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मोदी बने मसीहा – कुछ ख्वाब बुन लेने दो

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सवा सौ करोड़ का देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। लेकिन इसमें सबसे बड़ा योगदान अगर किसी शख्स का है तो वो कोई और नहीं, खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसी शख्सियत हैं जो न सिर्फ देश को बदलने के लिए एक के बाद फैसले कर रहे हैं बल्कि एक दिशा भी दे रहे हैं। वह ये जानते हैं कि कुछ फैसले कष्टदायक हैं, उसका पालन करना और कराना आसान नहीं है। निर्णायक फैसले जो राजनीतिक स्वार्थ से परे होकर, वोट की राजनीति को दरकिनार करके प्रधानमंत्री ने लिया, वह उन्हें देश के सामने एक मसीहा के तौर पर ला खड़ा किया है।

प्रधानमंत्री मोदी के मिशन पर अगर इसी तरह देश आगे बढ़ता रहा तो जल्द ही भारत फिर से सोने की चिड़िया नजर आएगी। यहां हम सिर्फ उन अभियानों के बारे में आपको बता रहे हैं जिसका मकसद आम इंसान की सोच बदलने से है। एक बार सोच बदल जाए तो व्यक्ति, समाज और देश की दिशा और दशा बदलने में देर नहीं लगती है। विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर जो ख्वाब हमने अपने सीने में संजोए हैं, उसमें कई अपेक्षाएं देश को हमसे भी है। आप भी इन चुनिंदा अभियानों पर नजर डालें और विचार करें कि आप इन अभियानों से कितना जुड़े… कितना और अभी जुड़ना है।

अभियान का नाम – डिजिटल इंडिया, कैशलेस इंडिया

क्या है अभियान – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से काला धन खत्म करने, भ्रष्टाचार मिटाने के लिए देशवासियों से लेन-देन के लिए ई-पेमेंट का आह्वान किया। ई-पेमेंट पार्दशिता लाएगा और देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा।

कार्यक्रम – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को 500 और 1000 के सभी पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी। उसके बाद देशभर में नकदी की किल्लत हो गई। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से नकदी की किल्लत से मुक्ति के लिए ई-पेमेंट अपनाने की सलाह दी है।

27 नवंबर, 2016 को मन की बात में प्रधानमंत्री ने कैशलेस सोसाइटी के लिए युवाओं से आह्वान किया। उन्होंने कहा था कि इतने बड़ी जनसंख्या वाले देश में एकदम से कैशलेस नहीं हो सकते हैं लेकिन लेसकैश से शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री कैशलेस सोसाइटी की बात की हो, वह लगातार डिजिटल पेमेंट और डिजिटल इंडिया की बात करते रहे हैं और इस ओर एक-एक कदम उठा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे उन लोगों को डिजिटल पेमेंट करना सीखाएं, जिन्हें ये करना नहीं आता है। डिजिटल पेमेंट करने के लिए देशभर में पहले से ई-बटुवा से लेकर तमाम माध्यम उपलब्ध हैं, जिसे युवाओं के माध्यम से पोपुलर करना है। अब तो भारत सरकार ने भी ई-पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए डिजि धन से लेकर ग्राहक लकी ड्रा योजना के साथ-साथ कई पहल की शुरुआत की है।

अभियान का नाम – #IncredibleIndia

शुरू करने की तारीख – 31 मई, 2015

क्या था अभियान – प्रधानमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए #IncredibleIndia अभियान की शुरूआत की। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी यात्रा के अनुभव देशवासियों के साथ शेयर करें। इसके जरिये ये भी कोशिश की कि देश के लोगों को अपने देश के ही अलग अलग भौगोलिक स्थिति, वहां की खूबियां और खूबसूरती को जानने का मौका मिले।

कार्यक्रम – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मई, 2015 को मन की बात में पहली बार #IncredibleIndia की बात की। उन्होंने कहा कि छुट्टियों के दिनों में सब लोग कहीं न कहीं जाते हैं। भारत के अलग-अलग कोनों में जाते हैं। उन्हें अपने अनुभव #IncredibleIndia के साथ शेयर करना चाहिए।

‘सीईंग इज़ बिलीविंग’ एक कहावत है। जब हम कहीं भ्रमण करते हैं, उसका वर्णन दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ करते ही हैं। उसे देश की जनता के साथ शेयर करने का आह्वान प्रधानमंत्री ने किया।

