Home गुजरात विशेष चुनावों के दौरान नूतन प्रयोगों की पहचान बन चुके हैं प्रधानमंत्री मोदी

चुनावों के दौरान नूतन प्रयोगों की पहचान बन चुके हैं प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने हर कार्य में नवीनतम प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह अभिनव व्यक्तित्व गुजरात विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान फिर से उभर कर सामने आया है। मंगलवार को उनके अनोखे प्रयोग से गुजरात में हुए विकास को एक नई ऊंचाई प्राप्त हुई है। अहमदाबाद के बीचों-बीच साबरमती में सी-प्लेन की सवारी की दिव्य सोच प्रधानमंत्री मोदी की ही हो सकती है। विकास का गुजरात मॉडल किसे कहते हैं? इसका जवाब पीएम मोदी ने अपने इस एक कदम से दे दिया है। साबरमती नदी की निर्मल और कलकल धारा आज न केवल स्वच्छता की पहचान बन गई है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर वह हवाई जहाज का रनवे बनने के लिए भी तैयार है। यह भारत के परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति है और भविष्य में इससे काफी संभावनाएं भी जुड़ गई हैं।

सी-प्लेन में साबरमती रिवर फ्रंट से उड़ान
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को अहदमबाद के साबरमती रिवर फ्रंट से सी-प्लेन में धरोई डैम के लिए उड़ान भरी। लगभग आधे घंटे बाद उनका सी-प्लेन धरोई डैम में लैंड हुआ, जहां से वह सड़क मार्ग के रास्ते अंबाजी मंदिर के लिए रवाना हो गए। इसके साथ ही पीएम मोदी सी-प्लेन में यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। देश में सी-प्लेन की यह पहली उड़ान है, जिसका सोमवार को ही मुंबई के गिरगांव चौपाटी में ट्रायल हुआ था। गौरतलब है कि पानी और सतह पर उतरने वाले इस तरह के हवाई जहाजों का लगातार ट्रायल चल रहा है, ताकि इनका इस्तेमाल छोटे शहरों में हवाई यात्रा के लिए किया जा सके।

चाय पे चर्चा
2014 के आम चुनाव में श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन में लोक संसद का नवीनतम प्रयोग अपनाया। इसके तहत डीटीएच, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, मोबाइल ब्रॉडबैंड, इत्यादि तकनीकों के माध्यम से भारत में हजारों टी स्टॉलों पर श्री नरेन्‍द्र मोदी और मतदाताओं के बीच दो पक्षीय संवादकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग हुआ। अलग-अलग अंतराल पर 24 राज्यों में 4000 स्थानों पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 15 देशों में 50 स्थानों पर आयोजित की गई। लगभग 10 लाख लोग इस माध्यम से चर्चाओं से जुड़े। दो तरफा संवाद के माध्यम से चुनाव प्रचार का यह अनोखा आइडिया लोगों को बहुत पसंद आया और वे इसमें पूरे उत्साह से शामिल हुए।

नमो चाय
2014 का चुनाव अभिान सिर्फ चाय पे चर्चा पर ही सीमित नहीं रहा, बल्कि नमो चाय ने भी खूब लोकप्रियता बटोरी। जगह-जगह पर नमो चाय स्टॉल खोले गए थे। इसके अलावा भी नमो मोबाइल फोन, साड़ी की दुकानों से मिठाई की दुकानों तक और नेक-टैग्स, स्टीकर्स, कैप से लेकर कारों पर सन-शेड्स तक ब्रांडिंग करते हुए, ब्रांड नमो 2014 अभियान के माध्यम से हर तरफ छा गया था।

