Home तीन साल बेमिसाल इजरायल का मोदीप्रेम – जानिए वजह…

इजरायल का मोदीप्रेम – जानिए वजह…

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पहली बार इजरायल ने किसी देश के शासनाध्यक्ष का इतना शानदार तरीके से स्वागत किया है। और ये भी पहली ही बार है कि कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजरायल गया है। आखिर ऐसा क्या हो गया कि प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए सारे प्रोटोकोल तोड़कर खुद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू एयरपोर्ट पहुंचे जाते है।

राष्ट्रधर्म सर्वोपरि
पीएम मोदी के लिए सबसे पहले अपना राष्ट्र आता है। राष्ट्रहित में कड़े से कड़ा कदम उठाने से भी मोदी नहीं घबराते। पीएम मोदी के सभी भाषण चाहे वो सार्वजनिक हो या निजी, राष्ट्रीयता से भरे रहते है। और यही सबसे बड़ी खासियत है जो इजरायल को पसंद आती है। इजरायल के लिए भी सबसे पहले राष्ट्रधर्म मायने रखता है।

तुरंत और बड़े निर्णय लेने की क्षमता
पीएम मोदी देशहित में बड़े से बड़ा निर्णय लेने से पीछे नहीं हटते। भ्रष्टाचार, कालेधन और आतंकवाद के खिलाफ नोटबंदी के निर्णय ने ये साबित कर दिया कि श्री मोदी के अंदर बड़े से बड़ा निर्णय लेने की गजब की क्षमता है। और इजरायल भी तुरंत और तेज निर्णय लेने के लिए विश्वविख्यात है।

देश पर हमला तो कड़ा जवाब
इजरायल दुनिया का एक मात्र देश है जो अपने उपर होने वाली किसी भी तरह की असैन्य या किसी भी हमलावर कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देता है। जब से मोदी सरकार बनी है कश्मीर में आतंकियों की कमर टूट चुकी है। और उरी हमलें के बाद सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया को दिखा दिया कि ये भारत अब मोदी का भारत है।

दुनियाभर में फैले भारतवंशियों से लगाव
पीएम मोदी ने पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा विदेश यात्रा की और दुनिया भर में फैले प्रवासी भारतीयों में ये विश्वास पैदा किया कि हम भारतीय एक है। और ये बात इजरायल और भारत में समानता पैदा करती है क्योंकि इजरायल का नागरिक दुनिया के किसी भी हिस्से में रहता हो, उसे इजरायली नागरिकता प्राप्त है और बिना वीजा कभी भी इजरायल आ सकता है।

मेहनत और अनुशासन
बिना रुके और बिना थके मोदी देशहित के लिए दिन रात काम करते है। विदेश यात्रा में जाते है एक दिन में छह-सात मीटिंग, फिर बिना कहीं रुके दूसरे देश की यात्रा पर जाना जो आराम करना है वो बस प्लेन में ही कर लेना। और रोज योग करना, संयमित भोजन लेना। इतनी कड़ी मेहनत और अनुशासन ने इजरायलियों का दिल ही जीत लिया है।

मेक इंडिया पर जोर
अपने देश में उत्पादकता को बढ़ाना चाहे वो बौद्धिक स्तर पर हो या फिर भौतिक स्तर पर ताकि देश सम्मान के साथ दुनिया में अपना मुकाम बना सके और आत्मनिर्भर बन सके। देश के स्वाभिमान को लेकर मोदी की भावना के कायल है इजरायली।

सेना से प्यार और लगाव
जिस प्रकार इजरायली अपने देश की सेना के सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जा सकते है उसी प्रकार पीएम मोदी का सेना के प्रति लगाव और प्रेम जगजाहिर है। यही नहीं पीएम बनने के बाद मोदी ने अपनी तीनों दीवाली सेना के बीच मनाई। भूतपूर्व सैनिकों की लंबित मांग ‘वन रैंक, वन पैंशन’ को भी तुरंत लागू किया। और लोगों में सेना के प्रति आदर का भाव पैदा हो इसके लिए ‘मैसेज टू सोल्जर्स’ मुहिम भी चलाई। देश की सेना के प्रति ये लगाव उन्हें इजरायलियों के दिल के करीब लाता है। 

 इजरायल के साथ सैन्य संबंधों को दी प्रमुखता
पीएम मोदी ने डिफेंस डील में इजरायल को शुरू से तवज्जों दी है। मोदी सरकार ने 965 करोड़ में इजरायली एयरोस्पेस इंडस्ट्री की बराक-एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के सौदे को मंजूरी दी, जबकि पिछली यूपीए सरकार इस समझौते से पीछे हट गई थी। इसके अलावा भारत इजरायल से 2,680 करोड़ रुपए की 10 हेरॉन टीपी यूएवी भी खरीद रहा है। पाकिस्तान सीमा पर बाड़ लगाने से जुड़ी तकनीक का भी भारत इजरायल से आयात कर रहा है। जाहिर है इजरायल के लिए मोदी फिर सबसे खास हो ही जाते है।

इजरायल के मोदी प्रेम के अलावा एक और खासियत है जो इजरायल और भारत को एक दूसरे के समीप लाती है। अगर हम हिंदू और यहूदी संस्कृति के इतिहास पर नजर डाले तो दोनों संस्कृतियां 5 हजार साल पुरानी है और दोनों संस्कृतियों का उद्भव स्थल एशिया ही है।

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