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भ्रम और भय की राजनीति करने वाली कांग्रेस के 9 गुनाह

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भ्रम और भय फैलाने के साथ झूठ बोलने वाली राजनीति की उम्र लंबी नहीं होती। जनता न केवल इसे तुरंत समझ जाती है, बल्कि ऐसा करने वालों को सत्ता से बेदखल करने में जरा भी देर नहीं लगाती। हालांकि, कांग्रेस पार्टी को यह बात समझ में नहीं आती है, लेकिन नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्यों में आए चुनावी नतीजों ने ये बात स्पष्ट कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो दिन पहले ही बहुत अच्छी बात कही कि, “भ्रम और भय फैलाने वालों, झूठ फैलाने वालों को सबसे अच्छा जवाब लोकतंत्र में मतदाता ही देता है; और लोकतंत्र ने सारे झूठ को जवाब दे दिया है।”

यह बात सिद्ध हो चुकी है कि जब कांग्रेस को इस देश की जनता का समर्थन नहीं मिलता है और सरकार अच्छा काम कर रही होती है तो पूरी पार्टी भ्रम और भय की राजनीति करने में लग जाती है, झूठ फैलाने में लग जाती है। इसके कई उदाहरण हैं, जिनका हम इस लेख में सिलसिलेवार तरीके से विश्लेषण करेंगे। यहां एक बात और बताना जरूरी है कि कांग्रेस पार्टी का मकसद देश में सुशासन लाना कभी नहीं रहा, बल्कि उसका असली मकसद अपनी भ्रष्टाचार और लूट-खसोट की दुकान चलाना रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी कभी भी सरकारी कामकाज में टेक्नॉलॉजी के माध्यम से पारदर्शिता को आने नहीं देती है।

झूठ नंबर 1- नॉर्थ ईस्ट में कांग्रेस ने फैलाया भय और भ्रम
नॉर्थ ईस्ट के तीनों राज्यों में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के लिए भय और भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की। केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर जमकर झूठ बोला गया, लोगों को बरगलाया गया। कांग्रेस ने यह डर फैलाने की कोशिश की कि भाजपा यहां के लोगों को नहीं समझती है। यह आपकी पार्टी नहीं है। यह कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति थी, लेकिन कांग्रेस की इस निगेटिव पॉलिटिक्स को वहां की जनता ने खारिज कर दिया। इसी का नतीजा है कि आज नॉर्थ ईस्ट के दो राज्यों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो चुका है। त्रिपुरा और नगालैंड में कांग्रेस पार्टी खाता तक नहीं खोल पाई है, जबकि मेघालय में जनता ने उसे सत्ता से बेदखल कर दिया है।

झूठ नंबर 2- 13 अंकों का मोबाइल नंबर
कुछ दिन पहले कांग्रेस पार्टी ने एक महत्वपूर्ण विषय पर अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर सर्वे कराया। इस सर्वे का में बताया गया था कि केंद्र सरकार देशभर में बहुत जल्द सभी मोबाइल नंबर को 13 अंकों का करने वाली है, इस फैसले से देश की जनता को परेशानी होगी और आप इस पर अपनी राय दें। जबकि सच्चाई इसके उलट थी। सच्चाई यह है कि 13 अंकों के नए नंबर सिम आधारित मशीन टू मशीन (M2M) संचार के लिए उपलब्ध कराए जाने हैं। इसका सामान्य मोबाइल नंबर से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन कांग्रेस ने इस बहाने आम लोगों में भय और भ्रम फैलाने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर लोगों ने कांग्रेस पार्टी के इस सर्वे का खूब मजाक उड़ाया और आखिर में उन्होंने अपने ट्विटर से यह सर्वे हटाना पड़ा।

