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केजरीवाल एंड कम्पनी का खौफ – ‘सेफ्टी की गारंटी’ मांग रहे अधिकारी !

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दिल्ली के अधिकारियों में विधायकों द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार और मारपीट का खौफ इतना घर कर गया है कि वे अब राज्य के सीएम अरविंद केजरीवाल से सेफ्टी की गारंटी मांग रहे हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मुख्यमंत्री को इस बाबत एक लेटर भी लिखा है। इस लेटर में उनके और अधिकारियों की सुरक्षा की गारंटी होने पर ही बैठकों में हिस्सा लेने की बात लिखी गई है। उन्होंने लिखा,  ”अगर मुख्यमंत्री अफसरों की सेफ्टी का भरोसा दें तो हम मंगलवार को होने वाली अहम मीटिंग में शामिल होने के लिए तैयार हैं। साथ ही सुनिश्चित करें कि अफसरों पर किसी तरह का शारीरिक और मौखिक हमला नहीं किया जाए।”

दरअसल किसी भी लोकतंत्र के लिए यह खतरनाक स्थिति होती है जब अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच इस तरह का अविश्वास देखने को मिलता है। दुर्भाग्य से दिल्ली में अभी ऐसी ही स्थिति है। … लेकिन क्यों?

केजरीवाल की शह पर गुंडागर्दी करते हैं आप विधायक
19 फरवरी, 2018 की रात 12 बजे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पर विधायकों की बैठक थी। इसमें शामिल होने के लिए राज्य के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को भी बुलाया गया था, लेकिन उसी दौरान आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। सवाल है कि सीएम के इशारे के बिना क्या कोई विधायक उनकी मौजूदगी में ऐसी हरकत करने की हिम्मत कर सकता है? अगर ऐसा नहीं था तो केजरीवाल को स्वयं इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करवानी चाहिए थी। वे राज्य के संवैधानिक पद पर बैठे हैं इसलिए उनकी जिम्मेवारी थी कि कम से कम पुलिस को इस बात की सूचना खुद देते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

अधिकारियों को गुलाम समझती है केजरी एंड कंपनी
4 अक्टूबर, 2017 को अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा था, ”दिल्ली के मालिक हम हैं”। आप समझ सकते हैं जिस व्यक्ति ने जनता का सेवक बनने का वादा कर सत्ता हासिल की वे स्वयं को दिल्ली का मालिक कहते हैं। जाहिर है मूल सोच में ही जब खोट हो तो उसके परिणाम भी घातक ही होंगे। दिल्ली में कुछ ऐसा ही हो रहा है। अधिकारियों को सरेआम बेईमान कहना, उन्हें गालियां देना और मनमानी करने वाला बताना, कम से कम एक सीएम को तो शोभा नहीं देता है। केजरीवाल एंड कंपनी ने जब से सत्ता का स्वाद चखा है उनका व्यवहार सामंती हो चला है। वे दिल्ली के मालिक बन बैठे हैं और अधिकारियों को वे गुलाम समझते हैं।

Anarchist  केजरीवाल ने दिल्ली में फैला दी है अराजकता
हां मैं अराजक हूं! …21 जनवरी, 2014 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वयं के बारे में टिप्पणी की थी। तब लोगों ने इसे एक आंदोलनकारी, क्रांतिकारी की पीड़ा समझा था, लेकिन बीते तीन वर्षों में दिल्ली की जनता ने केजरीवाल के नेतृत्व में जिस शासन को देखा है, वह वास्तव में ही ‘अराजक’ है। भ्रष्टाचार, मनमानी, गुंडागर्दी, सांप्रदायिक राजनीति, कास्ट पॉलिटिक्स… ऐसे कितने ही तमगे जुड़ते चले गए हैं केजरीवाल एंड कंपनी के साथ। दिल्ली में अपने वादों को पूरे नहीं कर पाने की खीझ साफ देखी जा रही है। 

केजरीवाल की सरकार ने 1000 मोहल्‍ला क्‍लीनिकों के निर्माण का वादा किया था, लेकिन इन तीन वर्षों में अब तक महज 180 स्‍थापित हुई हैं, जिनमें 168 ही काम कर रही हैं। 20 डिग्री कॉलेज खोलने के वादे किए थे एक भी नहीं खुले। पूरी दिल्ली में वाई-फाई देने का वादा था, वह भी नहीं हुआ। हर डीटीसी बस में मार्शल और सीसीटीवी का वादा भी पूरा नहीं कर सके। अवैध अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने का वादा भी अधूरा है। इसी तरह दो लाख पब्लिक टॉयलेट बनाने दावे थे, पर बने महज 21 हजार।

