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सावधान, कहीं आपके फेसबुक अकाउंट में तो नहीं लगी सेंध, कांग्रेस ने चुराया 25 करोड़ भारतीयों का निजी डाटा!

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कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर 2019 का चुनाव जीतना चाहती है। सत्ता में आने के लिए तड़प रही कांग्रेस पार्टी गैरकानूनी हथकंडों का भी इस्तेमाल करने से नहीं चूक रही है। आपको याद होगा यूपीए के दस वर्षों के शासन काल में किस तरह जनता के पैसों की लूट मची थी। जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाली कांग्रेस अब चुनाव जीतने के लिए लोगों का निजी डाटा यानी निजी जानकारी चुराने में लगी है। कांग्रेस के नेताओं ने इसके लिए एक ब्रिटिश कंपनी के साथ मिलकर 25 करोड़ से अधिक भारतीयों का डाटा चुराने की साजिश रची है, ताकि 2019 के चुनाव में सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें प्रभावित किया जा सके। कांग्रेस ने अपने निजी फायदे के लिए देश के करोड़ों लोगों की निजी सुरक्षा को ताक पर रख दिया है। आपको विस्तार से बताते हैं क्या है कांग्रेस की साजिश और किस कंपनी से किया है कांग्रेस पार्टी ने गठजोड़।

कांग्रेस ने कैंब्रिज एनालिटिका से मिलाया हाथ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कैंब्रिज एनालिटिका एक ब्रिटिश डाटा एनालिसिस कंपनी है, इस कंपनी का काम बड़े स्तर पर लोगों का डाटा एकत्र कर अपने क्लाइंट को उसकी जानकारी देना और फायदा पहुंचाना है। इन दिनों कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी काफी चर्चा में है। इस कंपनी पर 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के लिए सोशल साइट फेसबुक से 5-6 करोड़ अमेरिकी नागरिकों का डाटा चुराने का आरोप लगा है। इस खुलासे के बाद अमेरिका समेत पूरी दुनिया में हड़कंप है। फेसबुक का शेयर भी 7 प्रतिशत नीचे गिर गया है और उसे एक दिन में करीब 400 अरब रुपये का घाटा उठाना पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी ने इसी कंपनी के साथ 543 लोकसभा क्षेत्रों में फैले 25 करोड़ भारतीयों का डाटा चुराने का प्लान तैयार किया, ताकि 2019 के चुनाव में सोशल मीडिया पर उसी डाटा के हिसाब से अभियान चलाकर अधिक से अधिक फायदा उठाया जा सके। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष अगस्त के महीने में ही कांग्रेस ने इस कंपनी के करार कर लिया था।

डाटा चोरी कर चुनाव जीतने का सपना
कांग्रेस पार्टी को लगता है कि डाटा एनालिसिस के जरिए वो भारतीय नागरिकों के बीच अपनी पैठ बना लेगी और 2019 के चुनाव में इसका फायदा मिलेगा। दरअसल कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइट्स से उसके सदस्यों की निजी जानकारी चुराती है। फिर इस निजी जानकारी का क्षेत्र, लिंग, आय, शिक्षा आदि के आधार पर विश्लेषण किया जाता है। इसी विश्लेषण के आधार पर अपने क्लाइंट को उन व्यक्तियों के बारे में बताया जाता है, जिन्हें वो अपनी पार्टी की तरफ आकर्षित कर सकते हैं। भारत में फेसबुक के करोड़ों यूजर हैं और कांग्रेस पार्टी को लगता है कि डाटा मिलने के बाद उसकी राह आसान हो जाएगी और वो सोशल मीडिया पर लक्ष्यपरक प्रचार अभियान चला पाएगी।

कांग्रेस ने करोड़ों भारतीयों को मुश्किल में डाला
कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को लोगों के सरोकार से कोई मतलब नहीं रहा है। पहले भी गरीबों के हितों को ताक पर रख कर इसके नेता अपनी तिजोरी भरते रहे हैं। इस बार तो हद हो गई है, कांग्रेस पार्टी ने अपने फायदे के लिए 25 करोड़ से अधिक भारतियों की सुरक्षा और निजी पहचान को ताक पर रख दिया है। जाहिर है कि निजी जानकारी लीक होने से इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है, और लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं। बताया जा रहा है कि इसके लिए राहुल गांधी 600 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं।

2019 चुनाव से पहले कर्नाटक में इस्तेमाल की तैयारी
भारतीय नागरिकों का डाटा चोरी कर उससे चुनाव जीतने का मंसूबा पालने वाली कांग्रेस पार्टी 2019 से पहले ही इसका इस्तेमाल करने वाली है। बताया जा रहा है कि अगले आम चुनाव से पहले कर्नाटक, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में इस डाटा का इस्तेमाल किया जाएगा।

आधार से नहीं कांग्रेस से है डर
एक तरफ कांग्रेस पार्टी देश में आधार का विरोध कर रही है। मोदी सरकार जब तमाम सरकारी योजनाओं को आधार के लिंक कर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में लगी है, तो कांग्रेस पार्टी ही इसका सबसे मुखर विरोध कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि आधार में लोगों की निजी जानकारी है और इसका इस्तेमाल हर जगह नहीं होना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी खुद करोड़ों भारतीयों की निजी जानकारी चुराने में लगी है।

सौजन्य

आपको बता दें कि गैरकानूनी तरीके से लोगों का निजी डाटा चुराने के आरोप में कैंब्रिज एनालिटिका को अमेरिकी में फेसबुक ने बैन कर दिया है। सत्ता पाने की लालसा में कांग्रेस पार्टी यह गैरकानूनी काम करने से नहीं चूक रही है।

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