Home केजरीवाल विशेष सेक्स स्कैण्डल्स में फंसते रहे नेता, चुप रहे केजरीवाल

सेक्स स्कैण्डल्स में फंसते रहे नेता, चुप रहे केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी जो बनी थी देश में व्यवस्था परिवर्तन का दावा करते हुए, जिसके नेता शेखी बघारते थे कि वो गंदगी में घुसकर गंदगी साफ करने आए हैं लेकिन खुद बेदाग रहेंगे। लेकिन हुआ क्या? महिलाओँ को देश में सम्मान दिलाने की राजनीति करने का उनका दावा खोखला निकला। सत्ता मिलते ही वो खुद दलदल में फंसते चले गये। सच तो ये है कि वे दलदल में पहले से ही फंसे हुए थे। राजनीति में आकर वो शातिर हो गये। एक के बाद एक सेक्स स्कैंडल्स ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के दागदार चरित्र को देश और दुनिया के सामने ला दिया। और, खास बात ये है कि ये सिलसिला रुक नहीं रहा है यानी बीमारी जड़ में है।

जब दिल्ली के कानून मंत्री ने दिखाया कानून को ठेंगा

सोमनाथ भारती। दिल्ली सरकार में कानून मंत्री, लेकिन अपने ही घर में वो कानून की धज्जियां उड़ाते रहे। खुद उनकी पत्नी लिपिका मित्रा उनसे खौफ खाती रही। पत्नी ने प्रेग्नेन्सी के दौरान अपने ऊपर कुत्ता छोड़ने और प्राइवेट पार्ट पर कुत्ते से कटवाने का आरोप भी अपने पति पर लगाया। क्रूरतम अत्याचार का ये उदाहरण है जिसे दुनिया को उन्हीं की पत्नी ने बताया है। लिपिका का दावा है कि दो बार उनकी जान लेने की कोशिश की गयी। एक बार तो बच्चे के सामने उनकी नस खुद पति सोमनाथ भारती ने काट दी थी।

2010 में सोमनाथ भारती से शादी के बाद से ही लिपिका मित्रा परेशान रहने लगी। 10 जून 2015 को दिल्ली महिला आयोग ने सोमनाथ भारती को घरेलू हिंसा के मामले में समन भेजा और उन्हें 26 जून तक आयोग के सामने पेश होने को कहा। उसी दिन लिपिका ने द्वारका नॉर्थ थाने में सोमनाथ के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई।

सोमनाथ भारती ने 4 अगस्त को अजीबोगरीब बयान दिया था कि अगर दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन कर दिया जाए तो आधी रात को भी खूबसूरत औरतें सुरक्षित बाहर घूम सकती हैं। उसी दिन पत्नी लिपिका ने बयान दिया कि उनके पति सुन्दर औरत की चाह रखते हैं और चूंकि वह उनकी नज़र में सुन्दर नहीं हैं इसलिए अक्सर उनके साथ बुरा सलूक किया जाता है।

10 सितम्बर 2015 को अदालत ने द्वारका कोर्ट में दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई करते हुए लिपिका मित्रा के बयान दर्ज किए और सोमनाथ के खिलाफ धोखाधड़ी, हत्या के प्रयास, दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया। पूछताछ के लिए सोमनाथ को नोटिस भेजा गया। लेकिन जब सोमनाथ भारती पुलिस के सामने पूछताछ के लिए नहीं आए तो 11 सितम्बर को पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा। पर, तब तक सोमनाथ फरार हो चुके थे। अगले दिन भी उनके ठिकानों पर छापेमारी जारी रही। 13 सितम्बर को पुलिस ने पूछताछ के लिए उपस्थित होने का दूसरा नोटिस भेजा, फिर भी सोमनाथ नहीं आए। आखिरकार 14 सितम्बर को उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। गिरफ्तारी से बचने की सारी कोशिशें विफल रहने के बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने सरेंडर किया।

अपराध भी आदत होता है। जब कोई सुधार की कोशिश नहीं होती, जब कोई कानून की जद में नहीं आ पाता और खासकर तब, जब कोई कानून का रखवाला बनकर दोहरी ज़िन्दगी जी रहा होता है, तो वह निरंकुश हो जाता है। एक के बाद एक अपराध करता है। सोमनाथ भारती पर आरोपों का सिलसिला इसी वजह से कम होने के बजाए बढ़ता चला गया। जुलाई 2016 में खिड़की एक्सटेंशन केस में एक महिला से अभद्र व्यवहार करने के मामले में सोमनाथ पर केस दर्ज हुआ। उनके गुर्गों को भी इस मामले में नामजद किया गया।

दिल्ली के महिला कल्याण मंत्री संदीप कुमार का कारनामा

दिल्ली सरकार में महिला कल्याण मंत्री संदीप कुमार ने तो ऐसा कारनामा कर डाला कि केजरीवाल सरकार मुंह दिखाने लायक नहीं रह गयी। एक ऐसी सीडी सामने आयी जिसमें संदीप कुमार महिलाओं के साथ अंतरंग अवस्था में थे। जब हंगामा बरपा और सीडी के पीछे का सच परत दर परत सामने आने लगा तो लोग चकित रह गये।

