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भारत और सऊदी अरब के बीच 5 क्षेत्रों में समझौते, आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का साथ देने का वादा

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने बुधवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भारत और सऊदी अरब के बीच पांच समझौते हुए। इस दौरान पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि सऊदी के प्रिंस का स्वागत करके खुश हूं। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। दोनों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए। निवेश और व्यापार क्षेत्र में नया विस्तार हुआ है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर हुई चर्चा 

इस दौरान पीएम मोदी ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले हफ्ते पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला, इस मानवता विरोधी खतरे से दुनिया पर छाए कहर की एक और क्रूर निशानी है। इस खतरे से प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है। पीएम मोदी ने कहा कि अतिवाद के खिलाफ सहयोग और इसके लिए एक मज़बूत कार्ययोजना की भी जरूरत है, ताकि हिंसा और आतंक की ताकतें हमारे युवाओं को गुमराह न कर सकें। मुझे खुशी है कि सऊदी अरब और भारत इस बारे में साझा विचार रखते हैं। हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि काउंटर टेररिज्म, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और मजबूत द्विपक्षीय सहयोग दोनों देशों के लिए लाभप्रद रहेंगे।

सऊदी के युवराज ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का समर्थन किया

सऊदी के युवराज ने कहा, ‘आतंकवाद और कट्टरवाद पर हमारी साझा चिताएं हैं। हम अपने दोस्त भारत को बताना चाहते हैं कि हर मोर्चे पर हम सहयोग करेंगे। सबके साथ मिलकर हम आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए काम करेंगे।’ साथ ही युवराज ने कहा कि दोनों देशों ने पिछले 50 साल में संबंधों में मजबूती हासिल की है। हम कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ सकते हैं। हमने 44 हजार अरब डॉलर (करीब 3 लाख 13 हजार करोड़ रुपए) का निवेश किया है। हम चाहते हैं कि दोनों देश मिलकर निवेश को फायदेमंद बनाएं।

आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का निश्चय

पीएम मोदी ने बताया कि आज हमने द्विपक्षीय संबंधों के सभी विषयों ​​पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। हमने अपने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का निश्चय किया है। हमारे ऊर्जा संबंधों को स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप में तब्दील करने का समय आ गया है। दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी और स्ट्रैटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व में सऊदी अरब की भागीदारी, हमारे ऊर्जा संबंधों को बायर-सेलर रिलेशन से बहुत आगे ले जाती है। भारत और सऊदी अरब के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध सदियों पुराने हैं। और यह सदैव सौहार्द्रपूर्ण और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। हमारे लोगों के बीच के घनिष्ठ और निकट संपर्क हमारे देशों के लिए एक सजीव सेतु यानि living bridge है।

भारत और सऊदी अरब के बीच हुए ये करार

– भारत और सऊदी अरब के बीच ऊर्जा को लेकर करार हुआ है।
– पर्यटन क्षेत्र में भारत-सऊदी अरब के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
– भारत और सऊदी अरब के बीच व्‍यापार को और बढ़ावा देने के लिए करार हुए हैं।
– प्रसार भारती और सऊदी अरब के बीच प्रसारण साझा करने पर भी करार किया गया है।
– इंटरनेशनल सोलर अलायंस के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच करार हुए हैं।

इससे पहले राष्ट्रपति भवन में सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के सम्‍मान में भव्‍य स्वागत समारोह हुआ। पीएम मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसमें मौजूद रहे। सऊदी प्रिंस ने इस दौरान कहा कि आज हमें यह पक्का करना है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बने रहें और पहले से बेहतर हों। पीएम और राष्ट्रपति के नेतृत्व में मुझे उम्मीद है कि हमलोग दोनों देशों के लिए कुछ अच्छा कर पाएंगे। सऊदी प्रिंस मंगलवार को देर रात नई दिल्ली पहुंचे और पीएम नरेंद्र मोदी ने हवाई अड्डे पर उनकी आगवानी की।

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