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जानिए ग्रामीण भारत में किस तरह बदलाव ला रही हैं मोदी सरकार की योजनाएं

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के गरीबों, वंचितों और आदिवासियों को मुख्यधारा में लाने के लिए जो तमाम योजनाएं कार्यान्वित की हैं, उनमें उज्ज्वला योजना क्रांतिकारी साबित हुई है। पीएम मोदी भी कई मौकों पर इसका जिक्र कर चुके हैं कि देश की ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को धुएं से छुटकारा दिलाने में उज्ज्वला योजना बेहतरीन काम कर रही है। मई, 2016 में लांच हुई इस योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और गैस का चूल्हा दिया जाता है। ग्रामीण महिलाओं को धुएं से आजादी मिलने से उन्हें कई बीमारियों से भी छुटकारा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस लोकप्रिय योजना के तहत 17 अप्रैल तक देशभर में 3,58,57,000 लाभार्थियों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सरकार ने इस योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया है, और लक्ष्य पूरा करने का समय भी 2019 से बढ़ाकर वर्ष 2020 कर दिया है।

प्रतिदिन डेढ़ लाख तक पहुंची आवेदन की संख्या
मोदी सरकार ने 20 अप्रैल को उज्ज्वला दिवस मनाने का फैसला किया है। आपको बता दें कि इससे पहले उज्ज्वला योजना के तहत आवेदन करने वालों की संख्या में एका-एक बढ़ोतरी हो गई है। इसकी वजह यह है कि पहले जहां इस योजना के तहत सिर्फ बीपीएल परिवारों को ही मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जाते थे। वहीं 1 अप्रैल से केंद्र सरकार ने अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इस योजना के तहत सभी एससी-एसटी परिवारों, प्रधानमंत्री आवास योजना और अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों, अति पिछड़े परिवारों को देने का फैसला लिया है। 1 अप्रैल तक पहले जहां रोजना 30 से 40 हजार लोग उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन करते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना(पीएमयूवाई) के तहत 10 अप्रैल को जहां 1.27 लाख लोगों ने आवेदन किया था, वहीं 13 अप्रैल को 1.55 लाख लोगों ने आवेदन किया। आंकड़े गवाह है कि मोदी सरकार की इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोग उठाना चाहते हैं।

उज्ज्वला योजना के अलावा भी मोदी सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाली साबित हो रही है। प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना, सभी के लिए एलईडी बल्ब वाली उन्नत ज्योति योजना, मिशन इंद्रप्रस्थ जैसी प्रमुख योजनाएं गरीबों, वंचितों और आम लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में अहम भूमिका निभा रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का हर कदम गरीबों और वंचितों के हित में है, आगे आपको दिखाते हैं मोदी सरकार की बड़ी योजनाओं का स्टेटस-

देशवासियों के जीवन को स्वस्थ, सुगम और समृद्ध बनाने के लिए मोदी सरकार ने ढेर सारी योजनाओं की ना सिर्फ शुरुआत की बल्कि जमीन पर उनके अमल को लेकर भी प्रतिबद्ध रही है। अपने सुधारवादी और परिवर्तनकारी कदमों के साथ अब तक के कार्यकाल में लगातार दिखाया है कि देश को आगे ले जाने के लिए किस तरह से काम किया जाता है। आइए नजर डालते हैं सरकार की 20 उन बड़ी योजनाओं पर जिनसे नागरिकों के अंदर नई ऊर्जा पैदा हुई है और देश विश्व मंच पर पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर बनकर उभरा है।      

1. जन धन योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से देश में पहली बार उन गरीबों का बैंक खाता खुला जिन्होंने बैंक का कभी मुंह तक नहीं देखा था। प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 31.45 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते अब तक खुल चुके हैं। इन खातों में 80,545 करोड़ रुपये से अधिक जमा हो चुके हैं। सरकारी स्कीमों के पैसे इनमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पहुंच रहे हैं जिससे लाभार्थियों के पैसे में होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लग गई है।

2. जीवन ज्योति बीमा योजना और सुरक्षा बीमा योजना
330 रुपये सालाना में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से करोड़ों गरीबों को 2 लाख रुपये का बीमा मिल रहा है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 12 रुपये सालाना के प्रीमियम पर दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा मिल रहा है। मौजूदा सरकार की बेहद सस्ती  बीमा योजनाओं से अब तक करीब 18 करोड़ गरीब जुड़ चुके हैं। बीमा क्लेम से जुड़ी 1,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है।

3. उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष उदाहरण बना है। इस स्कीम के तहत कुल 5 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जाने हैं। 1 मई 2016 को योजना शुरू होने के करीब दो वर्ष में 3 करोड़ 58 लाख से ज्यादा महिलाओं को गैस कनेक्शन दिये जा चुके हैं। उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण और गरीब महिलाओं के जीवन के प्रति नजरिये को सकारात्मक रूप से बदलने का काम किया है।

4. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ 
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (BBBP) योजना की रूपरेखा गिरते शिशु लिंगानुपात के समाधान के लिए बनाई गई। पहले 100 जिलों में शुरू की गई इस योजना के पहले साल में जन्म के समय लिंगानुपात में 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। जिसके बाद 11 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 61 अतिरिक्त जिलों में इसका दायरा बढ़ा दिया गया। इस योजना से कुछ अन्य उपलब्धियां भी हासिल हुईं हैं, जिनमें बालिकाओं के स्कूल ड्रॉपआउट में गिरावट, 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव, हर गांव में गुड्डा-गुड़िया बोर्ड का गठन, लड़कियों/महिलाओं की सुरक्षा एवं स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की व्यवस्था भी शामिल है। अब इस योजना को देश के सभी जिलों में लागू कर दिया गया है।

5. सुकन्या समृद्धि योजना
बेटियों की पढ़ाई और उसकी शादी को लेकर पैसे से जुड़े अभिभावक के तनाव को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की। इस योजना के अंतर्गत आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में बेटी के नाम से खाते खुलवाने होते हैं। इस खाते की मैच्‍योरिटी खाता खोलने की तिथि से 21 वर्ष या फिर बेटी की शादी की तारीख जो भी पहले आ जाए वह होती है। खाते में शुरुआती जमा राशि महज 1000 रुपये है जबकि एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक जमा किये जा सकते हैं। इस जमा पर 9.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है साथ ही इनकम टैक्स की भी छूट है।

6. स्वच्छ भारत अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान स्वतंत्र भारत का बहुत बड़ा जन आंदोलन बन चुका है। सफाई की इस देशव्यापी मुहिम का असर कुछ ऐसा रहा कि शुरू होने के पहले ढाई साल में ही देश के ग्रामीण इलाकों में करीब 4 करोड़ और शहरों में करीब 31 लाख शौचालयों का निर्माण कर लिया गया था। साफ है, शौचालयों की सुविधा को लेकर चली आ रही विसंगति खत्म हो रही है। देश में स्वच्छता का दायरा अब तक 70 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।

7. प्रधानमंत्री आवास योजना
सभी देशवासियों के अपने घर का सपना पूरा हो इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 तक सबको घर देने का वादा किया। यह योजना पूरे मिशन मोड में चल रही है। सरकार लोगों को सस्ते घर बनवाकर भी दे रही है और सस्ते ब्याज पर लोन देकर घर खरीदने में भी लोगों की मदद को कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना की रफ्तार देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह योजना अपने तय समय से पहले ही पूरी हो जाएगी।

8. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना
इस योजना के तहत 2022 तक हर गांव को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। रफ्तार की तेजी देखकर अब इस लक्ष्य की समयसीमा 2019 तक की कर दी गई है। गौर करने वाली बात है कि पिछले तीन वर्षों  के कामकाज से देश के 80 प्रतिशत से ज्यादा गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं।

9. मुद्रा योजना
इस योजना ने छोटे और मझोले कारोबारियों की दुनिया रोशन कर दी है। देश में रोजगार के मायने बदलने वाली मुद्रा योजना के लगभग 60 प्रतिशत लाभार्थी दलित-पिछड़े और आदिवासी हैं। इस योजना के तहत अब तक लगभग 11 करोड़ लोन स्वीकृत किये जा चुके हैं और लोगों को बिना बैंक गारंटी 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज दिया जा चुका है। 

10. स्टैंड अप इंडिया
मौजूदा सरकार का जोर देश के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले दलित-पिछड़े तबके के लोगों को स्वरोजगार के लिए भी प्रोत्साहित करने पर है। स्टैंड अप इंडिया कार्यक्रम इसी मकसद से शुरू किया जिसमें ये तय किया गया कि इस योजना के माध्यम से हर बैंक ब्रांच कम से कम एक अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति को कर्ज जरूर देगी। इस योजना के तहत 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के लोन मुहैया कराये जाते हैं और अब तक 10,158 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किये जा चुके हैं।   

11. स्टार्ट अप इंडिया
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से भारत स्टार्टअप के मामले में अमेरिका और ब्रिटेन के बाद दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच चुका है। स्टार्टअप पर नई नीति लागू होने के बाद देश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। बड़ी बात यह है कि इसमें महिलाओं की भी जबरदस्त भागीदारी है। इससे 2020 तक लाखों रोजगार मिलने का अनुमान है। क्योंकि अब नौकरी का मतलब आत्मनिर्भर होना है। 10 हजार करोड़ रुपये के कोष से खड़ा हुआ स्टार्टअप अब लोगों को आत्मनिर्भर बना रहा है। अबतक करीब 11,700 स्टार्ट अप इंडिया हब का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

