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पीएम मोदी के विजन का कमाल, ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देखने के लिए उमड़े पर्यटक

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अनावरण के कुछ ही दिनों में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देखने आने वाले वाले पर्यटकों की हुजूम उमड़ने लगी है। अकेले शनिवार को ही दुनिया की इस सबसे विशाल प्रतिमा को देखने के लिए 30 हजार से भी ज्यादा लोग पहुंच गए। आलम ये था कि लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा देखने आने वाले लोगों के चलते नर्मदा जिले के केवड़िया में 10 किलोमीटर से भी लंबा जाम लग गया।

सिर्फ एक हफ्ते में 2.25 करोड़ रुपये की टिकट बिक्री
पांच वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के लिए दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने का जब संकल्प लिया था, उनके मन में तभी से साफ था कि तैयार होने के बाद यह देश-विदेश के सैलानियों के लिए बहुत बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा। आलम ये है कि दिवालियों की छुट्टियों में ही शनिवार तक 75 से 80 हजार लोगों ने 182 मीटर ऊंची विशालकाय प्रतीमा को अपनी आंखों में कैद कर लिया। खबरों के मुताबिक दिवाली के दिन भी यहां पर 16 हजार से ज्यादा दर्शक पहुंच गए, जबकि भाई दूज के दिन भी इनकी संख्या 20 हजार को पार कर गई। एक आंकड़े के मुताबिक देश के पहले गृहमंत्री की यह प्रतिमा सरदार सरोवर निगम लिमिटेड के लिए भी कमाई का बहुत बड़ा माध्यम बन चुका है और पिछले एक हफ्ते में सिर्फ टिकट की बिक्री से 2.25 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर ली है। यही नहीं, यहां पर जो टेंट सिटी बनाया गया है, वो भी पूरी तरह से बुक चल रहे हैं और इलाके के बाकी होटलों में भी जगह मिलने की गुंजाइश नहीं है और वो पूरी तरह से बुक चल रहे हैं।

‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के लिए पीएम मोदी का विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के बारे में हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था- “मेरे लिए आज मन को बहुत संतोष देने वाला पल है। वर्तमान पीढ़ी शायद इस बात का मूल्यांकन नहीं कर पाएगी। जब आज से 25-30 साल के बाद इन घटनाओं का मूल्यांकन होगा तब पता चलेगा। जिस समय सरदार साहब ने राजे-रजवाड़ों का एकीकरण किया तो उस समय आजादी का ऐसा उमंग था कि उस घटना की तरफ ध्यान गया नहीं। लेकिन, आज जब छोटे-छोटे मसलों पर लड़ाइयां हो जाया करती हैं, पानी के मसले पर लड़ाई हो जाती है, भाषा के मसले पर लड़ाई हो जाती है, खान-पान पर लड़ाई हो जाती है, तब लगता है कि सरदार साहब ने कितना बड़ा काम किया है। वैसे ही आज शायद बहुत लोगों को अंदाजा नहीं होगा, लोगों को लगेगा कि चलो भाई टेक्नोलॉजी है, बड़ी इमारत बन गई है, बड़ा स्टैच्यू बन गया है, लेकिन 25-30 साल के बाद इतिहास को देखने के लिए हमारी नई पीढ़ी वहां पहुंचेगी तब उनका सीना चौड़ा हो जाएगा। यानि ये आने वाले युगों का काम हुआ है। आप कल्पना कर सकते हैं कि कितना आनंद होगा।”

पीएम मोदी के चलते पूरे विश्व में बढ़ा है भारत का मान

  • दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’
  • योग दिवस को पूरी दुनिया ने दी मान्यता
  • अंतरराष्ट्रीय सौर एजेंसी की स्थापना और भारत में उसका
  • पहली बार भारत ने एक साथ छोड़े 104 सैटेलाइट
  • अब अंतरराष्ट्रीय आपदा में भारत से मदद मांगती है दुनिया
  • यमन, कुवैत, श्रीलंका और नेपाल में संकट के समय की मदद
  • पहली बार भारत के पीएम को ‘चैम्पियन ऑफ द अर्थ’ अवॉर्ड मिला
  • पहली बार भारतीय पीएम ‘सोल पीस प्राइज’ से सम्मानित

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