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मोदी सरकार में बदला काम काज का अंदाज, हो रहा राज बदलने का अहसास

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काम काज के अंदाज में बदलाव दिखने लगे… जनता को राज बदलने का अहसास होने लगे… तो समझिये सरकार है। …और अगर जनता को यह भी लगने लगे कि सरकार उनके द्वार पर खड़ी है तो समझिये मोदी सरकार है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की पॉलिसी में P2G2 की थ्योरी शामिल है।  इसका मतलब है- “pro-people pro-active और good governance.” यानि सीधे अर्थों में कहें तो ‘सरकार आपके द्वार’। दरअसल पीएम मोदी अपनी नीतियों में इस बात का विशेष ध्यान रखते हैं कि जनता को सरकार के होने का न सिर्फ अहसास हो बल्कि उसे वह धरातल पर दिखे भी। जनता को यह भी लगे कि सरकार उनकी सेवा के लिए तत्पर खड़ी है। पीएम मोदी की सरकार ने इसी उद्देश्य के तहत ऐसी अनेकों नीतियां लागू की हैं जिससे लोगों को सरकार के होने का अहसास जमीन पर महसूस हो और लगे कि सरकार उनके द्वार पर ही तो खड़ी है।

800 जिलों में खुलेंगे पासपोर्ट सेवा केंद्र

आम लोगों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार ने देश के 800 जिलों में पासपोर्ट बनवाने की सुविधाएं उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी जिलों के हेड पोस्ट ऑफिस में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले जाने की योजना है।  अगले दो साल के भीतर देश के सभी 800 जिलों में पासपोर्ट बनवाने की सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।  इस साल 150 पोस्ट ऑफिस सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं और दो साल के अंदर सभी 800 प्रधान डाकघरों में ये सेवा आरंभ कर दी जाएगी।  गौरतलब है कि इस बार बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस योजना की घोषणा की थी। ये सुविधा देश के सभी जिलों के डाकघरों में उपलब्ध कराई जानी है जिसके तहत पोस्ट ऑफिस में ही पासपोर्ट के आवेदनों को प्रोसेस करके डिलिवरी की जाएगी। जाहिर है विदेश मंत्रालय और डाक विभाग की इस साझा पहल से उन लोगों को सीधा फायदा मिलेगा जिन्हें पासपोर्ट बनवाने के लिए राज्यों की राजधानी तक का सफर तय करना पड़ता था और इसके लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ते थे।

जब चाहे लीजिए गैस सिलेंडर

सरकारें कैसे काम करती हैं इसका अंदाजा आप ऐसे लगा लीजिए कि जिस यूपीए सरकार में इस बात पर बहस होती थी कि सब्सिडी वाले सिलेंडर साल भर में कितने मिलने चाहिए। यूपीए-2 की सरकार इस मुद्दे पर चुनाव लड़ रही थी कि गैस सिलेंडर का कोटा 9 से बढ़ाकर 12 कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं सरकार ने यह भी तय कर दिया था कि उपभोक्ता को एक महीने में केवल एक सिलेंडर सस्ता दिया जाएगा। लेकिन जनता की परेशानियों को समझते हुए नरेंद्र मोदी ने सरकार गठन के दो महीने के बाद ही अगस्त 2014 में इस फैसले को बदल डाला। ग्राहक 12 सस्ते सिलेंडर का अपना कोटा वर्ष के दौरान किसी भी समय ले सकते हैं।

हर घर हो रौशन, यही है मोदी विजन

नरेंद्र मोदी सरकार देश के हर गांव के हर घर तक बिजली पहुंचाने में तेजी से लगी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2015 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए 1000 दिनों के अंदर बिजली से वंचित सभी गांव को बिजली प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया था। इसलिए केंद्र सरकार मई 2018 तक हर गांव में बिजली पहुंचा देना चाहती है। 

