Home नरेंद्र मोदी विशेष कर्नाटक के नतीजों के बाद और मजबूत हुआ ‘ब्रैंड मोदी’

कर्नाटक के नतीजों के बाद और मजबूत हुआ ‘ब्रैंड मोदी’

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जादू जनता के सिर चढ़ कर बोल रहा है, कर्नाटक चुनाव के नतीजों ने यह एक बार फिर साबित कर दिया है। 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान पूरे देश में श्री मोदी ने भाजपा के स्टार प्रचारक के तौर पर प्रचार अभियान की अगुवाई की थी। लगभग 400 से अधिक रैलियों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश में जनता के साथ सीधा संवाद किया था और उसी का नतीजा था कि 2014 के चुनाव में भाजपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। तब से लेकर अब तक प्रधानमंत्री मोदी का करिश्मा बरकरार है। प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में जितने भी राज्यों में चुनाव हुए, अधिकतर में भाजपा को जीत मिली और उसकी सबसे बड़ी वजह थी प्रधानमंत्री की लोकप्रियता। यानी चार साल बाद भी देश में “मोदी लहर” कायम है और अपना जलवा दिखा रही है।

भीड़ को वोट में बदलने की महारत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक ऐसे जन नेता हैं, जिन्हें सुनने के लिए लोग उमड़ पड़ते हैं। श्री मोदी की रैलियों पर नजर डालें तो साबित हो जाएगा कि आयोजनकर्ता जितने लोगों की भीड़ का अनुमान लगाकर तैयारी करते हैं, रैली में उससे अधिक लोग पहुंचते हैं। हाल के वर्षों में किसी और राजनेता की रैलियों में इतनी भीड़ जुटने की मिसाल नहीं मिलती है। सबसे अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी की रैली में जो भीड़ उमड़ती है वो वोट में भी तब्दील होती है। यह कर्नाटक में चुनाव प्रचार के आंकड़ों से स्पष्ट हो जाएगा। कर्नाटक में श्री मोदी ने कुल 21 चुनावी रैलियां संबोधित की, इन रैलियों के प्रभाव क्षेत्र में से 89 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को जीत मिली है। आपको बता दें कि कर्नाटक में भाजपा को कुल 104 सीटें मिली हैं।

जनता से संवाद बनाने में पीएम मोदी का जवाब नहीं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खासियत है कि चुनावी रैलियों में वह सिर्फ एकतरफा संवाद नहीं करते हैं, बल्कि जनता से दोतरफा संवाद करते हैं। श्री मोदी रैलियों में अपनी बात कहते हैं और फिर उस पर जनता की प्रतिक्रिया भी लेते हैं। उनकी इस अदा के चलते ही रैलियों में मौजूद जनता उन्हें पूरी तन्मयता से सुनती है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी जहां भी होते हैं, वहां की समस्याओं पर फोकस रखते हैं, इससे भी जनता खुद को जुड़ा हुआ महसूस करती है।

जनता का भरोसा जीतने का हुनर
प्रधानमंत्री मोदी की एक और खासियत है कि वो कभी भी हवा में बातें नहीं करते हैं। वह हमेशा तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर अपनी बात रखते हैं। यही वजह है कि भाषण में कही गई उनकी बातें सीधे जनता के दिल में उतरती हैं और असर करती हैं। इसका असर यह होता है कि, जो भी व्यक्ति एक बार प्रधानमंत्री की बातों को सुन लेता है, वो उनका होकर रह जाता है।

अपने दम पर चुनाव जिताने की काबिलियत
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पहले भाजपा की स्थित मजबूत नहीं थी। कई चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में भाजपा की स्थित डांवाडोल बता जा रही थी। हालांकि संगठन के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक के चुनाव प्रचार में उतरे पहली रैली से ही चुनाव की फिजा बदल गई। जैसे-जैसे उनकी रैलियां होती गईं कर्नाटक में चुनावी माहौल भाजपा के पक्ष में बदलता गया और नतीजा सबके सामने है। इससे पहले भी श्री मोदी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान अपने दम पर भाजपा के लिए स्थितियां बेहतर कर दी थीं।

विरोधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब
‘ब्रैंड मोदी’ के लगातार मजबूत की बड़ी वजह है पीएम मोदी की परिपक्व राजनीतिक समझ और सियासी नब्ज पर अच्छी पकड़। कर्नाटक में चुनाव प्रचार के समय जब भाजपा पर विपक्ष ने दलित और गरीब विरोधी होने का आरोप लगाया तो पीएम मोदी ने उसी पिच पर विरोधियों को जवाब देना शुरू किया। प्रधानमंत्री मोदी ने जब एक-एक कर आरोपों का जवाब देना शुरू किया और अपनी खास शैली में विपक्षियों को ही कठघरे में खड़ा किया, तो स्थितियां बदलती चली गईं और नतीजा सबके सामने हैं।

पार्टी कैडर से सीधा संवाद और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
किसी भी नेता को बनाने और पार्टी को चमकाने में कार्यकर्ताओं को अहम योगदान होता है। प्रधानमंत्री मोदी इसे बाखूबी समझते हैं। कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान श्री मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल करते हुए श्री मोदी ने एप के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं और फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया, उनके सवालों का जवाब दिया। जाहिर है जब इतना बड़ा नेता जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करता है, तो उनमें उत्साह का संचार होता है और फिर वह कार्यकर्ता अपने नेता के लिए जी-जान से जुट जाता है।

विकासपुरुष के तौर पर बनी पहचान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में सत्ता के आने के बाद आम लोगों, गरीबों, वंचितों, आदिवासियों, महिलाओं के कल्याण के लिए इतनी क्रांतिकारी योजनाएं चलाई हैं, जो पहले कभी नहीं चलाई गईं। देश में सड़क, रेल, हवाई मार्ग आदि के विकास यानि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए पिछले 4 वर्षों में जो भी कार्य किए गए हैं, इतने बड़े स्तर पहले कभी नहीं किए गए। आज प्रधानमंत्री मोदी की पहचान एक विकास पुरुष के रूप में बन चुकी है, और इस पहचान ने भी ब्रैंड मोदी को मजबूत किया है।

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