जाहिर है ऐसे अधूरे वादों को पूरा नहीं कर पाने की नाकामी उन्हीं के सिर जाएगी।इसी कारण वे कोई न कोई ऐसे मौके की ताक में हैं जो कि वो अपनी अक्षमता का दोष केंद्र सरकार पर मढ़कर फिर चुनावी मैदान में आ जाए।

गुंडे-मवालियों जैसा आप विधायकों का व्यवहार
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता का भरोसा खोने के बाद खुलेआम गुंडागर्दी करनी शुरु कर दी है। अब तक उनके मंत्रियों, आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेताओं पर चोरी-छिपे मारपीट और रंगदारी वसूलने के ही आरोप लगते थे। अब तो मुख्यमंत्री आवास में भी मारपीट और धमकाने का कारोबार शुरू हो चुका है। मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के मामले में भी ऐसा ही हुआ था।

राजनीति में आदर्शवाद और शुचिता की दुहाई देकर सत्ता प्राप्त करने वाली केजरीवाल एंड कंपनी अब गुंडे और मवालियों सा व्यवहार कर रही है। बहुतेरे ऐसे उदाहरण हमारे सामने हैं जब आप विधायकों, मंत्रियों ने गुंडागर्दी की। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर भी एक सीनियर ऑफिसर बदसलूकी के आरोप लग चुके हैं। आइये हम केजरीवाल एंड कंपनी के ऐसे की कारनामों के बारे में जानते हैं। 

बीजेपी नेताओं से बदसलूकी
कुछ दिन पहले की ही घटना है जब दिल्ली में चल रहे सीलिंग मुद्दे पर बैठक के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पहुंचे बीजेपी नेताओं के साथ केजरीवाल के गुंडों पर मारपीट का आरोप लगा था। इस घटना के बाद दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और अन्य नेताओं ने थाने पहुंचकर केजरीवाल एवं उनके गुर्गों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मनोज तिवारी का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के नेता जरनैल सिंह ने उनके एक नेता से ऐसी धक्का-मुक्की की कि उनके हाथ में चोट आ गई। मनोज तिवारी ने ये भी आरोप लगाया ‌कि वे समय लेकर वहां पहुंचे थे, लेकिन केजरीवाल ने उनसे अभद्र भाषा में बात की और अपमान किया।

कपिल मिश्रा पर भी करवाया जा चुका है हमला
दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा पर अनशन के दौरान हमला करवाने का आरोप भी केजरीवाल की पार्टी पर लग चुका है। आरोप लगे थे कि आरोपी अंकित भारद्वाज आम आदमी पार्टी का समर्थक था। दरअसल, कपिल मिश्रा ने अपनी आंखों के सामने केजरीवाल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसी बात पर आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो उनसे नाराज हो गए थे। 

विधानसभा में भी AAP के विधायक कर चुके हैं मारपीट
केजरीवाल के विधायक इतने बेखौफ हो चुके हैं,कि वो विधानसभा के अंदर भी किसी पर हमला करने से बाज नहीं आते। ऐसा ही आरोप अमानतुल्ला खान पर है जिन्होंने पार्टी के दूसरे विधायकों के साथ मिलकर विशेष सत्र के दौरान कुछ पत्रकारों के साथ भी मारपीट की। इस हमले में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया गया। दरअसल, आम आदमी पार्टी विधायक सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने से नाराज हो गए थे। इस हमले में कुछ पीड़ित जख्मी भी हुए, जिन्हें बचाने के लिए विधानसभा में पुलिस और एंबुलेंस दोनों बुलानी पड़ी।

केजरीवाल के विधायकों की गुंडागर्दी की लिस्ट काफी लंबी है

रामनिवास गोयल
स्पीकर रामनिवास गोयल और उनके बेटे सुमित गोयल समेत 7 लोगों के खिलाफ दंगा फैलाने और मारपीट का आरोप लग चुका है। यह घटना 6 फरवरी, 2015 की है।

