Home नरेंद्र मोदी विशेष देशहित में बड़े और कड़े फैसले लेने से हम नहीं घबराते-प्रधानमंत्री

देशहित में बड़े और कड़े फैसले लेने से हम नहीं घबराते-प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की राजधानी यांगून में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने भारत और म्यांमार के पौराणिक संबंधों को याद करते हुए कहा, ”भारत म्यांमार की सीमाएं ही नहीं भावनाएं भी जुड़ी हैं।” यांगून के थुवन्ना स्टेडियम में भारी संख्या में प्रवासी भारतीयों के साथ म्यांमार के नागरिकों में भी पीएम मोदी का क्रेज दिखा। पीएम मोदी ने म्यांमार को अपनी विरासत के लिए दुनिया भर में मशहूर स्थान बताते हुए वहां उपस्थित भारतीय समुदाय से कहा कि यहां मैं एक ही जगह भारत की विविध संस्कृति और परंपरा देख रहा हूं। पीएम मोदी ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र एक देश तक सीमित नहीं बल्कि यह वैश्विक है। नोटबंदी, जीएसटी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे निर्णय पर उन्होंने कहा कि हम देश के हित में बड़े और कड़े फैसले लेने से जरा भी घबराते नहीं हैं।

5-बी से जुड़ा है म्यांमार-भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और म्यांमार के बीच संबंधों को 5 -B के आधार पर देखा जाता है। उन्होंने इसका मतलब भी समझाते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध-बौद्ध धर्म, बिजनेस, बॉलिवुड, बर्मा टीक और भरतनाट्यम से जुड़े हैं। लेकिन इसमें एक B और होना चाहिए, वो है-भरोसा। उन्होंने कहा कि भारत और म्यांमार का भरोसा छूट गया है लेकिन यह बीतते समय के साथ मजबूत होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ सीमाओं मं बंधा नहीं है और भारत विकास के कार्यों में म्यांमार के साथ चलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पवित्र धरती से अटूट रिश्ते
प्रधानमंत्री ने म्यांमार को ‘पवित्र धरती’ पुकारा और कहा कि एक महान राष्ट्र के दर्शन के साथ इस धरती पर मिनी इंडिया के भी दर्शन कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से भारत और म्यांमार की सीमाएं ही नहीं भावनाएं भी एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, ”भारत में म्यांमार को ब्रह्मदेश या भगवान ब्रह्मा की धरती कहा जाता है। ये वो पवित्र धरती है जिसने बुद्ध को सहेजा है, उनकी शिक्षाओं को संवारा है।”

स्वतंत्रता आंदोलन में म्यांमार
प्रधानमंत्री ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा करते हुए कहा, ”भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास म्यांमार को नमन किए बिना पूरा नहीं हो सकता है। ये वो पवित्र धरती है जहां से सुभाष चंद्र बोस ने कहा था कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हैं आजादी दूंगा।” उन्होंने कहा कि जब नेता जी ने आजाद हिंद सरकार का एलान किया तो भारत में अंग्रेजी सरकार की जड़ें हिल गईं।

वीर सपूतों की शरणस्थली म्यांमार
पीएम मोदी ने कहा कि ये वो पवित्र धरती है जहां मांडले जेल में रहते हुए बाल गंगाधर तिलक ने गीता रहस्य की रचना की। यहां महात्मा गांधी, रविंद्र नाथ टैगोर जैसे महापुरुषों के कदम पड़े। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि आजादी की लड़ाई में जब देश के वीर सपूतों को जब अपना घर छोड़ना पड़ता था तो वे म्यांमार ही आते थे। उन्होंने कहा कि यही वो धरती है जहां बादशाह बहादुर शाह जफर को भी दो गज जमीन मिली थी।

बड़े और कड़े फैसले लेते रहेंगे
प्रधानमंत्री ने कहा, ”हम देश के हित में बड़े और कड़े फैसले लेने से जरा भी घबराते नहीं हैं, क्योंकि हमारे लिए दल से बड़ा देश है।” उन्होंने कहा कि चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, या जीएसटी, या नोटबंदी हो हमने हर फैसला बिना डर और संकोच के लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि नोटबंदी के बाद ऐसे लोगों के बारे में पता चला है जिनके अकाउंट में करोड़ों रुपये जमा हैं लेकिन उन्होंने कभी इनकम टैक्स नहीं भरा।

कालेधन पर रोक के लिए नोटबंदी
पीएम मोदी ने कहा कि कालेधन के रोक के लिए नोटबंदी का फैसला भी ले पाए। मुट्ठी भर कुछ लोगों की भ्रष्टाचार की कीमत देश के सवा सौ करोड़ लोग चुका रहे थे ये हमें मंजूर नहीं है। काले धन का कोई एड्रेस नहीं होता है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद ऐसे लाखों लोगों के बारे में पता चला है कि करोड़ों अरबों रुपये जमा हैं और ऐसी लाखों कंपनियों का भी पता चला है जो सिर्फ कालेधन को ही इधर से उधर करने में लगी थीं। तीन महीने में दो लाख सेज्यादा फर्जी कंपनियों का पता लगा है और उनके बैंक खाते तक सील कर दिये गए हैं।

