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लालू के बाद अब मीसा की भी सांसदी जाएगी?  

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बेनामी संपत्ति मामले में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की सुपुत्री मीसा भारती भले ही पूछताछ के लिए पहले बुलावे पर खुद हाजिर होने से कन्नी काट गईं, लेकिन इससे उनकी मुसीबतें कम नहीं होने वाली हैं। मीसा और उनके पति शैलश को इनकम टैक्स विभाग ने 16 मई को समन भेजा था। मीसा को 6 जून को जबकि शैलेश को 7 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। शायद पूछताछ के संभावित सवालों को लेकर मीसा की तैयारी पूरी नहीं हो पाई इसलिए उन्होंने खुद नहीं जाकर अपने वकील को भेजने का फैसला किया।

चारा घोटाले में गई थी लालू की लोकसभा सदस्यता

चार साल पहले चारा घोटाले के एक मामले में पांच साल की सजा मिलने के बाद लालू प्रसाद यादव की लोकसभा की सदस्यता चली गई थी। उन्हीं दिनों तब कांग्रेस नेता रहे राशिद मसूद को एमबीबीएस घोटाले में सजा मिली थी और उनकी भी राज्यसभा की सदस्यता चली गई थी। इन दोनों नेताओं को मिली सजाएं कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेताओं की भ्रष्टाचार में लिप्तता की बानगी दे गई थीं।

भ्रष्टाचार के आरोपों में अब लालू की दूसरी पीढ़ी

लालू यादव जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति (जेपी मूवमेंट)  की उपज माने जाते थे,  उनसे बिहार को बड़ी-बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन आज उनका चेहरा चारा घोटाले से जोड़कर ही देखा जाता है। जब मीसा का जन्म हुआ तब लालू जेपी आंदोलन के दौरान MAINTENANCE OF INTERNAL SECURITIES ACT (MISA) के तहत जेल में थे। इसी के चलते लालू की पहली संतान का नाम मीसा रखा गया। 1996 में चारा घोटाला मामले का जब पर्दाफाश हुआ था तो मीसा भारती 21 साल की थीं। उसके ठीक 21 साल बाद अब लालू की दूसरी पीढ़ी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले सामने आने लगे हैं, जिनमें मीसा भारती की बेनामी संपत्ति का मामला फिलहाल सुर्खियों में है।

मीसा और उनके पति की बढ़ेंगी मुश्किलें

950 करोड़ रुपये के चारा घोटाला मामले के उभरने के बाद से लेकर अब तक लालू प्रसाद यादव उसके घेरे से बाहर नहीं निकल पाए हैं ना निकलते नजर आ रहे हैं। चारा घोटाले में लालू जब ना तब जेल में भी डाले जाते रहे हैं। तो क्या अब मीसा और उनके पति शैलेश कुमार के जेल जाने की घड़ी सामने आ रही है?

आइये जानते हैं कि मीसा से जुड़ा ये पूरा मामला क्या है:

मीसा से जुड़ी बेनामी संपत्ति का मामला

लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा और दामाद शैलेश कुमार पर अपने राजनीतिक रसूख से महंगी संपत्तियों को कौड़ी के भाव खरीदने का आरोप है। आरोपों की मानें तो दोनों ने दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक फार्महाउस महज 1.41 करोड़ रुपये में खरीद लिया जबकि बाजार भाव से इसकी कीमत कम से कम 100 करोड़ रुपये बताई जाती है। इतना ही नहीं इसी तरीके से दोनों पर दिल्ली के सैनिक फार्म्स में भी एक फार्महाउस खरीदने का आरोप है।

गोरखधंधे के लिए खोली कंपनियां?

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के रिकॉर्ड के मुताबिक ये दंपति चार निजी कंपनियों का डायरेक्टर है। दिसंबर 2002 में इस दंपति ने मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड नामकी कंपनी बनाई जिसे 2006 में बंद कर दिया गया। लेकिन गौर करने वाली बात है कि 2008-09 में इसी कंपनी के नाम से दिल्ली एयरपोर्ट के पास फार्महाउस खरीदा गया। वहीं सैनिक फार्म्स का फार्महाउस एक संदिग्ध कंपनी-केएचके होल्डिंग्स के जरिए खरीदा गया। मीसा और शैलेश को ये फार्महाउस महज एक लाख रुपये में मिल गया।  

मीसा के CA की गिरफ्तारी से खुलेंगे कई राज?

पिछले महीने मीसा भारती के CA राजेश अग्रवाल को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई थी। आरजेडी सांसद मीसा से जुड़ी कंपनी मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स लिमिटेड में राजेश अग्रवाल द्वारा किये गए लेनदेन भी जांच के दायरे में है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस मामले में कई और चौंकाने वाले चेहरे भी सामने आ सकते हैं।

ताबड़तोड़ छापे पड़े थे लालू से जुड़े ठिकानों पर

पिछले महीने लालू यादव से जुड़े दिल्ली और गुरुग्राम समेत 22 ठिकानों पर छापे मारे थे। इसके साथ ही लालू के करीबी और आरजेडी नेता प्रेमचंद गुप्ता के ठिकानों पर भी छापे मारे गए। सूत्र बताते हैं कि ये छापेमारी 1000 करोड़ रुपये की बेनामी लैंड डील के मामले में की गई।

मीसा की डॉक्टरी पर भी विवाद

मीसा पेशे से डॉक्टर हैं, हालांकि उन्होंने अब तक कोई प्रैक्टिस नहीं की है। अपने बैच की वो टॉपर रही थीं जिसको लेकर भी खूब सवाल उठे थे।

तेजस्वी, तेजप्रताप भी रहे हैं घेरे में

हाल ही में पेट्रोल पंप लाइसेंस विवाद में लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप को BPCL की ओर से नोटिस भेजा जा चुका है। तेजप्रताप को 2011 में गैरकानूनी तरीके से पटना में बेऊर के पास पेट्रोल पंप का लाइसेंस आवंटित कराये जाने का आरोप है। वहीं पिछले महीने पटना में बन रहे एक निर्माणाधीन मॉल पर केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने रोक लगा दी। इस मॉल के मालिकों में बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनकी मां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भी नाम हैं। आरोप है कि दानापुर में बन रहे इस मॉल के लिए पर्यावरण मंजूरी नहीं ली गई।  

दोनों भाइयों की उम्र का विवाद

लालू के परिवार के विवादों से नाते की दास्तान बहुत लंबी है। एक मजेदार स्थिति तब भी सामने आई जब चुनाव नामांकन पत्र के आधार पर तेजस्वी बड़े भाई बन गए। दोनों भाइयों में बड़े तेजप्रताप हैं, ये और बात है कि बिहार सरकार में पद के लिहाज से वो तेजस्वी से नीचे हैं।

मीसा के मामले पर कब बोलेंगे नीतीश

बिहार में लालू और उनके परिवार से जुड़े विवादों के साये में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परेशानी भी कम नहीं, लेकिन बीजेपी का दामन छोड़ने के बाद आज वो जान-बूझकर भी मक्खी निगलने को तैयार हैं। मीसा के बेनामी संपत्ति के मामले पर भी नीतीश से कुछ सीधा कहते नहीं बन रहा है। जो भी हो, इस मामले ने रफ्तार पकड़ी तो कहीं देखते ही देखते मीसा के लिए भी ये उनकी राज्यसभा सदस्यता छीनने की नौबत ना लेकर आ जाए।

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