नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अहम फैसले लिए, ताकि उन्हें दुश्मनों की गोलियों से बचाया जाए, उनके लिए जान का खतरा कम हो सके।

a. केवल बख्तरबंद गाड़ियों से मूवमेंट- यह तय किया गया है कि अब सेना के जवान बख्तरबंद गाड़ियों से ही मूवमेंट करेंगे जिसमें मेटल प्लेट लगी रहेगी ताकि उन पर हमलावर की गोलियों का असर ना हो।

b. माइन प्रोटेक्शन व्हिकल- काफिले के आगे माइन प्रोटेक्शन व्हिकल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि दुश्मन के ब्लास्ट से जवानों की जान की रक्षा की जा सके।

c. काफिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी सेना पर- ये तय हुआ कि काफिला पारा मिलिट्री फोर्स का हो या किसी और का, सेना उसकी सुरक्षा करेगी। सेना ही काफिले के लिए रास्ता क्लियर करेगी।

8. मूवमेंट के लिए सेना को टॉप क्लास का विमान

सेना की बटालियन को इधर से उधर ले जाने के लिए सरकार ने उच्च क्वालिटी का टॉप क्लास विमान मुहैया कराया है। इस महंगे प्लेन में सैनिकों के लिए तमाम सुविधाएं हैं। इससे पहले तक सैनिकों को मूव करने के लिए ऐसी सुविधा नहीं थी। उन्हें सड़क मार्ग से और खतरनाक रास्तों से गुजरते हुए मूव करना पड़ता था। अब इस सुविधा के बाद जहां खतरा घटा है, वहीं समय की बचत के साथ-साथ लग्जरी भी मुहैया हुई है।

9. अफवाह निकली विकलांगता पेंशन में कमी की बात

मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए जानबूझकर ये दुष्प्रचार किया गया कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के बाद विकलांगता पेंशन में कमी आ जाएगी और लाभ होने के बजाए जवानों को इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा। जबकि सच्चाई इससे उलट थी। 30 सितंबर को रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ एक्स सर्विसमेन वेलफेयर की वेबसाइट पर जारी पत्र में पूरी सच्चाई सामने आ गयी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल होने के बाद न्यूनतम पेंशन 12 हजार रुपये हो गयी।

a. सिपाही की विकलांगता पेंशन 9282 रुपये से बढ़कर 12 हजार रुपये

b. हवलदार की 10,542 रुपये से बढ़कर 12 हजार रुपये

c. नायक की 9680 रुपये से बढ़कर 12 हजार रुपये

मंत्रालय के नए पत्र के मुताबिक 1 जनवरी 2016 से स्लैब सिस्टम लागू किया गया है, जिससे 100 फीसदी विकलांगता पर पेंशन अफसरों के लिए 27 हजार रुपये, जेसीओ के लिए 17 हजार रुपये और अन्य रैंक के लिए 12 हजार रुपये होगी।

10. सेना की ताकत बढ़ी

मोदी सरकार ने सैनिकों के हालात में सुधार के साथ-साथ सेना की क्षमता और ताकत में बढ़ोतरी के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं।

a.सरकार रक्षा के क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी कर चुकी है

b.प्रौद्योगिकी हस्तांतरण मामले में यह सीमा 74 फीसदी तक पहुंच गयी है

c.भारत सरकार ने अमेरिका, जापान, जर्मनी, रूस, फ्रांस के साथ एक के बाद अरबों रुपये के रक्षा सौदे हुए हैं।

मोदी सरकार के इन कदमों से भारतीय सेना मजबूत होगी और सेना आधुनिकतम अस्त्र-शस्त्र से लैस नजर आएगी।

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