झूठ नंबर 3- डोकलाम पर फैलाया भ्रम
डोकलाम के मुद्दे पर भी कांग्रेस पार्टी ने देश में भ्रम की स्थिति फैलाने की कोशिश की थी। कांग्रेस ने डोकलाम में चीनी सेना की भारी उपस्थिति को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर ऐसा चित्र खड़ा करने की कोशिश की, जैसे चीन ने भारत पर आक्रमण कर दिया हो और भारत की हालत खराब है। सच्चाई आज सभी के सामने है, डोकलाम में ऐसा कुछ भी नहीं था। मोदी सरकार ने इस मुद्दे को ऐसे कूटनीतिक तरीके से हल किया कि चीन को पीछे हटना पड़ा। डोकलाम मुद्दे पर पहली बार पूरे विश्व ने देखा कि भारत ने किस तरह अपना लोहा मनवाया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहली बार चीन को झुकने को मजबूर कर दिया गया और उसे अपने कदम पीछे खींचने पड़े। डोकलाम मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी हरकत से साबित होता है कि वो देश के गौरव को, देश के आत्म-विश्वास को भी दांव पर लगाकर भ्रम और भय फैलाना चाहती है। कांग्रेस की सच्चाई यह भी है कि उसके नेता राहुल गांधी डोकलाम विवाद के सामय चीनी राजदूत से गुपचुप मुलाकात कर रहे थे और कांग्रेस के नेता इससे इनकार कर रहे थे। बाद में जब चीनी दूतावास की तरफ से मुलाकात की तस्वीरें जारी की गईं, तो कांग्रेस का झूठ पकड़ा गया।

झूठ नंबर 4-राफेल डील पर कांग्रेस का झूठ
राफेल डील पर भी कांग्रेस पार्टी रोजाना झूठ का पुलिंदा लेकर सामने आती है। पूरा देश जानता है कि आजादी के बाद से नेहरू-गांधी परिवार के लोगों ने रक्षा सौदों को लेकर सिर्फ भ्रष्टाचार ही किया है। हैरानी की बात यह है कि आज ये लोग राफेल डील पर सवाल उठा रहे हैं। आपको राफेल डील की सच्चाई पता चलेगी तो आप दांतों तले अंगुलियां दबाने पर मजबूर हो जाएंगे। इसी कांग्रेस पार्टी ने 10 सालों तक राफेल डील को लटकाकर देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया। मोदी सरकार ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस डील को न सिर्फ पूरा किया बल्कि देश के करोड़ों रुपये भी बचाए। आज जो सौदा हुआ है उसमें राफेल विमान की कीमत कांग्रेस शासन में हुए सौदे के अनुपात में काफी कम है। मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी देश की सुरक्षा और सेना के मनोबल को दांव पर लगाकर के भी भ्रम और भय फैलाना चाहती है।

झूठ नंबर 5- एनपीए पर कांग्रेस का झूठ
आज हर तरफ एनपीए का जिक्र हो रहा है, कांग्रेस पार्टी आरोप लगाती है कि एनडीए सरकार में एनपीए काफी बढ़ गया है। आपको बताते हैं कि NPA संकट इस देश को कांग्रेस की ही देन है। कांग्रेस ने अपने 10 वर्षों के शासन में अपने सभी करीबी उद्योगपतियों को लोन दिया, जनता की मेहनत का बैंकों में जमा धन से उन्हें मनमाफिक पैसा दिया। कांग्रेस पार्टी की कारिस्तानी देखिए, उसने बैंकों की बैलेंस शीट में उसे दिखाया भी नहीं, उन्हें छिपा दिया।

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2008 में बैंकों द्वारा दिया गया कुल एडवांस 18.06 लाख करोड़ रुपये था। और UPA शासन के अगले 6 साल में, यह 3 गुना बढ़कर मार्च 2014 में 52.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मार्च 2014 में, केवल 36% stressed assets को NPA के रूप में चिन्हित किया गया। जून 2017 में, stressed assets का खुलासा 82% पर पहुंच गया। मोदी सरकार ने भारी मात्रा में NPAs का पता लगाया जो अब तक छिपे हुए थे। मोदी सरकार ने कांग्रेस के 10 वर्षों के कारनामे को उजागर किया है। NPA दरअसल पूर्ववर्ती यूपीए सरकार का सबसे बड़ा घोटाला है।

आजकल नीरव मोदी का पीएनबी घोटाला सुर्खियों में है। इस घोटाले की शुरूआत भी साल 2011 में यूपीए शासन के दौरान ही हुई थी। आज कांग्रेस के लोग नीरव मोदी और चोकसी पर झूठ फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। अभी हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश की सिंभावली शुगर मिल के 200 करोड़ रुपये के ओबीसी घोटाले पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे, इसको लेकर कांग्रेस ने ट्वीट भी किए थे। सच्चाई यह है कि इस घोटाले की नींव भी यूपीए शासन में पड़ी थी और इसमें कोई और नहीं पंजाब में कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दामाद गुरपाल सिंह आरोपी है। जब कांग्रेस को इस सच्चाई का पता चला तो उसकी बोलती बंद हो गई और उसने वो ट्वीट भी हटा लिए।

