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कांग्रेस के डीएनए में है फर्जीवाड़ा, गलत खबर पर किया POLL, लोगों ने राहुल को जमकर धोया

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कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की रग-रग में फर्जीवाड़ा है। देश में सबसे ज्यादा वक्त पर राज करने वाली कांग्रेस पार्टी लोगों को गुमराह करने में ही विश्वास करती है। ऐसा ही एक वाकया तब सामने आया जब कांग्रेस पार्टी ने मोबाइल नंबर 13 अंकों के होने की फर्जी खबर को आधार बनाकर अपने आधिकारिक द्विटर हैंडल से एक poll किया। कांग्रेस पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल @INCIndia पर लिखा कि “टेलीकॉम विभाग (DoT) ने सभी टेलिकॉम ऑपरेटरों को इस वर्ष के अंत तक 13 डिजिट के मोबाइल नंबर जारी करने का निर्देश दिया है। क्या आप सरकार के इस फैसले से खुश हैं?, हां या न में जवाब दें।“

कई समाचार वेबसाइटों पर भी इसी तरह के समाचार प्रसारित हुए, जिनमें कहा जा रहा था कि दूरसंचार विभाग में देशभर में इस साल के अंत तक 13 अंकों के मोबाइल नंबर जारी करने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं मौजूदा 10 अंकों के मोबाइल नंबर भी 13 डिजिट के करने की खबरें भी प्रसारित की गईं। इन वेबसाइटों ने भी इस खबर की सच्चाई जानने की कोशिश नहीं की और इससे देशभर में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। कांग्रेस पार्टी ने भी इन्हीं खबरों को आधार मानकर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसे लेकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाना शुरू कर दिया और इसे लेकर जनता की रायशुमारी मांगी।

जबकि सच्चाई यह है कि आम उपभोक्ताओं के 10 अंकों के मोबाइल नंबर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। दूरसंचार विभाग का यह निर्देश SIM आधारित मशीन से मशीन (M2M) कम्युनिकेशन के लिए था। लोगों के बीच भ्रम फैलने पर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसके बारे में साफ लिखा कि आम उपभोक्ताओं के 10 अंकों के मोबाइल नंबर में कोई बदलाव नहीं हो रहा है, यह कदम सिर्फ M2M कम्युनिकेशन के लिए है।

अब आपको वो पत्र भी दिखाते हैं जो बीएसएनएल ने जेटीई टेलिकॉम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और नोकिया सोल्युशन्स एंड नेटवर्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को लिखा था। इस पत्र में साफ लिखा है कि सिर्फ M2M कम्युनिकेशन के लिए मोबाइल नंबरों को 13 अंकों का किया जाना है। मशीन टू मशीन कम्युनिकेशन उसे कहते हैं जिसमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बीच सीधा संपर्क स्थापित किया जा सकता है और इसमें किसी इंसान के दखल की जरूरत नहीं पड़ती है। कई सारे उद्योगों में M2M कम्युनिकेशन का इस्तेमाल होता है।

लेकिन पप्पू के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी को इतनी सी बात समझ में नहीं आई, और बगैर किसी जांच पड़ताल के उसने फर्जी खबरों के आधार पर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रायशुमारी शुरू कर दी। ट्विटर पर कांग्रेस पार्टी की इस हरकत का लोगों ने खासा मजाक भी बनाया। लोगों का कहना था कि जिस पार्टी की अगुवाई पप्पू कर रहा है, उससे और क्या उम्मीद की जा सकती है। पढ़िए लोगों ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की इस हरकत पर क्या प्रतिक्रियाएं दी है।

 

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