Home नरेंद्र मोदी विशेष 2019 में भी बनेगी मोदी सरकार, जानिये 10 कारण…

2019 में भी बनेगी मोदी सरकार, जानिये 10 कारण…

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एक के बाद एक राज्यों के चुनाव परिणाम ये बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का लगातार विस्तार हो रहा है। 29 में से 21 राज्यों में बीजेपी और उनके सहयोगी दलों की सरकार है। 03 मार्च को पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनाव नतीजों ने ये बात एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश को पीएम मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। इससे ये बात स्पष्ट होती जा रही है कि 2019 में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही केंद्र की सरकार बनने जा रही है। आखिर वो कौन सी बात है जो देश के लोगों को प्रधानमंत्री पर इतना भरोसा है। आइये हम नजर डालते हैं इन 10 कारणों पर –

नंबर -1
पीएम मोदी का करिश्मा
देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पूरा विश्वास है। विरोधी भी यह मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी को टक्कर देने वाला आज देश में कोई दूसरा नेता नहीं है। हर दिन कोई न कोई सर्वे आते रहते हैं जिसमें औसतन 83 प्रतिशत लोगों की पसंद पीएम मोदी ही हैं। वे ऐसे नेता हैं जो पूरे देश की जनता की पसंद हैं। उनके करिश्माई व्यक्तित्व का आकर्षण ऐसा है कि वे अपने समर्थकों के बीच एक पंथ की तरह जाने जाते हैं। 

नंबर -2
भ्रष्टाचार पर सख्त वार
‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’… बीते साढ़े तीन वर्षों में प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार पर जितने प्रहार किए हैं उतने स्वतंत्रता के बाद 70 वर्षों में नहीं हुए थे। नोटबंदी से जहां काले धन की कमर तोड़ी वहीं कई कानून बनाकर फर्जावाड़ा करने वालों की संपत्तियां जब्त कीं। चार लाख से अधिक शैल कंपनियों का पता लगाया और उनपर कार्रवाई की। आधार संख्या से जोड़कर देश में दशकों से चले आ रहे कई घोटालों को पकड़ा गया। देश के संसाधनों की पारदर्शी नीलामी भी भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में बड़ी पहल है। इस तरह के अनेकानेक कदमों से देश के लोगों को यकीन हो गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगा सकते हैं।

नंबर -3
कमजोर होती गई कांग्रेस
2013 में जब से प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रचार की कमान संभाली कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिरता चला जा रहा है। एक वक्त देश के सभी राज्यों की सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस 29 में से महज 3 राज्यों में सिमट कर रह गई है। पुडुचेरी, कर्नाटक और पंजाब को छोड़कर पूरे देश में या तो एनडीए की सरकार है या फिर दूसरे विरोधी दलों की। अक्षम नेतृत्व, बिखरा हुआ संगठन और अकुशल नेताओं सरपरस्ती में कांग्रेस अपनी समाप्ति की ओर बढ़ रही है ।

नंबर -4
नेतृत्वविहीन हुआ विपक्ष
एक दौर था जब एंटी कांग्रेस फ्रंट बनाने के लिए विपक्ष एक हो जाया करता था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी उसकी अगुआई करती थी। परन्तु बदले हालात में विपक्ष में कोई ऐसा दल या नेता नहीं है जो विरोधी फ्रंट को नेतृत्व प्रदान कर सके। नीतीश कुमार जैसे देश कद्दावर नेता का भी पीएम मोदी के नेतृत्व को स्वीकार लेना यही बताता है कि विपक्ष (कांग्रेस, आरजेडी और वामपंथी दलों को छोड़कर) की भी पसंद पीएम मोदी ही हैं। 

नंबर -5
एनडीए का बड़ा कुनबा
प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व शैली ऐसी है कि वे विरोधी दलों को भी साथ कर लेते हैं। इसके साथ ही उनका और भाजपा का लगातार यह प्रयास रहा है कि एनडीए का कुनबा बढ़ता रहे। इसी का परिणाम है कि आज 29 दल एनडीए का हिस्सा हैं।

नंबर -6
सिमट रहीं क्षेत्रीय पार्टियां
2019 में पीएम मोदी की जीत इसलिए पक्की मानी जा रही है कि उनके आने से क्षेत्रीय दलों का प्रभाव लगातार घटा है। लोग जाति-जमात की राजनीति को नापसंद करते हुए भारतीय जनता पार्टी को अपनी पहली पसंद मान चुके हैं। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी और आरजेडी जैसे दलों पर से लोगों का विश्वास उठ गया है।

नंबर -7
गरीबों की मोदी सरकार
प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार कहा है कि उनकी सरकार गरीबों की है और गरीबों के लिए ही है। उज्ज्वला गैस योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, 12 रुपये में बीमा जैसी कई योजनाएं सिर्फ और सिर्फ गरीबों को ध्यान में रखकर लाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के मूल में भी देश की गरीब जनता ही है जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा पाने में सक्षम नहीं हो पाती है। यही कारण है कि देश की गरीब जनता पीएम मोदी में विश्वास रखती है और उनका साथ देती जा रही है।

नंबर -8
सबका साथ, सबका विकास
प्रधानमंत्री मोदी ने जब से देश की कमान संभाली है उनके शासन का मूल मंत्र – सबका साथ, सबका विकास, की अवधारणा रही है। उनके इस कंसेप्ट को देश ने स्वीकार किया है और कदम से कदम मिलाकर साथ चल रहा है। बिना भेदभाव के देश के हर नागरिक को उनका हक मिले इस बात को सुनिश्चित करने वाली इस नीति पर देश की जनता को भी यकीन है।  

नंबर -9
बीजेपी का लगातार विस्तार
कश्मीर से केरल और गुजरात से अरुणाचल तक बीजेपी सर्व स्वीकार्य पार्टी बन चुकी है। इसी का परिणाम है कि देश की 67 प्रतिशत जनसंख्यां पर बीजेपी और उनके सहयोगी दलों का शासन है। केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी भाजपा का मत प्रतिशत तीन सौ प्रतिशत से भी अधिक बढ़ गया है। जाहिर है भारतीय जनता पार्टी का यह विस्तार 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक और जीत के द्वार खोलती है।

नंबर -10
देशहित की सोचती है जनता
प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा कहा है कि देश के पिछड़े हिस्से को विकास की रेस में शामिल करना और उन्हें बढ़ाना उनका मुख्य लक्ष्य है। 70 सालों में पूर्वोत्तर में रेल लाइन पहुंचाई। यूपी, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों पर केंद्रित विकास नीतियां और पिछड़े राज्यों को अतिरिक्त सहायता देकर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे साबित भी किया है। देश की जनता भी अब जान चुकी है कि बिना भेदभाव के अगर देश का कोई भला कर सकती है तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं।

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