अल्का लांबा
ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में विधायकी गंवा चुकीं आम आदमी पार्टी विधायक अल्का लांबा भी अपने बाकी साथियों से पीछे नहीं हैं। उनपर भी आरडब्ल्यूए के एक सदस्य मारपीट और धमकाने का आरोप लगा चुका है। यह मामला दरियागंज थाने में दर्ज है। इससे पहले भी अलका लांबा ने 7 अगस्त, 2015 को दिल्ली में कश्मीरी गेट स्थित मिठाई की दुकान पर तोड़फोड़ की थी।

सोमनाथ भारती
केजरीवाल के विधायकों की गुंडागर्दी की जब भी चर्चा होती है, तो सोमनाथ भारती का चेहरा बच्चे-बच्चे की आंखों के सामने घूम जाता है। उन पर उनकी पत्नी लिपिका मित्रा ने ही मारपीट, क्रूरता और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। केजरीवाल की 49 दिन की सरकार में ही भारती की गुंडागर्दी दिल्ली में ही नहीं विदेशों भी चर्चित हो चुकी थी।

ऋतुराज झा
किराड़ी विधानसभा के विधायक ऋतुराज झा के खिलाफ भी आम आदमी पार्टी का ही एक कार्यकर्ता मारपीट और गाली-गलौच का आरोप लगा चुका है। इस मामले में अमन विहार थाने में केस दर्ज हुआ था।

अमानतुल्ला खान
केजरीवाल के मारपीट करने वाले विधायकों में ओखला विधायक का नाम तो पहले से ही कुख्यात है। उनके खिलाफ भी जामियानगर थाने में एक व्यक्ति ने मारपीट का केस दर्ज कराया था।

राखी बिड़लान
मंगोलपुरी की विधायक राखी बिड़लान पर भी सफाई कर्मचारियों के साथ मारपीट का आरोप लग चुका है।

दिनेश मोहनिया
संगम विहार से विधायक दिनेश मोहनिया पर भी 26 जून, 2016 को एक बुजुर्ग को थप्पड़ मारने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। वह बुजुर्ग मोहनिया से अपने इलाके की समस्या को लेकर मिलने गया था।

अखिलेश त्रिपाठी
मॉडल टाउन से विधायक अखिलेश त्रिपाठी पर भी बिट्टु झा नाम के पीड़ित से मारपीट करने का आरोप लग चुका है। अखिलेश त्रिपाठी के खिलाफ एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया है।

संजीव झा
बुराड़ी के विधायक संजीव झा पर हजारों कार्यकर्ताओं और विधायक अखिलेश त्रिपाठी के साथ बुराड़ी थाना परिसर पर हमला और पुलिस पर पथराव करने का आरोप लगा था।

सुरिंदर सिंह
दिल्ली छावनी से विधायक सुरिंदर सिंह पर रुतबे का दुरुपयोग करने और नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद के बेलदार मुकेश के साथ मारपीट करने का आरोप लग चुका है। इस AAP नेता पर जातिसूचक टिप्पणियां करने का भी आरोप लग चुका है।

जगदीप सिंह
हरीनगर से आम आदमी पार्टी विधायक जगदीप सिंह पर एक ठेकेदार से मारपीट का आरोप लगा था। पुलिस के पास दर्ज शिकायत के अनुसार शराब पीकर विधायक ने ट्रक को बिना वजह रोका, ट्रक को डायवर्ट कराया, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।

नरेश बाल्यान
विधायक नरेश बाल्यान पर आरडब्लूए प्रेसिडेन्ट पर हमला करने,थप्पड़ मारने और गाली-गलौच करने का आरोप लगा था। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

प्रकाश जारवाल
देवली के विधायक प्रकाश जारवाल पर एक महिला को धक्का मारकर निकालने, दुर्व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। इस मामले में जारवाल की 24 अगस्त, 2016 को गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

सहीराम पहलवान
तुगलकाबाद से विधायक सहीराम पहलवान के खिलाफ भी एक युवक की पिटाई करने का मामला दर्ज है। पीड़ित की गलती ये थी कि उसने विधायक से गलियों को बनवाने के नाम पर हुई लूट का हिसाब मांगा था।

शायद अपराधिक इतिहास के चलते ही अब केजरीवाल का गैंग संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा है, जो अपने खिलाफ जाने वालों पर किसी भी तरह का हमला करने से पीछे नहीं रहता है।

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