भारत का रीफॉर्म नहीं हो रहा ट्रांसफॉर्म
पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी जिसे मैं गुड एंड सिंपल टैक्स कहता हूं, से कारोबार का नया कल्चर पैदा हो रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद छह साल में जो काम नहीं पा रहा था वो साठ दिन में हो गया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में परिवर्तन के एक बड़ी शुरुआत हुई। इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए नियम सरल किए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, ”भारत बदल सकता है, दशकों पुरानी बीमारियों से भारत मुक्त हो सकता है यह भरोसा देशवासियों में पैदा हुआ है।”

‘राष्ट्रदूत’ हैं प्रवासी भारतीय
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को राष्ट्रदूत कहकर पुकारा और कहा, ”आपका भारत से सिर्फ भावनात्मक बांड नहीं है बल्कि आप भारत के विकास में योगदान दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि युवा वर्ग का सोशल मीडिया के माध्यम से रेगुलर इंगेजमेंट है। पीएम मोदी ने कहा गत वर्ष हमने प्रवासी यूथ के लिए ‘भारत को जानो’ क्विज कंपीटिशन का आयोजन किया था, इसमें लगभग सौ देशों के प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया।

भारत की ‘एक्टिव’ विदेश मंत्री
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरी सरकार के पहले दिन से ही प्रवासी भारतीयों का वेलफेयर के लिए काम कर रही है। पासपोर्ट मिलने में आसानी होना हो या प्रवासी भारतीय दिवस को री-एनर्जाइज करना हो, सब पर काम किया गया है। उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की तारीफ करते हुए कहा कि किसी भी देश की विदेश मंत्री इतनी एक्टिव नहीं हैं जितनी सुषमा स्वराज हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो वे सुषमा जी से ट्विटर पर संपर्क करते हैं और सुषमा जी तत्काल उसका समधान करती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय एंबेसी के दरवाजे प्रवासी भारतीयों के लिए चौबीसो घंटे खुले हैं।

न्यू इंडिया का महामिशन
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि आने वाले वक्त में इसे आतंकवाद मुक्त, गरीबी मुक्त और क्लीन इंडिया बनाकर रहेंगे और बनाकर ही रहेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि 19वीं सदी की डिजाइन पर 21वीं सदी का इंफ्रास्ट्रक्चर पर नहीं चल सकता है। आज के युग में क्वालिटी ऑफ लाइफ में चेंज लाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोलर एनर्जी पर सबसे ज्यादा भारत में काम किया जा रहा है। रेल सड़क, बंदरगाह, ऑप्टिकल फाइबर के मामले में भी तेजी आई है।

भारत के प्रति भरोसा बढ़ा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत की आवाज विश्व में सुनाई देती है और एक नये प्रकार का भरोसा भारत के प्रति पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की नीति पर चलता है और अपने विकास का लाभ सिर्फ अपने तक नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि हम मिल बांटकर खाने में विश्वास करने वाले लोग हैं। सार्क सेटेलाइट इसी सोच का नतीजा है और इसका लाभ पड़ोसियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त भी भारत ने पड़ोसियों की मदद के लिए पहल की है और हम मदद में पासपोर्ट का रंग नहीं देखते।

इससे पहले पीएम मोदी ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात की। मोदी और आंग सान के बीच यह पहली द्विपक्षीय मुलाकात थी। मुलाकात के दौरान भारत और म्यांमार के बीच 11 करार भी हुए।

भारत और म्यांमार के बीच हुए अहम समझौते-

  • दोनों पक्षों के बीच व्हाइट शिपिंग सूचनाओं को साझा करने के लिए करार किया गया।
  • 2017 से 2020 के दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान।
  • आईटी कौशल को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच करार हुआ।
    म्यांमार के यामेथिन में महिला पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के उन्नयन के लिए सहयोग का भी करार।
  • चिकित्सा उत्पाद, स्वास्थ्य एवं दवा क्षेत्र में भी सहयोग के लिए समझौता।
  • दोनों देशों ने आतंकवाद से निपटने के लिए हस्ताक्षर किए।
  • भारत की तरफ से म्यांमार नागरिकों के लिए ग्रेटिश वीजा के प्रवधान पर हस्ताक्षर।
  • इलेक्शन कमीशन एंड यूनियन इलेक्शन ऑफ म्यांमार, नेशनल लेवल इलेक्टोरल कमीशन ऑफ म्यांमार के मुद्दे करार।
  • भारतीय प्रेस परिषद तथा म्यामां प्रेस काउंसिल के बीच सहयोग के लिए भी करार किया है।

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