विशेष – प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद हजारों लोगों ने देशभर के विभिन्न पर्यटन स्थलों के अनुभव, रमणीय फोटो #IncredibleIndia के साथ शेयर किया। स्वयं प्रधानमंत्री ने उन पोस्ट में से कुछ को रिट्वीट किया।

उन्होंने इन तस्वीरों में से 50 फोटो का चयन करके फेसबुक पेज पर एल्बम तैयार किया। इसे 18 हजार लोगों ने शेयर भी किया। इससे पर्यटन को काफी बढ़ावा मिला। इस #IncredibleIndia की सफलता को देखते हुए पर्यटन विभाग ने प्रधानमंत्री को ब्रांड एंबेसडर घोषित किया है। इससे पहले आमिर खान पर्यटन विभाग के लिए ब्रांड एंबेसडर की भूमिका में थे।

अभियान का नाम – #SelfieWithDaughter

शुरू करने की तारीख – 28 जून, 2015

क्या था अभियान – बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पहल को प्रोत्साहन देने के लिए सेल्फी विद डॉउटर अभियान की शुरुआत मन की बात के माध्यम से की। उन्होंने माता-पिता से आह्वान किया कि वे अपनी बेटी के साथ फोटो खींचे, हैशटेग करें और एक बेटी को लेकर एक संदेश लिखने को कहा।

कार्यक्रम – 28 जून, 2015 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने सभी माता-पिता से अपनी बेटियों के साथ सेल्फी लेकर उसे साझा करने का आह्वान किया।
दरअसल बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के जिस अभियान के साथ नरेंद्र मोदी मिशन लेकर चले थे, उसका एक खूबसूरत पड़ाव उन्हें हरियाणा के एक सरपंच की कार्यशैली में नजर आई, जिसने प्रधानमंत्री की प्रेरणा से #SelfieWithDaughter का अभियान शुरू किया था।। लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने इसका मन की बात में जिक्र किया, ये पूरी दुनिया के लिए एक बड़े अभियान में तब्दील हो गया।

विशेष – प्रधानमंत्री के अनुरोध के बाद भारी संख्या में लोगों ने अपनी बेटियों के साथ ली गई सेल्फी पोस्ट किये। सबने उसमें अपना यह संदेश भी जोड़ा कि उनके लिए उनकी बेटी कितनी महत्वपूर्ण है। कई ने अपनी बेटियों को अपनी खुशी का स्त्रोत बताया।

कुछ ही घंटे के भीतर #SelfieWithDaughter सोशल मीडिया पर छा गया। भारत में फेसबुक और ट्विटर दोनों पर #SelfieWithDaughter टॉप ट्रेंड बन गया और यह दुनिया भर के टॉप 5 ट्रेंड्स में शामिल था। इस विषय पर एक लाख से अधिक ट्वीट्स किये गए हैं। अफ्रीका और यूरोप के लोगों ने भी इसके लिए काफी उत्साह दिखाते हुए अपनी-अपनी सेल्फी शेयर की है।

अभियान का नाम – #Sandesh2Soldiers

शुरू करने की तारीख – 22 अक्टूबर, 2016

क्या था अभियान – प्रधानमंत्री ने एक वीडियो जारी करके देशवासियों से दीपावली उत्सव के मौके पर घर से दूर सीमा पर देश की सुरक्षा के तैनात सैनिकों को संदेश लिखने, शेयर करने और भेजने का आह्वान किया था।

कार्यक्रम – 30 अक्टूबर, 2016 को मन की बात में प्रधानमंत्री ने #Sandesh2Soldiers का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने 22 अक्टूबर, 2016 को एक वीडियो संदेश जारी करके देशवासियों से आह्वान किया था कि दिवाली के दिन अपनी खुशी में देश के जवानों को शामिल करें। दिवाली से पहले सैनिकों के नाम एक संदेश लिखने का आह्वान किया। उनके आह्वान के बाद लाखों लोगों ने सैनिकों के नाम संदेश जारी किया।