झूठ नंबर 6-जीएसटी
GST को लेकर पिछले 8 महीनों में कांग्रेस ने देशभर के व्यापारियों के बीच भ्रम और भय फैलाकर इस बात के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है कि देश में GST फेल हो जाए। सच्चाई यह है कि भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व ने GST को भारत में आर्थिक क्रांति के रूप में माना है। GST लागू होने के बाद गरीबों, निम्न मध्यम वर्गीय और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ा लाभ हुआ है। देश के व्यापारी कर आतंकवाद से मुक्त हुए हैं। जीएसटी ने देश के पूरे टैक्स सिस्टम को सरलतम बनाया है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इसको लेकर मोदी सरकार रुख बेहत लचीला रहा है, केंद्र सरकार को जहां भी जीएसटी में सुधार की आवश्यकता दिखी, उसने आगे बढ़कर वो सुधार किए हैं। आम उपभोक्ता वस्तुओं के लिए कम से कम टैक्स देना पड़े, सरकार ने यह सुनिश्चित करने का काम किया है।

झूठ नंबर 7- नोटबंदी
भ्रष्टाचार और कालेधन पर मोदी सरकार की सबसे बड़ी चोट वाला नोटबंदी का फैसला अबतक का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार ने देश के गरीबों के हितों के लिए नोटबंदी का निर्णय लिया, पूरे देश ने इस फैसले में सरकार का साथ दिया। कांग्रेस और कुछ चुनिंदा लोगों को जब इसका नुकसान हुआ तो उन्होंने जनता के बीच भ्रम फैलाना शुरू कर दिया, लोगों को बरगलाना शुरू कर दिया।

नोटबंदी के समय राहुल गांधी जी ने एक फोटो ट्वीट की, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति बैंक की लाइन में लगा रो रहा था और कहा गया कि ये बुजुर्ग नोटबंदी से पीड़ित होकर रो रहा है। जबकि सच्चाई क्या थी, पूरे देश ने देखा। उन्होंने मीडिया को खुद बताया कि जब वह बैंक के बाहर कतार में खड़े थे तो किसी ने उन्हें धक्का दे दिया। इस क्रम में एक महिला ने उनके पैर कुचल दिए थे और इसलिए वे रो रहे थे न कि नोटबंदी के कारण। यानी साफ है कि नोटबंदी के दौरान जब पूरा देश एकजुट होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ा रहा था, तब कांग्रेस गरीबों की आड़ में खुद के काले धन को सफेद करने के लिए देश में भ्रम और भय का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही थी। नोटबंदी को लेकर कांग्रेस के सभी आरोप गलत साबित हुए हैं। सच्चाई यह है कि नोटबंदी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सशक्त कदम साबित हुआ है। नोटबंदी का एक बड़ा असर यह भी हुआ कि देश डिजिटल लेन-देन की ओर तेजी से आगे बढ़ा है।

झूठ नंबर 8-एफडीआरआई बिल
FRDI यानी Financial Resolution and Deposit Insurance का बिल अभी चर्चा में ही है, इस बिल पर अभी काम चल ही रहा है, उसको लेकर भी कांग्रेस अफवाह फैलाने और जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। जबकि यह बिल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि जनता का पैसा सुरक्षित रहे। अब इसे आसानी से समझा जा सकता है कि जो बिल अभी प्रक्रिया में है उस पर सवाल उठाकर कांग्रेस ने खुद को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है।

झूठ नंबर 9- बैंकिंग सुविधा चार्ज
Bank convenience Charges को लेकर भी कांग्रेस ने जनता के बीच अफवाह फैलाई कि बैंक लोगों के खातों पर Convenience fee charge करेगी। इससे चीजें महंगी हो जाएंगी। जबकि सच्चाई में ऐसा कुछ भी नहीं है। कांग्रेस की फैलाई गई ये अफवाह भी गलत, आधारहीन और झूठी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के गरीबों को बैंकों से जोड़ने का एक अभूतपूर्व काम किया है। आज देश की गरीब जनता के जीरो बैलेंस पर 31 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते बैंकों में खुले हैं और उन्हें सरकारी सब्सिडी समेत तमाम आर्थिक मदद उनके खातों में दी जा रही है।

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