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भाजपा के खिलाफ विपक्ष की भूमिका निभाता मीडिया

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कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों के साथ मीडिया भी भाजपा सरकारों के खिलाफ विपक्ष की भूमिका निभाता नजर आ रहा है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चुनाव परिणाम आने के पहले ही भाजपा को हारा हुआ घोषित करने की होड़-सी चल पड़ी है। कई मीडिया संस्थानों के ओपिनियन-एग्जिट पोल में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस को बढ़त दी जा रही है। लेकिन, इसके पहले के कई मीडिया सर्वे गलत साबित होते रहे हैं। आइए एक नजर डालते हैं, मीडिया के कुछ ऐसे एग्जिट पोल पर।

गलत साबित होते रहे हैं मीडिया के एग्जिट पोल 

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो एबीपी न्यूज के सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को 209, एनडीए को 281 और कांग्रेस को 91 सीटें मिलनी चाहिए थीं। लेकिन, चुनाव परिणाम में अकेले बीजेपी को 282 सीटों के साथ ऐतिहासिक बहुमत मिला। एनडीए को सर्वे के अनुमानों से सौ से भी ज्यादा 336 सीटें मिलीं। कांग्रेस को इस सर्वे के अनुमानों से आधी से भी कम सिर्फ 44 सीटें मिलीं। कई अन्य दूसरे चैनलों के सर्वे भी गलत सिद्ध हुए।  

उत्तर प्रदेश में भी फेल हुआ सर्वे

वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एबीपी न्यूज के ही एग्जिट पोल में भाजपा को 164 से 176 सीटों के मुकाबले सपा-कांग्रेस गठबंधन को 156 से 169 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। लेकिन, चुनाव परिणाम के आते ही यह सर्वे औंधे मुंह गिर गया। भाजपा को इस सर्वे के अनुमान के मुकाबले दोगुनी 312 सीटें मिलीं, जबकि सपा-कांग्रेस पार्टी के गठबंधन को करीब एक तिहाई सीटों यानी 54 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। कांग्रेस तो वैसे भी कहीं मुकाबले में नहीं थी। उसे अपने दम पर सिर्फ 7 सीटें मिलीं। टाइम्स नाउ-ओआरजी समेत कई अन्य चैनलों के एग्जिट पोल भी चुनाव परिणाम आने पर गलत साबित हुआ। 

कर्नाटक में भी सत्य से दूर रहा सर्वे

वर्ष 2018 में संपन्न हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में एबीपी न्यूज का एग्जिट पोल एक बार फिर गलत साबित हुआ। अनुमानों में भाजपा को 79 से 89 सीटें दी गई थीं, लेकिन पार्टी को 104 सीटें मिलीं। कांग्रेस को 92 से 102 सीटें दी जा रही थीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी 80 सीटों पर सिमट गई।

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