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आजादी के 70 वर्ष बाद एलीफेंटा की गुफाएं हुईं रौशन, टापू के 200 घरों में भी पहुंची बिजली

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर गांव-हर घर में बिजली पहुंचाने की मुहिम चल रही है। सौभाग्य योजना के अंतर्गत देशभर के घरों में बिजली पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। अब महाराष्ट्र में मुंबई से महज 10 किलोमीटर दूर एलीफेंटा या घरापुरी टापू पर आजादी के 70 साल बाद बिजली पहुंचाई गई है। एलीफेंटा टापू के तीन गांव आजादी के बाद से ही अंधेरे में डूबे हुए थे।

समुद्र में बिछाई गई बिजली की केबल
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसारर एलीफेंटा टापू पर बिजली पहुंचाने के लिए समुद्र में 7.5 किलोमीटर केबल बिछाई गई है, यह भारत में समुद्र में बिछाया गया सबसे लंबा केबल है। इस टापू पर विद्युतीकरण की परियोजना में कुल 25 करोड़ की लागत आई है, और इसे पूरा करने में 15 महीने के समय लगा है। बिजली विभाग ने तीनों गांवों में छह-छह स्ट्रीट लाइट टॉवर लगाए हैं, और इन पर शक्तिशाली एलईडी बल्ब लगाए गए हैं। इसके साथ ही इन गांवों के दो सौ घरों में बिजली के मीटर कनेक्शन और कुछ उपभोक्ताओं को व्यावसायिक कनेक्शन भी दिए गए हैं। बिजली पहुंचने की खुशी में लोगों ने एलीफेंटा टापू के गांवों के निवासियों ने पारंपरिक सजावट कर अपनी खुशी जताई।

जोकापाथ गांव में आजादी के बाद पहली बार पहुंची बिजली
पिछले वर्ष दिसंबर में ही छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले के जोकापाठ गांव में भी आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची थी। आजादी के 70 साल बाद बिजली पहुंचने पर लोगों की खुशी की ठिकाना नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों के चलते इस गांव का अंधेरा दूर हो पाया। खुशी में डूबे गांव के लोगों का कहना था कि अब उनके गांव के बच्चे पढ़-लिख सकेंगे। गांव के विकास की यह कहानी जब सोशल मीडिया के जरिये श्री नरेंद्र मोदी तक पहुंची तो वह भी बेहद खुश हुए। गांववालों के लिए इस ऐतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि ऐसी खबरें बेहद खुश और भावुक कर देती हैं। इतनी सारी जिंदगियों को रोशनी देखना आनंददायक है।

दरअसल, जोकापाठ गांव के पहाड़ों के बीच होने के कारण यहां बिजली पहुंचाना बहुत ही मुश्किल का काम था। आजादी के 70 साल बाद भी यहां बिजली ना पहुंचने की बात जब मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को मिली तो उन्होंने इसपर काम करने को कहा। बिजली के खंभे लगाए गए, ट्रांसफॉर्मर लगाया गया, तार खींचे गए और लोगों को बिजली मिलनी शुरू हो गई।

गांव के सरपंच ने खुशी जताते हुए कहा कि अब बिजली आने के बाद गांव के बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर सकेंगे और जिंदगी में आगे बढ़ सकेंगे। गांव के बच्चे बिजली आने से काफी खुश हैं। बच्चे रोशनी में पढ़ाई कर रहे हैं। अब जोकापाठ बिजली पहुंचने से गांव के साथ-साथ इलाके के विकास में तेजी आएगी।

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