थ्री डी होलोग्राम तकनीक से संबोधन
भारत में किसी भी चुनाव अभियान में तकनीक के नवीनतम प्रयोग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कोई जवाब नहीं है। इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण 2014 के आम चुनावों में दिखा, जब उन्होंने एक साथ सौ-सौ जगहों पर अपने भाषण का सजीव प्रस्तुतिकरण करके जनता को चौंका दिया। उससे पहले शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि भारत जैसे विशाल देश में चुनाव प्रचार के लिए तकनीक का इतना बेहतरीन और किफायती प्रयोग भी हो सकता है। प्रचार के इस अनोखे तरीके से न केवल मोदी जी का समय बचता था, बल्कि भारतीय जनता पार्टी का खर्चा भी घट जाता था। भारत के सर्वश्रेष्ठ स्टार कैंपेनर होने के चलते श्री नरेन्द्र मोदी की डिमांड देश के कोने-कोने में रहती है, लेकिन एक व्यक्ति के लिए कम समय में हर जगह उपस्थित हो पाना संभव नहीं रहता, लेकिन इस प्रयोग ने ऐसी सारी मुश्किलों को खत्म कर दिया। अप्रैल और मई 2014 के दौरान 1350 स्थानों में 12 भाषण देने के लिए इसका उपयोग किया गया।

इंडिया 272+
खुले मंचों द्वारा क्राउडसोर्स करना, स्वयं सेवकों से मूल्यवान इनपुट जुटाए गए, जो श्री नरेन्‍द्र मोदी के भाषणों का हिस्सा बने। यह जुलाई 2013 में प्रारंभ हुआ जहां, उन्होंने पुणे में विद्यार्थियों की भीड़ को संबोधित करने के लिए फेसबुक के माध्यम से जुटाए गए इनपुट्स का उपयोग किया।

मेरे सपनों का भारत
यह 2014 के दौरान सबसे व्यस्त क्राउडसोर्स अभियानों में से एक था। स्मृति ईरानी की अगुवाई में चला ये अभियान एक ऐसा प्रयास था जहां नागरिकों को उनके सपनों के भारत पर संक्षिप्त वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

डिजिटल चैनलों में 360 डिग्री अभियान
2014 चुनाव अभियान के दौरान डिजिटल इकोसिस्टम ‘मिशन 272+’ के लिए अपनी अद्वितीय विशेषताओं के साथ-साथ कई प्लेटफॉर्म्स पर जनता का ध्यान आकर्षित किया। इसमें वेब, मोबाइल, सोशल मीडिया, वॉइस एसएमएस और एसएमएस भी शामिल रहे। अभियान के दौरान एक राष्ट्रव्यापी निशुल्क नंबर 78200-78200 गेम-चेंजर्स साबित हुए। जहां संपूर्ण भारत से अभियान में सम्मिलित होने के लिए मिस्ड कॉल दिया सकता था या एसएमएस या WhatsApp से संदेश भेजा सकता था।

रैलियों की अलग-अलग ब्रांडिंग
इसके अलावा राज्य और क्षेत्र के अनुसार रैलियों का नामकरण भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रचार अभियान का एक अहम हिस्सा होता है, जिससे स्थानीय वोटर तक संदेश पहुंचाना सुलभ हो। जैसे यूपी में विजय शंखनाद रैली की ब्रांडिंग की गई, तो बिहार में हुंकार रैली। कर्नाटक में Bharatha Gellisi rallies की ब्रांडिंग की गई तो महाराष्ट्र में महा गर्जना। वहीं अरुणाचल में विजय संकल्प रैली की ब्रांडिंग हुई तो हिमाचल प्रदेश में परिवर्तन रैली। चुनाव में एक-एक सीट की अहमियत को देखते हुए कोलकाता में जन चेतना सभा का आयोजन किया गया था, लेकिन उसके बैकग्राउंड में इंडिया272+ की ब्रांडिंग की गई।

कुल मिलाकर पीएम मोदी जो भी काम करते हैं उनका विजन बिल्कुल स्पष्ट होता है। वह एक निश्चित लक्ष्य लेकर चलते हैं और उसके लिए खुद संघर्ष भी करते हैं और उसके लिए समर्पित होकर डटे भी रहते हैं। यही कारण है कि वर्तमान समय में देश का कोई भी नेता उनके नेतृत्व कौशल के सामने दूर-दूर तक कहीं भी नहीं टिकता है। जहां पर लोग सोचना खत्म कर देते हैं, मोदी जी की सोच वहां से शुरू होती है।

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