जनधन से सशक्त हो जन-जन

आजादी के बाद से अबतक देश में गरीबों को बैंकों से दूर रखा गया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस अन्याय को मिटाने का काम किया है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उन्होंने गरीबों को बैंकों में मुफ्त में खाता खोलने का मौका दिया है। ये योजना जहां एक तरफ गरीबों को सशक्त करने का काम कर रहा है, वहीं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के चलते भ्रष्टाचार के एक बहुत बड़े रास्ते को सरकार ने हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिया है। 

समृद्ध हों हमारे किसान, अन्नदाताओं का न हो नुकसान

इस योजना ने देश के किसानों की खेती के प्रति राय बदल दी है। जो लोग खेती को रोजगार के अंतिम उपाय के तौर पर देखते थे, इस योजना ने उनकी सोच बदल दी है। वो अन्य व्यवसाय की तरह जोखिम लेने के लिए तैयार हो रहे हैं। मोदी सरकार का संकल्प कि साल 2022 तक देश के किसानों की आय दो गुना हो जाय। इस योजना की सफलता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पहले किसान अपनी फसलों का जितना बीमा करवाते थे उसकी संख्या अबतक 7 गुना बढ़ चुकी है। यही वजह है कि साल 2016-17 में इसके प्रीमियम पर 13,240 करोड़ रुपये खर्च हुए। चालू वित्त वर्ष 2017-18 में इसके लिए 9 हजार करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।

स्‍वायल हेल्‍थ कार्ड से स्वस्थ होती मिट्टी

सरकार इसके तहत किसानों को उनकी कृषि भूमि की उर्वरकता के आधार पर स्‍वायल हेल्‍थ कार्ड जारी करती है। इस कार्ड में मिट्टी की जांच के बाद इस बात की जानकारी रहती है कि मिट्टी को किन उर्वरकों की जरूरत है। साथ ही इसमें कौन से फसल बेहतर हो सकते हैं।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम 

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के जरिये सरकार ने पिछले तीन साल में 50,000 करोड़ रुपये की बचाए हैं। इस कार्यक्रम के तहत 32 करोड़ जरूरतमंद लोगों को डीबीटी स्कीम के तहत उनके कोष में रकम सीधे उनके खाते में ट्रांसफर किया गया । आधार से डीबीटी योजना से खामियों को दूर करने में मदद मिली, जैसे बिचौलियौं और फर्ज़ी लाभार्थियों को हटाया जा सका।

प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना

इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने 1 मई 2016 को यूपी के बलिया से की। उज्ज्वला योजना के तहत 5 करोड़ BPL परिवारों की महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस कनेक्‍शन दिया जाना है। इनमें से लगभग 3 करोड़ गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। दरअसल  प्रधानमंत्री ने लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने वाली महिलाओं की परेशानी को देखते हुए ये योजना लॉन्च की है।

अटल पेंशन योजना

युवा पीढ़ी जब बुजुर्ग हो तो उन्हें भी पेंशन मिले इसको ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल पेंशन योजना की शुरुआत की। इससे ये सुनिश्चित होगा कि किसी भी भारतीय नागरिक को बीमारी, दुर्घटना या वृद्धावस्था में अभाव की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।  इसे आदर्श बनाते हुए राष्ट्रीय पेंशन योजना के तौर पर अटल पेंशन योजना एक जून 2015 से प्रभावी हो गई। इस योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को पेंशन फायदों के दायरे में लाना है। इससे उन्हें हर महीने न्यूनतम भागीदारी के साथ सामाजिक सुरक्षा का लाभ उठाने की अनुमति मिलेगी।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

गरीबी के खिलाफ लड़ाई और बेहतर रोजगार अवसर के लिए देश के लोगों खासकर युवाओं को कुशल बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई। 15 जुलाई 2015 को इसकी शुरुआत करते हुए पीएम ने कहा, ‘अगर देश के लोगों की क्षमता को समुचित और बदलते समय की आवश्यकता के अनुसार कौशल का प्रशिक्षण दे कर निखारा जाता है तो भारत के पास दुनिया को 4 से 5 करोड़ कार्यबल उपलब्ध करवाने की क्षमता होगी।’  सरकार इसके तहत देश के इंडस्‍ट्रियल ट्रेनिंग सेंटर्स को बढ़ावा देती है, ताकि युवाओं को स्‍किलफुल बनाया जा सके।