12. मिशन इंद्रधनुष
मिशन इंद्रधनुष के तहत सरकार देश के उन इलाकों तक टीकाकरण अभियान को पहुंचा रही है, जहां पहले से चले आ रहे टीकाकरण अभियानों की पहुंच नहीं थी। इस वजह से लाखों बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से छूट जाते थे। इस अभियान के तहत अब तक ढाई करोड़ से ज्यादा बच्चों और 70 लाख से ज्यादा गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हो चुका है। पहले सरकार का लक्ष्य 2020 तक देश में पूर्ण टीकाकरण कवरेज को हासिल करना था अब इसे 2018 तक हासिल करने के लिए मिशन इंद्रधनुष के साथ ही ‘इंटेन्सिफाइड मिशन इंद्रधनुष’ की शुरुआत की गई है। 

13. ‘प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना’
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (2017) के तहत खोले गए प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्र के माध्यम से मामूली कीमतों पर जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। गरीबों को सस्ती और सुलभ दवाएं सुनिश्चित करना इस सरकार की प्राथमिकता में रही है। जन औषधि स्टोर से गरीबों के लिए सस्ती दवाओं के साथ उन्हें मुफ्त जांच करवाने की सुविधा भी दी जा रही है। गौर करने वाली बात है कि ह्रदय रोग के मरीजों की सहायता के लिए स्टेंट की कीमतों में 85% तक की कटौती भी की जा चुकी है।

14. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2015 को लालकिले से देश के उन 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने का एलान किया था जहां स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी बिजली नहीं पहुंची थी। इसके लिए लक्ष्य रखा था 1000 दिनों का। गौर करने वाली बात है कि अभी एक हजार दिन पूरे होने में कई महीने बाकी हैं और अब सिर्फ 2 हजार गांवों में बिजली पहुंचाने का काम बाकी रह गया है।

15. प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना
इस योजना से पिछले 70 सालों से बिजली देने को लेकर चली आ रही असमानता खत्म हो रही है। हाल में लॉन्च हुए प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना के अंतर्गत 4 करोड़ घरों में मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना यानी सौभाग्य के साथ ही देश के शत प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच जाएगी जिससे देश भर में करीब 10.5 अरब डॉलर किलोवाट बिजली की बचत होगी।

16. उजाला योजना
इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार हर घर को बाजार भाव से बेहद कम कीमत पर LED बल्ब मुहैया करवा रही है। इस अभियान के तहत सामान्य बल्ब इस्तेमाल करने वाले करीब 20 करोड़ उपभोक्ताओं को LED बल्ब के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना है। 2019 तक करीब 77 करोड़ LED बल्ब वितरित करने का लक्ष्य है और अब तक 27.93 करोड़ से ज्यादा LED बल्ब वितरित किये जा चुके हैं।

17. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
इस योजना ने खेती को लेकर देश के किसानों की राय बदल दी। अब किसान अन्य व्यवसायों की तरह खेती में भी जोखिम लेने के लिए तैयार हो रहे हैं। 2016-17 में इसके प्रीमियम पर 13,240 करोड़ रुपये खर्च हुए। चालू वित्त वर्ष 2017-18 में इसके लिए 9 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। साल 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने के मोदी सरकार के संकल्प में यह योजना मददगार साबित होगी।

18. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
इस योजना के तहत हर खेत में पानी पहुंचाने का प्रयास चल रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जुलाई 2015 में लॉन्च की गई थी और लक्ष्य रखा गया था कि बरसों से अटकी हुई देश की 99 सिंचाई परियोजनाओं को 2019 तक पूरा कर लिया। अब तक 21 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। अगले साल 50 से ज्यादा योजनाएं पूरी कर ली जाएंगी। इस योजना की प्रगति भी तय लक्ष्य के दायरे में है।

19. Soil Health card
इस योजना से देश के किसानों की तरक्की के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर होती है। देश की कृषि को नई शक्ति दी है Soil Health Card ने। फरवरी 2015 में शुरू की गई इस योजना में लक्ष्य रखा था कि 2018 तक देश के 14 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जाएंगे। अब तक 10 करोड़ से ज्यादा किसानों को यह कार्ड दिए जा चुके हैं। यानी लक्ष्य बहुत दूर नहीं हैं। 

20. E-NAM योजना
किसानों को उनकी फसल की उचित कीमत मिले, उन्हें फसल बेचने में आसानी हो, इसे ध्यान में रखते हुए E-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट योजना (E-NAM योजना) अप्रैल 2016 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत सरकार ने देश की 580 से ज्यादा मंडियों को ऑनलाइन जोड़ने का फैसला किया था। इसके तहत अब तक 470 से ज्यादा कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा जा चुका है। 

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