Home झूठ का पर्दाफाश कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से ‘भगोड़े’ नीरव मोदी के गहरे ताल्लुकात!

कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से ‘भगोड़े’ नीरव मोदी के गहरे ताल्लुकात!

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नीरव मोदी देश का 11 हजार करोड़ लेकर विदेश भाग गया तो मीडिया का एक धड़ा इसमें केंद्र की मिलीभगत बता रहा है। आम तौर पर होता भी यही है कि जब भी कोई बड़ा Fraud होता है तो सबसे पहले मन में कहीं न कहीं उसके पॉलिटिकल कनेक्शन्स की बात उठती है। देश के इस बड़े आर्थिक घोटाले में भी ऐसा ही हो रहा है और मीडिया खूब खबरें भी दिखा रहा है। हालांकि इसमें एक पेंच है कि बड़ी सफाई से उस सच्चाई को छिपा लिया जा रहा है जो जनता के सामने आनी चाहिए। दरअसल नीरव के करीबी नेताओं में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं और मीडिया खामोश है। आइये जानते हैं कि नीरव मोदी से किन बड़े कांग्रेसी नेताओं के कनेक्शन सामने आ रहे हैं।

राहुल गांधी से नीरव मोदी के गहरे संबंध !
नीरव मोदी से करीबी के मामले में सबसे पहले जिस नेता का नाम सामने आया वो थे राहुल गांधी। कांग्रेस पार्टी के नेता रहे शहजाद पूनावाला ने ट्वीट करके बताया कि राहुल गांधी 2013 तक फाइवस्टार होटलों में नीरव मोदी के प्रचार इवेंट्स में जाया करते थे। उन्होंने चुनौती दी है कि कोई चाहे तो इस बात की जांच दिल्ली के इंपीरियल होटल और राहुल गांधी को सुरक्षा देने वाले एसपीजी के रिकॉर्ड्स से कर सकता है।

उनका दावा है कि 2010 से 2014 तक कम से कम 6 बार सरकार को औपचारिक तौर पर घोटाले की जानकारी दी गई। लेकिन उल्टा शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जाहिर है ऐसे में राहुल गांधी को नीरव से रिश्तों के बारे में देश को बताना चाहिए। हालांकि राहुल गांधी ने नीरव मोदी को तीन मिनट में जैसे ही निरव मोदी जी कहकर संबोधित किया तो ये खुलासा हो गया कि राहुल गांधी इस भगोड़े नीरव मोदी के लिए भी सम्मान का भाव रखते हैं।

अभिषेक मनु सिंघवी का भी नीरव मोदी से कनेक्शन
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी का भी नाम सीधे तौर पर नीरव मोदी से जुड़ा है। छापे में मिले दस्तावेजों के मुताबिक नीरव मोदी ने अभिषेक मनु सिंघवी की पत्नी अनीता सिंघवी को करोड़ों के जेवरात बेहद कम कीमतों पर बेचे। 20 मई, 21 अगस्त 2014 और 17 जनवरी 2015 को अनीता सिंघवी ने करीब 1.5 करोड़ के गहने खरीदे हैं। इस पर टैक्स भी दिया गया है और बिल पर पैन नंबर भी दर्ज है। ये भुगतान चेक के जरिये किया गया, लेकिन एक और डायरी मिली है जिसमें उसी तारीख पर बेचे गए उसी सामान की सही कीमत दर्ज की गई है। इसके मुताबिक गहनों की कीमत 5 करोड़ के करीब है। अब सवाल इस बात पर उठ रहे हैं कि आखिर 5 करोड़ रुपये के गहने 1.5 करोड़ में क्यों दिए गए? कहीं ये रिश्वत देने का तरीका तो नहीं था?

सिद्धारमैया और नीरव मोदी के बीच खास संबंध
नीरव मोदी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच भी कनेक्शन सामने आ गए हैं। दरअसल नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ कर्नाटक में 2016 में एक गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। आरोप है कि कर्नाटक हाई कोर्ट से जारी इस गैर-जमानती वारंट को कांग्रेस की सिद्धारमैया ने दबा दिया था और इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन सच्चाई ये है कि मीडिया में कर्नाटक सरकार से मिली इस मदद का भी कोई जिक्र आपको नहीं मिलेगा। जाहिर है नीरव मोदी के कनेक्शन्स कई कांग्रेसी नेताओं के साथ रहे हैं और एक के बाद एक सबूत सामने आ रहे हैं। बहरहाल कहते हैं कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं, तो आइये इन तस्वीरों को देखिये –

इन तस्वीरों में कांग्रेस के राजीव शुक्ला, सुबोधकांत सहाय और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को आप साफ-साफ देख सकते हैं।

फोटो सौजन्य

घोटाले के पीछे का कांग्रेसी खेल भी तो जानिये
यह बात लगातार सामने आ रही है कि पीएनबी घोटाले और आरोपी नीरव मोदी को भगाने के पीछे कांग्रेस का हाथ है। कांग्रेस के बड़े नेताओं को 2014 के पहले से पता था कि बैंक में ये घोटाला चल रहा है। सरकारी तंत्र में अपने कुछ मददगार अफसरों की मदद से उन्होंने इस घोटाले को 2017 तक होने दिया।

पीएम मोदी को घेरने के लिए नीरव को भगाया
अब तो इन बातों का भी खुलासा हो रहा है कि नीरव मोदी को भगाने के पीछे भी कांग्रेस के थिंक टैंक का हाथ है। दरअसल कांग्रेस के रणनीतिकारों को पता था कि नीरव मोदी के भागने पर उसका नाम सीधे पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़ जाएगा। बताया जा रहा है कि इसकी तैयारी काफी समय से चल रही थी। दावोस में भारतीय कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल में नीरव मोदी को घुसाने के पीछे भी यही रणनीति थी। क्योंकि यह तथ्य सामने आ चुका है कि नीरव मोदी भारत से गए कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का सदस्य नहीं था। नीरव मोदी को कुछ समय पहले अलर्ट कर दिया गया था कि वो कारोबार समेट कर विदेश भाग जाए और उसने ऐसा ही किया। अब जब घोटाला खुला तो सरकार के पास कुछ खास करने को बच नहीं गया। अब आप समझ सकते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी को घेरने के लिए कांग्रेस ने कितना बड़ा गेम प्लान तैयार कर रखा था।

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