स्टैंड अप इंडिया स्कीम

इसकी शुरुआत 5 अप्रैल 2016 को नोएडा के सेक्टर-62 में की गई। इस योजना के लिए प्रधानमंत्री ने एक वेब पोर्टल की शुरुआत की। इसका उद्देश्‍य नए उद्यमियों को स्थापित करने में मदद करना है। इससे देशभर में रोजगार बढ़ा है। योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये से 100 लाख रुपये तक की सीमा में ऋणों के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 10 हजार करोड़ रुपये की शुरुआती धनराशि के साथ भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के माध्यम से फिर से वित्त सुविधा।

सुकन्‍या समृद्धि योजना

इस योजना की शुरुआत पीएम मोदी ने 22 जनवरी 2015 को की।  यह असल में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना का ही विस्‍तार है, जिसका मकसद देश में बेटियों के लिए सकारात्‍मक माहौल तैयार करना है। इसमें बेटी के नाम से बैंक खाता खोलने पर सबसे अधिक 9.2 फीसदी का ब्‍याज दर मिलता है। इससे इनकम टैक्‍स में छूट मिलती है। इस खाते की मैच्‍योरिटी खाता खोलने की तारीख से 21 साल या फिर बेटी की शादी की तारीख जो पहले आ जाए होती है। इसमें शुरुआती जमा राशि 1000 रुपये है, जबकि अधि‍कतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किया जा सकता है।

मुद्रा योजना

प्रधानमंत्री ने इस योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की।  इसके तहत मुद्रा बैंक छोटे एंटरप्रेन्‍योर्स को 10 लाख रुपये तक का क्रेडिट देती है और माइक्रो फाइनेंस इंस्‍ट‍िट्यूसंश के लिए रेगुलेटरी बॉडी की तरह काम करती है। इसका उद्देश्‍य छोटे एंटरप्रेन्‍योर्स को बढ़ावा देना है। इसमें तीन विकल्‍प हैं- शि‍शु में 50 हजार तक का लोन, किशोर में 50 हजार से 5 लाख तक का लोन और तरुण में 5 लाख से 10 लाख तक का लोन दिया जाता है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति बीमा

योजनायह सरकार के सहयोग से चलने वाली जीवन बीमा योजना है।  इसमें 18 साल से 50 साल तक के भारतीय नागरिक को 2 लाख रुपये का बीमा कवर सिर्फ 330 रुपये के सलाना प्रीमियम पर उपलब्‍ध है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने 9 मई 2015 को की थी।

मिशन इंद्रधनुष

इस योजना का उद्देश्‍य बच्‍चों में रोग-प्रतिरक्षण की प्रक्रिया को तेज गति देना है। इसमें 2020 तक बच्‍चों को सात बीमारियों- डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, टीबी, खसरा और हेपेटाइटिस बी से लड़ने के लिए वैक्‍सनेशन की व्‍यवस्‍था की गई है। इसे 25 दिसंबर 2014 को केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जेपी नड्डा ने लॉन्‍च किया था।

पीएम मोदी का ये अरमान सबका हो अपना मकान

इस योजना के अंतर्गत घर खरीदने के लिए होम लोन लेने पर फायदा मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 6 लाख रुपये से 18 लाख रुपये सालाना तक कमाने वाले लोग पहला घर खरीदने पर होम लोन ब्याज में सब्सिडी के हकदार हैं। इस योजना का नाम क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम फॉर मिडिल इन्कम ग्रुप्स (सीएलएसएस – एमआईजी) रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 12 लाख रुपये तक कमाने वालों को नौ लाख रुपये तक के होम लोन पर चार प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि 18 लाख रुपये तक कमाने वालों को 12 लाख रुपये तक के होम लोन पर तीन फीसदी की सब्सिडी दी जा रही है।

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