विशेष – संदेश लिखने वाले लाखों करोड़ों देशवासियों को प्रधानमंत्री ने दीपावली के दिन 30 अक्टूबर, 2016 को मन की बात में आभार जताया है। उन्होंने कहा कि जिसके पास कला थी, कला के माध्यम से किया। कुछ लोगों ने चित्र बनाए, रंगोली बनाई, cartoon बनाए, किसी ने कवितायें लिखी, किसी ने अच्छे नारे प्रकट किये।

उन्होंने बताया कि इन संदेशों को एक कॉफी टेबल बुक बनाने की योजना बनाई है। लोगों ने शब्द के रूप में, पिंछी के रूप में, कलम के रूप में, रंग के रूप में, अनगिनत प्रकार की भावनायें, #Sandesh2Soldiers पर इतनी सारी चीज़ें प्रतीकात्मक रूप में आई है।

अभियान का नाम – #MyCleanIndia

शुरू करने की तारीख – 02 अक्टूबर, 2014

क्या था अभियान – प्रधानमंत्री ने गांधी जयंती के मौके पर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। उसके बाद लोगों से सफाई करने के साथ-साथ नौ लोगों को सफाई करने के लिए सोशल मीडिया टैग करते हुए प्रेरित करें। इसे प्रधानमंत्री मोदी का नौ रत्न की संज्ञा दी गई।

कार्यक्रम – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी जयंती पर दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि गांधीजी के दो सपनों (भारत छोड़ो और स्वच्छ भारत) में से एक को हकीकत में बदलने में लोगों ने मदद की। स्वच्छ भारत, गांधी का दूसरा सपना अब भी पूरा होना बाकी है।

एक भारतीय नागरिक होने की खातिर यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम वर्ष 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाए जाने तक उनके स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को स्वच्छ बनाने का काम किसी एक व्यक्ति या अकेले सरकार का नहीं है, यह काम तो देश के 125 करोड़ लोगों द्वारा किया जाना है। स्वच्छ भारत अभियान को एक जन आंदोलन में तब्‍दील करना चाहिए। लोगों को ठान लेना चाहिए कि वह न तो गंदगी करेंगे और न ही करने देंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्‍वच्‍छ भारत अभियान में योगदान देने और सोशल मीडिया पर इसे साझा करने के लिए उन्‍होंने नौ हस्‍तियों को आमंत्रित किया, जिनमें मृदुला सिन्‍हा, सचिन तेंदुलकर, बाबा रामदेव, शशि थरूर, अनिल अंबानी, कमल हसन, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा और ‘तारक मेहता का उल्‍टा चश्‍मा’ की टीम शामिल हैं। उन्‍होंने बताया कि इन कार्यों को अंजाम देने के लिए नौ अन्‍य लोगों को आमंत्रित किया गया है और इस तरह एक श्रृंखला-सी बना दी गई है।

प्रधानमंत्री ने नारा दिया – ‘एक कदम स्‍वच्‍छता की ओर’। प्रधानमंत्री जब उपस्‍थित भीड़ को स्‍वच्‍छता की शपथ दिला रहे थे तो उस वक्‍त जाने-माने फिल्‍म अभिनेता आमिर खान ने भी मंच साझा किया। पांच हजार बच्चों ने सफाई के लिए शपथ लिया। वाकेथन का आयोजन हुआ। वाल्मीकि बस्ती में प्रधानमंत्री ने बच्चों से स्वच्छता सेनानी बनने का आह्वान किया।

विशेष – प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान की मुहिम को देश ने हाथों हाथ लिया। बच्चे हों या बुजुर्ग, हर कोई इस मिशन से जुड़ गया। कुछ स्वार्थी तत्वों को छोड़ दें तो देश का हर नेता, चाहे वो किसी भी दल का हो, उसने स्वच्छता अभियान के साथ खुद को जोड़ा। .आज स्थिति ये है कि देश के तमाम शहरों के बीच स्वच्छता अभियान पर सरकार प्रतिस्पर्धा का आयोजन करवाती है। और बिना किसी भेदभाव के नतीजों का ऐलान किया जाता है।

