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अखिलेश के काम की पोल खोलती यूपी सरकार की वेबसाइट

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अखिलेश का काम नहींं कारनामा बोलता है, इसकी पोल खुद अखिलेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट खोल रही है। उत्तर प्रदेश की वेबसाइट प्रदेश के बदतर हालात की कहानी बयां कर रही है। पेश है यूपी की रिपोर्ट कार्ड http://up.gov.in की ज़ुबानी।

उत्तरप्रदेश में जिंदगी छोटी, सूखे से हालात
“Life in Uttar Pradesh is short and uncertain” – उत्तर प्रदेश में जिंदगी छोटी है और कब मर जायें कोई भरोसा नहीं है।
“In these respects Uttar Pradesh. resembles Saharan Africa” – उत्तर प्रदेश की हालत अफ्रीका में सहारा के रेगिस्तान जैसी बना दी है, ये अखिलेश सरकार खुद कह रही है।

सामाजिक कल्याण मामलें में उत्तर प्रदेश 14वें नंबर पर
वेबसाइट के मुताबिक सामाजिक कल्याण के हर पैमाने पर उत्तर प्रदेश सोलह बड़े राज्यों में 13वें, 14वें नंबर पर है यानी लगभग आखिरी पायदान पर। विकास का गला कैसे घोंटा जाये, इसका सबसे सटीक उदाहरण उत्तर प्रदेश है जिसे केस-स्टडी के रूप में पढ़ा जाना चाहिए। ये हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि अखिलेश जी की सरकार बोलती है।

कुपोषण से राज्य में सबसे ज्यादा बच्चों की मौत
5 वर्ष से कम के बच्चों के कुपोषण के मामले में उत्तर प्रदेश को अखिलेश जी देश भर में दूसरे स्थान पर पाते हैं। अखिलेश जी ये भी उपलब्धि गिनाते हैं कि इसी वजह से राज्य में बच्चों की मृत्यु दर भी अधिक है। उत्तर प्रदेश की महिलाओं की अधिकतम उम्र अखिलेश सरकार ने 55 साल तय कर दी है (लगता है महिलाओं को इससे अधिक जीने का हक नहीं है)। अपनी पीठ थपथपाने के लिए उन्होंने ये भी लिख डाला है कि अगर केरल में कोई लड़की पैदा होती है तो वह उत्तर प्रदेश की किसी बेटी से 20 वर्ष अधिक जीयेगी। धन्य हो, अखिलेश सरकार।

लखनऊ में तेजी से दौड़ती मेट्रो, लखनऊ एक्सप्रेस पर उतरते फाइटर प्लेन, पूरे उत्तरप्रदेश में 24 घंटे बिजली आदि जैसे कई विकास के काम करने का दंभ भरने वाले अखिलेश यादव की इन कोरी कल्पनाओं की तरह हर क्षेत्र में पिछड़ते हुए उत्तर प्रदेश की कहानी खुद उनकी सरकार की वेबसाइट बता रही है।

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