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पीएम मोदी की पहल से भ्रष्टाचार पर अंकुश, पश्चिम बंगाल में मिले 1.2 करोड़ फर्जी राशन कार्ड

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आधार नंबर के सरकारी योजनाओं के साथ लिंक करने से एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो रहे हैं। नया मामला पश्चिम बंगाल से आया है। पश्चिम बंगाल में एक करोड़ 20 लाख फर्जी राशन कार्ड मिले हैं। पश्चिम बंगाल के लगभग सभी जिले में औसतन ढाई लाख राशन कार्ड फर्जी मिले हैं। ये फर्जी राशन कार्ड भ्रष्टाचार की उपज है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी सरकारी योजनाओं में आधार नंबर को लिंक करने के लिए जोर देते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर कांग्रेस तक कोई न कोई बहाना बनाकर सरकारी योजनाओं को आधार से लिंक होने से बचाने की जुगत में लगे हैं।

योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और योजनाएं भ्रष्टाचार मुक्त हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रत्येक योजना को शत-प्रतिशत आधार को लिंक करने का प्रयास कर रहे हैं। उसी का असर है कि जिन-जिन योजनाओं में आधार नंबर को लिंक किया गया, उन-उन योजनाओं में से भ्रष्टाचार का जिन्न बाहर आया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आधार एक सशक्त हथियार बना है, उसकी एक बानगी देखिए –

‘आधार’ से उच्च शिक्षा में 1.30 लाख फर्जी शिक्षकों का खुलासा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय ने आधार लिंकेज के साथ बोगस एनरॉलमेंट को खत्म करने की ठानी। उसका एक के बाद एक फायदा सामने आ रहा है। 
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बीते साल सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से कहा था कि वह अपने यहां कार्यरत शिक्षकों की जानकारी देते समय उनका 12 अंकों का आधार नंबर भी उपलब्ध कराएं। मंत्रालय ने यह कदम उच्च शिक्षा में फर्जी शिक्षकों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया था। आधार नंबर के जरिये शिक्षकों के बारे में पता करने की प्रक्रिया के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया है कि देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत बताए जा रहे 14 लाख शिक्षकों में 1,30,000 शिक्षकों के फर्जी नाम शामिल थे। वास्तव में इतने शिक्षक थे ही नहीं। 

मिड डे मील योजना में भी फर्जीवाड़े का पर्दाफाश
आधार के जरिये पहचान कन्फर्म करने की प्रक्रिया से मिड डे मील में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। पिछले वर्ष अप्रैल में पता चला था कि इस योजना में 4.4 लाख छात्रों का रजिस्ट्रेशन फर्जी तरीके से हुआ है। यह आंकड़ा भी सिर्फ तीन राज्यों-आंध्र प्रदेश, झारखंड और मणिपुर के बच्चों का था। ऐसे में अनुमान ही लगाया जा सकता है कि गड़बड़ी किस स्तर पर हो रही होगी और आधार लिंकेज इसका पर्दाफाश करने में कितना कारगर है। मोदी सरकार अपने सुधारवादी कार्यक्रमों में आधार लिंकेज को शामिल कर भ्रष्टाचार पनपाने वाले लीकेज को खत्म करने को लेकर प्रतिबद्ध है।

राशन कार्ड से आधार जुड़ा तो मिले 2.33 करोड़ फर्जी 
आधार नंबर से राशन कार्ड को जोड़ने की योजना से भी सरकारी खजाने को राहत मिली है। खाद्य सब्सिडी में सालाना 14 हजार करोड़ रुपये की चोरी रुक गई है। आधार लिंकिंग से देश भर में कुल 2.33 करोड़ राशन कार्ड फर्जी मिले। इन कार्डों को रद्द कर दिया गया । केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 23.20 करोड़ राशन कार्ड हैं जिसे शत प्रतिशत डिजिटल किया जा चुका है। अब तक 77 फीसदी राशन कार्ड को आधार से जोड़ा जा चुका है। इसमें 2.33 करोड़ राशन कार्ड फर्जी मिले। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर, 2016 तक राशन कार्डों को आधार से लिंक करने बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले खाद्यान्न में 14,000 करोड़ रुपये की बचत हुई। हाल ही में कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री यू टी खादर ने कहा था कि आधार  से लिंक करने वजह से राज्य में करीब 8.5 लाख फर्जी राशन कार्डों का पता चला है और इन्हें निरस्त कर दिया  गया है। उनके मुताबिक राशन की हर दुकान पर 60 से 70 फर्जी लाभार्थी दर्ज थे।

आधार जोड़ने से 3.77 करोड़ फर्जी एलपीजी कनेक्शन खत्म 
सरकार ने रसोई गैस कनेक्शन से आधार लिंक करना अनिवार्य कर दिया। इसके साथ ही गैस सब्सिडी आधार लिंक्ड बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर बेनिफिट के तहत जाने लगा। इससे नकली कनेक्शन और चोर-बाजारी की समस्या पर रोक लगाने में मदद मिली है। 1 दिसंबर,2017 तक के ताजा सरकारी आंकडों के मुताबिक आधार से लिंक करने की वजह से कुल 3,77,94,000 गैस कनेक्शन रद्द किए जा चुके हैं। इनमें फर्जी, एक नाम से अलग-अलग कंपनियों में कनेक्शन और निष्क्रिय गैस कनेक्शन शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा फर्जी गैस कनेक्शन रद्द किए गए। वहीं एलपीजी कनेक्शन को आधार नंबर और बैंक खाते के जोड़ने के बाद से अब तक सरकार 29,668 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी की बचत कर चुकी है।

आधार से मनरेगा के एक करोड़ फर्जी जॉब कार्ड रद्द 
मनरेगा में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए आधार नंबर को इस योजना के लिए अनिवार्य कर दिया। आधार नंबर लिंक होने पर मनरेगा में देश भर में एक करोड़ से ज्यादा जॉब कार्ड फर्जी मिले। सरकार ने तत्काल प्रभाव से फर्जी जॉब कार्ड को रद्द कर दिया।

DBT से हुई 57,029 करोड़ की बचत
मनरेगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम (DBT) भारत सरकार के 56 मंत्रालयों के 412 योजनाओं में लागू किया गया। अब तक इस योजनाओं के माध्यम से 57,029 करोड़ रुपए की बचत हुई है। यानि अगर ये योजना लागू नहीं हुई होती तो अब तक इतनी रकम फर्जी लाभार्थियों को ही दी जा रही होती। 

 

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