अभियान का नाम – #YogaFightsDiabetes

अभियान की शुरुआत – 26 जून, 2016

क्या है अभियान – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में डायबिटीज बीमारी की चर्चा की। देश में तेजी से पांव पसारने वाली बीमारी है डायबिटीज। इस बीमारी को मात देने के लिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को योग दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया और उसके अनुभव सोशल मीडिया पर #YogaFightsDiabetes के साथ शेयर करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम – 26 जून, 2016 को प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी पर देशवासियों से मन की बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग लेकर जितनी भी संस्थाएं काम कर रही है, सबका अंतिम लक्ष्य एक ही है – स्वस्थ जीवन, स्वस्थ भारत।
प्रधानमंत्री ने सभी संस्थाओं से डायबिटीज के खिलाफ एक सफल अभियान चलाने का आह्वान किया। इस अभियान में सभी योगगुरुओं से भी शामिल होने का आह्वान किया। देशवासियों से भी जीवन में योग अपनाने का आह्वान किया और उसके अनुभव शेयर करने को कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि Diabetes ऐसा राज-रोग है कि जो बाकी सब रोगों का यजमान बन जाता है। इसलिए हर कोई Diabetes से बचना चाहता है। बहुत लोगों ने इस दिशा में काम भी किया है। कुछ Diabetic patients ने भी अपनी यौगिक practice के द्वारा उसको नियंत्रित किया है।

प्रधानमंत्री के आह्वान करने के बाद ट्विटर पर #YogaFightsDiabetes ट्रेंड करने लगा। उन्होंने बताया कि योग डायबिटिज को कंट्रोल में रखता है।

अभियान का नाम – #StatueCleaning

शुरू करने की तारीख – 27 दिसंबर, 2015

क्या था अभियान – प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में महापुरुषों की मूर्तियों, स्मारक स्थलों को स्वच्छ बनाने के लिए देशवासियों से आह्वान किया।

कार्यक्रम – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर, 2015 को मन की बात की। इसमें उन्होंने देशवासियों से देश के महापुरुषों और शहीदों के प्रति भावनात्मक लगाव को व्यवाहारिक रूप से प्रकट करने का आह्वान किया।

विशेष – प्रधानमंत्री के आह्वान पर पूरे देश में महापुरुषों की मूर्तियों की सफाई का एक अभियान सा चल पड़ा। हर राज्य, हर जिले, हर शहर से लेकर गांव तक में स्थापित महापुरुषों की मूर्तियों, स्मारकों के परिसर को साफ करने के बाद, उन फोटो को #StatueCleaning के साथ सोशल मीडिया शेयर भी किया। हजारों ऐसे फोटो सोशल मीडिया पर आए।

अभियान का नाम – #DrugsFreeIndia

शुरू करने की तारीख – दिसंबर, 2014

क्या था अभियान – प्रधानमंत्री ने देश को नशाखोरी से मुक्त करने का आह्वान किया। इसके लिए उन्होंने मन की बात के तीसरे संस्करण में अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के लिए समय निकालें और बच्चों के साथ भावनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा करें। ऐसा करने से समय रहते बच्चों को उन्हें संभाला जा सकता है।

कार्यक्रम – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के तीसरे संस्करण में ड्रग्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने ‘ड्रग्स फ्री इंडिया’ करने का आह्वान किया। उन्होंने ड्रग्स के तीन नुकसान बताए- 3D: D-डिस्ट्रक्शन, डेवस्टेशन और डार्कनेस। पीएम ने नशे की रोकथाम के लिए देशवासियों से भावुक अपील की थी।

प्रधानमंत्री के आह्वान पर नशा करने वाले बच्चों के प्रति लोगों का नजरिया बदला है। उन्होंने कहा था कि नशा करने वाले बच्चे बुरे नहीं होते, बच्चों में कोई कमी नहीं होती। कुछ विशेष कारणों के चलते वे नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चा अगर नशा कर रहा है तो उसे फटकार लगाने के बजाय प्यार से समझाएं।

प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के लिए समय निकालें, उनके साथ भावनात्मक मसलों पर भी चर्चा करें। पीएम मोदी ने कहा ‘जिसके जीवन में कोई लक्ष्य नहीं है, वहां ड्रग्स का प्रवेश होता है। लोग अपने बच्चों को सपना दिखाएं ताकि ड्रग्स उनके जीवन में जगह न बना पाए।

उन्होंने मन की बात के माध्यम से सोशल मीडिया पर #DrugsFreeIndia के साथ ट्वीट करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद तमाम धर्मगुरुओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपना ध्यान इस ओर लगाया।

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