Home विशेष कारपेट एरिया बढ़ने से गरीबों को मिलेगी अपनी छत

कारपेट एरिया बढ़ने से गरीबों को मिलेगी अपनी छत

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने देश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर से प्रकट की है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत अपना घर खरीदने वाले लोगों को ब्याज दर में मिलने वाली छूट का दायरा और बढ़ा दिया गया है। इससे अपने घर का सपना सभी देशवासियों के लिए और अधिक सहज हो गया है।

सब्सिडी का दायरा बढ़ाया गया

एक ताजा निर्णय में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मध्यम आय वर्ग के ऋण द्वारा घर बनाने पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ा दिया गया है। पूर्व योजना के अनुसार यह छूट अभी तक 90 स्क्वेयर मीटर एरिया पर मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 120 स्क्वेयर मीटर कर दिया गया है। इसके साथ-साथ सरकार ने उन लोगों के लिए कारपेट एरिया भी बढ़ा दिया गया है, जो इस योजना के अंतर्गत ऋण ले पाने की पात्रता रखते हैं। इस योजना का लाभ मध्यम आय वर्ग के लोगों को क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के अंतर्गत मिल सकेगा।

यह वर्ग होगा लाभान्वित

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत इसका लाभ उन गरीब तथा मध्यम आय वर्ग वाले लोगों को मिलता है, जो बैंक से लोन लेकर अपना मकान बनाते हैं या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों अथवा किसी अन्य संस्थान से लिये ऋण की सहायता से अपने घर का निर्माण कार्य कराते हैं। इन्हें ब्याज पर 6.5 प्रतिशत की छूट मिलती है और कुछ प्रावधान के साथ 20 वर्षों तक का लोन टेन्योर भी मिलता है। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली क्रेडिट लिंक्ड सब्सिटी उसी स्थिति में मिल सकती है, जब ऋण की राशि 6 लाख तक हो तथा अतिरिक्त 6 लाख के ऋण पर दिया जाता है। इस सब्सिटी का लाभ उन लोगों को पहुंचेगा, जो अपना नया मकान बनवा रहे हो, मौजूदा घर में कोई नया कमरा बना रहे हों या फिर कोई लघु विस्तार कर रहे हों, जैसे रसोईघर आदि बनवाना।  

योजना का स्वरूप

मध्यम आय समूह [एमआईजी] के अंतर्गत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिटी स्कीम [सीएलएसएस] -1 श्रेणी के कारपेट एरिया के बढ़ने से वर्तमान 90 स्क्वेयर मीटर से बढ़कर 120 स्क्वेयर मीटर हो जाएगी। सीएलएसएस के एमआईजी-2 के कारपेट एरिया में की गई बढोतरी के अनुसार यह अब 110 स्क्वेयर मीटर से बढ़कर 150 स्क्वेयर मीटर तक होगी। एमआईजी के लिए सीएलएसएस एमआईजी में दो आय समूहों अर्थात 6 लाख 1 लेकर 12 लाख तक एमआईजी-1 के अंतर्गत और 12 लाख 1 से लेकर 18 लाख एमआईजी-2 को प्रति वर्ष को कवर करती है। एमआईजी-1 में ब्याज दर में रियायत प्रदान करने की क्षमता 9 लाख के ऋण तक पर 4 प्रतिशत है और एमआईजी-2 में 12 लाख तक के ऋण पर 3 प्रतिशत की छूट मिलती है। इससे गरीब तथा मध्यम आय वर्ग को किफायती दामों में घर लेने में बहुत सुविधा होगी।

 

 

 

 

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