सीडी में दिखी महिला ने सुल्तानपुरी थाने पहुंचकर केस दर्ज कराया कि उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीली चीज पिलाकर तब बेहोश कर दिया गया जब वो राशनकार्ड बनवाने मंत्री के दफ्तर पहुंची थी और उसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले में संदीप कुमार गिरफ्तार हो गये और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी सीडी सार्वजनिक होने के आधे घंटे के भीतर संदीप को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया। हालांकि ये सीडी मुख्यमंत्री के पास पहले से होने की बात बतायी गयी। संदीप को पार्टी से भी बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि संदीप ने दावा किया कि उन्हें दलित होने की वजह से बदनाम और परेशान किया जा रहा है।

नये कानून मंत्री दिनेश मोहनिया भी पहुंचे जेल
सोमनाथ भारती के बाद दिल्ली सरकार के कानून मंत्री दिनेश मोहनिया भी कानून की जद में आ गये। उन पर महिला से बदसलूकी का आरोप लगा। इस घटना पर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला करते हुए दिल्ली में इमरजेंसी लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक-एक कर आम आदमी पार्टी विधायकों को फंसाया जा रहा है। दिनेश मोहनियां पर न सिर्फ एक महिला ने बदसलूकी का आरोप लगाया था, बल्कि एक बुजुर्ग ने भी उनके खिलाफ थप्पड़ जड़ने का आरोप लगाया था। गैरजमानती धाराओं की वजह से दिनेश को तिहाड़ जाना पड़ा।

कवि कुमार विश्वास भी नहीं बच सके आरोपों से

कुमार विश्वास को कौन नहीं जानता। नामचीन कवि हैं। अमेठी में राहुल गांधी और स्मृति ईरानी से चुनाव मैदान में लड़ने की हिम्मत दिखा चुके हैं। लेकिन चुनाव मैदान कब उन्होंने अपने ऐशो-आराम का मौका बना लिया, ये खुद उन्हें मालूम हुआ हो या नहीं लेकिन देश ने तब जाना जब उनकी ही पार्टी की कार्यकर्ता ने उन पर अफवाहों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि कुमार विश्वास उन आरोपों का खंडन नहीं कर रहे हैं जिसमें उन्हें बदनाम किया जा रहा है।

ये आरोप उस महिला और कुमार विश्वास के बीच अवैध रिश्ते को लेकर लगाए जा रहे थे। मीडिया में भी खबरें सुर्खियां बनती रहीं, लेकिन कुमार विश्वास खामोश रहे। यहां तक कि जब दिल्ली महिला आयोग ने कुमार विश्वास को समन भेजा, तो वहां जाने से भी वो बचते रहे। देश ने तब आम आदमी पार्टी का वो चेहरा भी देखा जिसमें पार्टी उस महिला का साथ देने के बजाए अपने नेता का ही बचाव करती रही। उल्टे वह अपने राजनीतिक विरोधियों पर षडयंत्र का इल्ज़ाम लगाती रही।

आप विधायक की दबंगई, दी रेप और हत्या की धमकी

आम आदमी पार्टी के विधायक अमानुल्लाह खान पर उनके ही इलाके में रहने वाली एक महिला ने बलात्कार और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया। जुलाई 2016 में लगे इस आरोप ने सनसनी फैला दी। पुलिस ने अमानुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया। अमानुल्ला ओखला से आप विधायक हैं।

10 सितम्बर को जामिया नगर थाने में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के अनुसार विधायक शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहे थे। विधायक पर हमले की कोशिश, शील हरण के लिए बल प्रयोग, आपराधिक धमकी देने, महिला को निर्दयतापूर्वक वश में करने समेत आपराधिक षडयंत्र रचने के आरोप लगे हैं।

आप MLA पर जीत का नशा, कांग्रेस प्रत्याशी के घर घुसकर छेड़छाड़, दबंगई

दिल्ली के सीमापुरी से आम आदमी पार्टी विधायक धर्मेन्द्र कोली पर पूर्व कांग्रेस विधायक के घर में घुसकर छेड़छाड़ और दंगा करने के आरोप हैं। कोली के खिलाफ ये आरोप कांग्रेस नेता वीर सिंह धींघन ने लगाए हैं।

उनका कहना है कि विजय जुलूस के दौरान आप विधायक ने उनके घर के सामने शराब की बातलें फोड़ीं और घर में पटाखों की लड़ी लगा लीं। इस दौरान विधायक ने उनकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ भी किया। हालांकि इन आरोपों को धर्मेन्द्र कोली और उनकी पार्टी ने कांग्रेस की साजिश करार दिया।

आप विधायक रमन पर नौकरी का झांसा देकर बलात्कार का आरोप

आप नेता रमन स्वामी पर 2014 में बलात्कार का केस दर्ज हुआ। एक शादी शुदा महिला ने आरोप लगाया कि स्वामी ने नौकरी का झांसा देकर उनसे दोस्ती की और जबरदस्ती संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि बहाना करके रमन स्वामी उन्हें एक घर में ले गए और बलात्कार किया।

 

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