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स्वच्छता अभियान में एआईसीटीई की बड़ी पहल

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स्वच्छ भारत अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम मात्र नहीं है, यह तो एक तरह का आचरण परिवर्तन का मिशन है। जन सहभागिता से चलने वाले इस अभियान का दायरा 2014 के 42 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 62 प्रतिशत हो गया है। जन जागरूकता का ये अभियान अब कॉलेजों के कैंपस में भी चलाने की पहल की गई है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन यानी एआईसीटीई ने अपने संस्थानों को यत्र-तत्र-सर्वत्र थूकने के आचरण को हतोत्साहित करने के लिए अभियान शुरू करने को कहा है।

यत्र-तत्र-सर्वत्र न थूकें
जहां-तहां थूकना एक बुरी आदत तो है ही, ये कई बीमारियों के फैलने का कारण भी बनता है। इसी आदत को बदलने के उद्देश्य से एआईसीटीई ने ये पहल की है। एआईसीटीई ने 10,000 से अधिक संस्थानों को पत्र लिखकर इसके लिए अभियान चलाने को कहा है। एआईसीटीई अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे के मुताबिक सभी तकनीकी संस्थानों से इस अभियान को भारी समर्थन प्राप्त हुआ है। दरअसल एआईसीटीई अनुमोदित संस्थानों में करीब 20 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। जाहिर है कॉलेज कैपसों में चलाये जाने से स्वच्छ भारत अभियान को एक बड़ा फलक मिलेगा।

एनएसएस और एनसीसी भी देगी साथ
दरअसल खुले में थूकने की आदत बहुत प्रचलित है। इसे जनजागरुकता के माध्यम से ही खत्म किया जा सकता है। ऐसे में इस पर रोक लगाने के साथ मानसिकता में बदलाव लाने की भी पहल की जा रही है। एआईसीटीई ने इसके लिए राष्ट्रीय सेवा योजना यानी एनएसएस और राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी एनसीसी जैसे स्वैच्छिक समूहों को भी जोड़ने की पहल की है।

आयकर कर्मियों ने दिया एक दिन का वेतन
2014 में महात्मा गांधी की जयंती पर सरकार द्वारा शुरू की गई स्वच्छ भारत अभियान को जनता और सरकारी अधिकारियों और कर्मियों से व्यापक समर्थन मिला है। हाल ही में नई दिल्ली में आयकर विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक दिन का वेतन दे कर योगदान दिया। 52 लाख 75 हजार 183 रुपये की भारी राशि ने इस अभियान को एक नई गति दी।

आइएसएम धनबाद ने चलाया स्वच्छता अभियान
पिछले साल जब जेएनयू विवाद मीडिया की सुर्खियां बटोर रहा था, वहीं आइएसएम धनबाद स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने में लगा था। आईएसएम धनबाद के छात्रों ने धनबाद की गंदगी साफ करने का भी बीड़ा उठाया। 1926 में स्थापित इस संस्थान के छात्रों की ये पहल वाकई काबिले तारीफ रही।

राजकोट के छात्र बोले ‘स्वच्छ भारत’
गुजरात का राजकोट अनोखे तरीके से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शुरू किए गये स्वच्छता अभियान से जुड़ गया है। राजकोट नगर निगम ने देश के सामने नया आदर्श रखते हुए तय किया कि स्कूलों में बच्चे हाजिरी के वक्त प्रजेन्ट सर या प्रेजेन्ट मैडम नहीं बोलेंगे। बच्चे कहेंगे-‘स्वच्छ भारत’।

राजकोट नगर निगम ने शहर के सभी 81 स्कूलों में लागू किया। ये पहल इसलिए ताकि शहर के स्कूलों में बच्चों की जुबान पर ‘स्वच्छ भारत’ हो। इसके पीछे की सोच यह है कि बच्चे ही कल का भविष्य हैं। अगर उनके दिमाग में ‘स्वच्छ भारत’ की बात बैठ गयी, तो न सिर्फ आज के समाज पर वो अपना असर दिखाएगी, बल्कि आने वाले समय में भी ‘स्वच्छ भारत’ आम लोगों के जीवन का हिस्सा बन जाएगा।

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